{"_id":"578d1b8f4f1c1b0b7ac4b85f","slug":"39-overhead-water-tank-will-be-built","type":"story","status":"publish","title_hn":"39 वाटर ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
39 वाटर ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे
अमर उजाला/गोंडा
Updated Mon, 18 Jul 2016 11:40 PM IST
विज्ञापन
पानी की टंकी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के लिए 39 ग्राम पंचायतों में 39 करोड़ रुपये से वाटर ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे। वाटर ओवरहेड टैंक का निर्माण हो जाने से 39 ग्राम पंचायतों की करीब दो लाख आबादी को स्वच्छ पानी मिल सकेगा। ग्राम विकास विभाग की ओर से नीर निर्मल परियोजना के तहत ग्राम पंचायतों में ओवरहेड टैंक बनाए जाने का कार्य शुरू हो गया है। पानी टंकियों के निर्माण का कार्य जल निगम को दिया गया है।
जिले में पिछले कुछ साल से न सिर्फ जल स्तर गड़बड़ाया है, बल्कि पानी की क्वालिटी भी काफी खराब पायी गई है। जिले के जल में भौतिक, रासायनिक व जैविक प्रदूषण पाये जाने की रिपोर्ट है, जो इंसान की सेहत के लिए काफी खतरनाक है।
इसी रिपोर्ट पर वर्ल्ड बैंक की नीर निर्मल परियोजना से जिले में लोगों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के लिए वाटर ओवर हेड टैंकों का निर्माण कराया जा रहा है। ग्राम विकास विभाग के जिला प्रबंधन इकाई की ओर से परियोजना के तहत पानी टंकियों के हो रहे निर्माण कार्य की मॉनीटरिंग की जाएगी। परियोजना प्रबंधक सुमित कुमार ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के पूरा हो जाने पर दोबारा लक्ष्य मिलने पर अन्य ग्राम पंचायतों में भी टंकी बनाने का कार्य होगा।
विज्ञापन
ग्राम पंचायतों में ओवर हेड टैंक का स्वच्छ जल इस्तेमाल करने वाले परिवार को टैंक की लागत का एक प्रतिशत अंशदान देना होगा। इस अंशदान को ग्राम पंचायत की ग्राम पेयजल समिति जमा कराएगी। ग्राम समितियां इस अंशदान के पैसे को टैंकों के रखरखाव, रंगाई पुताई आदि पर खर्च करेंगी।
जिला परियोजना प्रबंधन इकाई के मूल्यांकन और अनुश्रवण सलाहकार देवेश मिश्र का कहना है कि ग्राम पंचायतवासियों पर यह कोई भार शुल्क नहीं लिया जा रहा है। यह सरकार की ओर से घोषित अंशदान है जो टैंक की लागत का एक प्रतिशत पानी इस्तेमाल करने वाले परिवार से केवल एक बार लिया जाएगा, ताकि वहां स्वच्छता बरकरार रखी जा सके।
इन ग्राम पंचायतों में बनेगी पानी टंकी
* रामपुर खरहटा * चेतपुर * नगवा * बनघुसरा * परसापुर महडौर * मोहनपुर * डल्लापुर * डुमरियाडीह * पारा * भभुआ * मेहरानाबाद * कोटिया नदारा * परसागोडरी * दतौली * मछलीगांव नानकार * मिश्रौलिया कला * पंचपुती जगतापुर * लमती उकरहवा * ज्ञानीपुर * कुड़ासन * लालपुर धौताल * सरैयां नाहूं * गोगिया * लोनावा दरगाह * धनईपट्टी * ढोंढ़ेपुर * बनगांव * माधवगंज * पूरे हाड़ा * करमडीह कला * अहिरौलिया * करूआपारा * श्रीनगर * बिहुरी * बिहुरी * बासदेव पुर ग्रण्ट * सकदरपुर * रानीजोत * बखरौली * पायरखास आदि शामिल हैं।
विज्ञापन
जिले में पिछले कुछ साल से न सिर्फ जल स्तर गड़बड़ाया है, बल्कि पानी की क्वालिटी भी काफी खराब पायी गई है। जिले के जल में भौतिक, रासायनिक व जैविक प्रदूषण पाये जाने की रिपोर्ट है, जो इंसान की सेहत के लिए काफी खतरनाक है।
विज्ञापन
इसी रिपोर्ट पर वर्ल्ड बैंक की नीर निर्मल परियोजना से जिले में लोगों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के लिए वाटर ओवर हेड टैंकों का निर्माण कराया जा रहा है। ग्राम विकास विभाग के जिला प्रबंधन इकाई की ओर से परियोजना के तहत पानी टंकियों के हो रहे निर्माण कार्य की मॉनीटरिंग की जाएगी। परियोजना प्रबंधक सुमित कुमार ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के पूरा हो जाने पर दोबारा लक्ष्य मिलने पर अन्य ग्राम पंचायतों में भी टंकी बनाने का कार्य होगा।
विज्ञापन
ग्राम पंचायतों में ओवर हेड टैंक का स्वच्छ जल इस्तेमाल करने वाले परिवार को टैंक की लागत का एक प्रतिशत अंशदान देना होगा। इस अंशदान को ग्राम पंचायत की ग्राम पेयजल समिति जमा कराएगी। ग्राम समितियां इस अंशदान के पैसे को टैंकों के रखरखाव, रंगाई पुताई आदि पर खर्च करेंगी।
जिला परियोजना प्रबंधन इकाई के मूल्यांकन और अनुश्रवण सलाहकार देवेश मिश्र का कहना है कि ग्राम पंचायतवासियों पर यह कोई भार शुल्क नहीं लिया जा रहा है। यह सरकार की ओर से घोषित अंशदान है जो टैंक की लागत का एक प्रतिशत पानी इस्तेमाल करने वाले परिवार से केवल एक बार लिया जाएगा, ताकि वहां स्वच्छता बरकरार रखी जा सके।
इन ग्राम पंचायतों में बनेगी पानी टंकी
* रामपुर खरहटा * चेतपुर * नगवा * बनघुसरा * परसापुर महडौर * मोहनपुर * डल्लापुर * डुमरियाडीह * पारा * भभुआ * मेहरानाबाद * कोटिया नदारा * परसागोडरी * दतौली * मछलीगांव नानकार * मिश्रौलिया कला * पंचपुती जगतापुर * लमती उकरहवा * ज्ञानीपुर * कुड़ासन * लालपुर धौताल * सरैयां नाहूं * गोगिया * लोनावा दरगाह * धनईपट्टी * ढोंढ़ेपुर * बनगांव * माधवगंज * पूरे हाड़ा * करमडीह कला * अहिरौलिया * करूआपारा * श्रीनगर * बिहुरी * बिहुरी * बासदेव पुर ग्रण्ट * सकदरपुर * रानीजोत * बखरौली * पायरखास आदि शामिल हैं।