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भोज में खाना खाकर 36 बीमार

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2020 10:57 PM IST
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गोंडा के ऊंचे झंझरी गांव में फूड प्वायजनिंग के बाद निजी अस्पताल में भर्ती मरीज।
गोंडा के ऊंचे झंझरी गांव में फूड प्वायजनिंग के बाद निजी अस्पताल में भर्ती मरीज। - फोटो : GONDA

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गोंडा। शहर से सटे झंझरी ब्लॉक के ऊंचे झंझरी गांव में एक भोज का खाना खाकर 36 लोग बीमार पड़ गये। इसमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। बीमार सभी लोगों को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही बताई जा रही है। रात भर लोग परेशान रहे और मदद के लिए एंबुलेंस और कंट्रोल रूम पर फोन घुमाते रहे लेकिन कोई भी गांव में इलाज और मरीजों के सहयोग के लिए नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश भी है।
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बता दें कि ऊंचे झंझरी गांव में त्रिवेणी दूबे के यहां एक भोज का कार्यक्रम मंगलवार दोपहर से लेकर शाम तक चलता रहा। बताया जा रहा है कि जिसने भी वहां भोज में खाना खाया उसकी तबीयत शाम होते-होते बिगड़ती गई। लगभग तीन दर्जन से अधिक लोग फूड प्वॉयजनिंग का शिकार हो गये। ग्रामीणों के मुताबिक लोगों ने 108 एंबुलेंस और कंट्रोल रूम का फोन कई दफा मिलाया लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। पूरी रात लोग उल्टी, दस्त आदि से परेशान रहे। उनमें से कुछ लोग बेहोश भी हो गए। बुधवार की सुबह सभी पीड़ित आकर शहर के आईटीआई रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती हो गये। अस्पताल में सौरभ, रोहित, रौनक, अतुल, सावित्री और गीता सहित दर्जनों लोग भर्ती हैं। वहां सभी का इलाज चल रहा है। इनमें से कुछ लोगों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। करीब आधा दर्जन लोग इलाज कराकर घर लौट गये हैं।

डीएम हेल्पलाइन पर फोन का भी नहीं असर
जब स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला तक गांव वालों ने डीएम हेल्पलाइन पर फोन मिलाया। फोन पर जल्द मदद का आश्वासन दिया गया। लेकिन फिर भी रात में कोई स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में झांकने नहीं गया। सुबह 10 बजे के बाद कुछ लोग पहुंचे और पैरासिटामाल गोली देकर लौट आये। किसी की हाल खबर किसी ने नहीं लिया।
इलाज नहीं पहले कोरोना की जांच कराओ
बताया जा रहा है कि जब सीएमओ हेल्पलाइन और स्वास्थ्य विभाग के कुछ अफसरों के फोन मिलाया गया तो उन्होंने साफ कहा कि पहले सभी की कोरोना जांच कराइये तब इलाज होगा। ऐसे में विभाग की लापरवाही से गांव के कईयों की जान को खतरा उत्पन्न हो गया था। जब लोग पहुंचे भी तो केवल एक पैरासिटामाल की गोली देकर लौट आये।
मुझे कोई जानकारी नहीं
झंझरी ब्लॉक के ऊंचे झंझरी गांव में लगभग तीन दर्जन लोगों के बीमार होने के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। अगर किसी ने जानकारी के बाद भी लापरवाही बरती है तो कार्रवाई होगी। मैं तुरंत ही वहां सहायता के लिए टीम भेजती हूूं। -डॉ. मधु गैरोला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

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