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40 ईंट भट्ठों पर कार्रवाई की तैयारी
amar ujala
Updated Fri, 03 Mar 2017 11:39 PM IST
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वाणिज्य कर विभाग शासन की ओर से निर्धारित समाधान योजना न अपनाने पर जिले के 40 ईंट भट्ठों पर अस्थायी कर निर्धारण के कार्रवाई की तैयारी में है। ऐसे लोगों को बार बार निर्देश दिये जाने के बावजूद समाधान नही लिया। शासन की ओर से समाधान न अपनाने वाले ईंट भट्ठा संचालकों को 25 मार्च तक का समय दिया गया है।
जिले में वाणिज्य कर विभाग के मुताबिक कुल 338 ईंट भट्ठे संचालित हैं। ईंट भट्ठों से उनके ईंट प्रोडक्शन के मुताविक कर निर्धारण के लिए शासन की ओर से एक मुश्त समाधान योजना संचालित की गई है। इस योजना के तहत ईंट भट्ठा संचालकों को कर भुगतान में रियायत मिल जाती है।
इस योजना के तहत 198 ईंट भट्ठा संचालकों की ओर से समाधान लिया गया है। 40 ईंट भट्ठे वैसे ही चल रहे हैं। इस बावत वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर कार्यपालक दिनेश कुमार ने बताया कि इनका सर्वेक्षण कर इनकी जांच एसआईबी से करायी जाएगी। इसके बाद इनसे अस्थायी कर निर्धारण की डिमाण्ड की नोटिस जारी की जाएगी। कर निर्धारण समाधान योजना में औसत देय धनराशि से कम नही होगी। उन्होंने बताया कि 25 मार्च से पहले समाधान न लेने वाले कार्रवाई की जद में आएंगे।
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जीएसटीएन में अपनी आईडी माइग्रेट न कराने वाले 631 व्यापारियों का रजिस्ट्रेशन कभी भी निरस्त हो सकता है। एक जुलाई 2017 से जीएसटी लागू होने की संभावना है। जिले के 4286 व्यापारियों को वाणिज्य कर विभाग की ओर से आईडी आवंटित की जा चुकी है।
वाणिज्य कर विभाग में वैट के तहत पंजीकृत इन व्यापारियों को अब जीएसटी में अपनी आईडी माइग्रेट करनी है। अभी तक 3655 व्यापारियों ने ही जीएसटीएन में माइग्रेट किया है। वाणिज्य कर गोंडा संभाग के ज्वाइंट कमिश्नर कार्यपालक दिनेश कुमार ने बताया कि व्यापारियों को अपनी आईडी जीएसटीएन में माईग्रेट करने का 15 मार्च तक आखिरी समय है इसके बाद व्यापारियों का पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा।
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जिले में वाणिज्य कर विभाग के मुताबिक कुल 338 ईंट भट्ठे संचालित हैं। ईंट भट्ठों से उनके ईंट प्रोडक्शन के मुताविक कर निर्धारण के लिए शासन की ओर से एक मुश्त समाधान योजना संचालित की गई है। इस योजना के तहत ईंट भट्ठा संचालकों को कर भुगतान में रियायत मिल जाती है।
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इस योजना के तहत 198 ईंट भट्ठा संचालकों की ओर से समाधान लिया गया है। 40 ईंट भट्ठे वैसे ही चल रहे हैं। इस बावत वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर कार्यपालक दिनेश कुमार ने बताया कि इनका सर्वेक्षण कर इनकी जांच एसआईबी से करायी जाएगी। इसके बाद इनसे अस्थायी कर निर्धारण की डिमाण्ड की नोटिस जारी की जाएगी। कर निर्धारण समाधान योजना में औसत देय धनराशि से कम नही होगी। उन्होंने बताया कि 25 मार्च से पहले समाधान न लेने वाले कार्रवाई की जद में आएंगे।
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जीएसटीएन में अपनी आईडी माइग्रेट न कराने वाले 631 व्यापारियों का रजिस्ट्रेशन कभी भी निरस्त हो सकता है। एक जुलाई 2017 से जीएसटी लागू होने की संभावना है। जिले के 4286 व्यापारियों को वाणिज्य कर विभाग की ओर से आईडी आवंटित की जा चुकी है।
वाणिज्य कर विभाग में वैट के तहत पंजीकृत इन व्यापारियों को अब जीएसटी में अपनी आईडी माइग्रेट करनी है। अभी तक 3655 व्यापारियों ने ही जीएसटीएन में माइग्रेट किया है। वाणिज्य कर गोंडा संभाग के ज्वाइंट कमिश्नर कार्यपालक दिनेश कुमार ने बताया कि व्यापारियों को अपनी आईडी जीएसटीएन में माईग्रेट करने का 15 मार्च तक आखिरी समय है इसके बाद व्यापारियों का पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा।