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35 क्विंटल राशन का गोलमाल, 406 बच्चों को नहीं मिला एमडीएम का राशन
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बालपुर (गोंडा)। विकास खंड हलधरमऊ के परसा गोडरी में तीन कोटेदार की मिली भगत से 406 बच्चों का 35 क्विंटल राशन का गोलमाल कर दिया गया। ग्राम प्रधान के शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। बच्चे चार माह से राशन की पर्ची लेकर कोटेदार के यहां चक्कर लगा रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन के दौरान बंद चल रहे परिषदीय स्कूलों के बच्चों को एमडीएम के योजना तहत प्रत्येक बच्चों को जो प्राथमिक स्तर पर हैं। उनको 5.100 किलोग्राम चावल व 2 किलो 50 ग्राम गेहूं तथा जूनियर स्तर पर 7 किलो 600 ग्राम चावल व 3 किलो 800 ग्राम गेहूं देने के लिए आदेश जारी कर दिया। राशन कोटेदार से लेने के लिए स्कूल के प्रधानाध्यापक ने सभी बच्चों को पर्ची बनाकर दे दिया। लेकिन चार माह बाद भी बच्चों को राशन नहीं मिला।
ग्राम प्रधान वेदप्रकाश ओझा के मुताबिक गांव में दो स्कूल प्राथमिक स्तर के हैं जिसमें मॉडल प्राथमिक विद्यालय में 193 बच्चे तथा प्राथमिक विद्यालय गांधी ग्राम 107 बच्चे व पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 106 बच्चे हैं। सभी 406 बच्चे प्रतिदिन राशन के लिए कोटेदार के यहां जाते हैं। लेकिन कोटेदार अभी राशन नहीं है कहकर वापस कर देते हैं।
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परसा गोडरी का कोटा फरवरी, मार्च व अप्रैल में बमडेरा कोटेदार के यहां अटैच था और मई जून में नरसिंहपुर कोटेदार के यहाँ अटैच था। अब गांव में ही राजेंद्र तिवारी के पास है। तीनों कोटेदारों के बीच बच्चों का 35 क्विंटल राशन गायब है। ग्राम प्रधान वेदप्रकाश ओझा ने उपजिलाधिकारी व पूर्ति निरीक्षक को पत्र देकर राशन दिलाने की मांग किया है।
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प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन के दौरान बंद चल रहे परिषदीय स्कूलों के बच्चों को एमडीएम के योजना तहत प्रत्येक बच्चों को जो प्राथमिक स्तर पर हैं। उनको 5.100 किलोग्राम चावल व 2 किलो 50 ग्राम गेहूं तथा जूनियर स्तर पर 7 किलो 600 ग्राम चावल व 3 किलो 800 ग्राम गेहूं देने के लिए आदेश जारी कर दिया। राशन कोटेदार से लेने के लिए स्कूल के प्रधानाध्यापक ने सभी बच्चों को पर्ची बनाकर दे दिया। लेकिन चार माह बाद भी बच्चों को राशन नहीं मिला।
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ग्राम प्रधान वेदप्रकाश ओझा के मुताबिक गांव में दो स्कूल प्राथमिक स्तर के हैं जिसमें मॉडल प्राथमिक विद्यालय में 193 बच्चे तथा प्राथमिक विद्यालय गांधी ग्राम 107 बच्चे व पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 106 बच्चे हैं। सभी 406 बच्चे प्रतिदिन राशन के लिए कोटेदार के यहां जाते हैं। लेकिन कोटेदार अभी राशन नहीं है कहकर वापस कर देते हैं।
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परसा गोडरी का कोटा फरवरी, मार्च व अप्रैल में बमडेरा कोटेदार के यहां अटैच था और मई जून में नरसिंहपुर कोटेदार के यहाँ अटैच था। अब गांव में ही राजेंद्र तिवारी के पास है। तीनों कोटेदारों के बीच बच्चों का 35 क्विंटल राशन गायब है। ग्राम प्रधान वेदप्रकाश ओझा ने उपजिलाधिकारी व पूर्ति निरीक्षक को पत्र देकर राशन दिलाने की मांग किया है।