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तेजी से घटने लगा बाढ़ का पानी पर समस्या बरकरार
Updated Mon, 21 Aug 2017 11:19 PM IST
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घटने लगा बाढ़ का पानी पर समस्याएं बरकरार
सभी जरूरतमंदों को नहीं मिली सहायता, लगाया प्रशासन पर आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
करनैलगंज (गोंडा)। सोमवार को घाघरा का जलस्तर तेजी से घटने लगा। इससे कई गांवों का पानी वापस नदी की ओर चला गया। इसके बावजूद अभी कई गांव हैं जहां पानी भरा हुआ है। जिसमें नकहरा, काशीपुर, अतरसुइया, प्रतापपुर, घरकुइंया, रेक्सड़िया, पूरेअंगद, पूरेअजब एवं बहुवन मदार माझा सहित अन्य ग्राम पंचायतें शामिल हैं। अभी भी इन ग्राम पंचायतों के लगभग सभी मजरों के लोग बाढ़ की मुसीबत झेल रहे हैं। मगर उन तक अभी प्रशासन राहत सामाग्री पहुंचा पाने में विफल है।
वहीं मुख्यमंत्री के आगमन पर सभी बाढ़ पीड़ितों को नि:शुल्क 5-5 लीटर केरोसिन वितरित किये जाने का फरमान जारी हुआ था, जो परवान नहीं चढ़ सका। 8 दिन बीतने के बाद भी पीड़ितों को तेल नसीब नही हो सका है। जिससे उन्हें ढिबरी की रोशनी भी नसीब नहीं हो रही है। नदी का जल स्तर घटने के बाद क्षेत्र से बाढ़ का पानी काफी तेज गति से नदी की तरफ भागने लगा। फिर भी बांध के समीप की सभी ग्राम पंचायतों में पानी का जमाव बना हुआ है। किसी को केरोसिन मिला है तो किसी को राशन किट, किसी को तिरपाल मिला है तो किसी को जेरीकेन। ऐसे में उनका दिन कैसे बीत रहा इसकी चिंता अधिकारियों को नहीं है। उन्हें तो केवल कागज का पेट भरकर अपनी डियुटी पूरी दिखाने की चिंता बनी रहती है। ग्राम पंचायत पूरे अजब के ग्राम प्रधान सिद्धनाथ निषाद ने बताया कि उनका ग्राम पंचायत अभी भी पूरी तरह से प्रभावित है। उनके यहां कुल 620 परिवार हैं जिनमें से 217 पीड़ितों को अभी तक राशन किट दिया गया है। वहीं 280 पीड़ितों को 5-5 लीटर नि:शुल्क किरोसिन तेल प्राप्त हुआ है। शेष सभी पीड़ितों का दिन कैसे गुजर रहा है, यह केवल ईश्वर ही जान सकता है। ग्राम पंचायत पूरे अंगद के ग्राम प्रधान रामपाल यादव ने बताया कि पूरे ग्राम पंचायत में कुल 690 परिवार हैं। जिनमें से 250 पीड़ितों को राशन किट व 300 लोगों को मिट्टी का तेल दिया गया है। ग्राम बसेरिया के प्रधान प्रतिनिधि अकबाल खां कहते हैं कि उनके ग्राम पंचायत में कुल 1525 परिवार हैं। जिनमें से 300 लोगों को राशन किट व 135 लोगों को किरोसिन तेल अभी तक मिल पाया है। ग्राम नकहरा के प्रधान प्रतिनिधि महेश गुप्ता ने बताया कि हमारे गांव में कुल 545 परिवार है। पहले प्रशासन सबका पूरा खयाल रखता था। एक माह पूर्व सभी को राशन किट मिला और मिट्टी का तेल भी जो कई दिन पूर्व खत्म हो चुका है। पीड़ितों के पास खाने के लिए अब कुछ नही है। वह भुखमरी के कगार पर हैं फिर भी प्रशासन उनकी समस्या पर ध्यान नही दे रहा है।
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सभी जरूरतमंदों को नहीं मिली सहायता, लगाया प्रशासन पर आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
करनैलगंज (गोंडा)। सोमवार को घाघरा का जलस्तर तेजी से घटने लगा। इससे कई गांवों का पानी वापस नदी की ओर चला गया। इसके बावजूद अभी कई गांव हैं जहां पानी भरा हुआ है। जिसमें नकहरा, काशीपुर, अतरसुइया, प्रतापपुर, घरकुइंया, रेक्सड़िया, पूरेअंगद, पूरेअजब एवं बहुवन मदार माझा सहित अन्य ग्राम पंचायतें शामिल हैं। अभी भी इन ग्राम पंचायतों के लगभग सभी मजरों के लोग बाढ़ की मुसीबत झेल रहे हैं। मगर उन तक अभी प्रशासन राहत सामाग्री पहुंचा पाने में विफल है।
वहीं मुख्यमंत्री के आगमन पर सभी बाढ़ पीड़ितों को नि:शुल्क 5-5 लीटर केरोसिन वितरित किये जाने का फरमान जारी हुआ था, जो परवान नहीं चढ़ सका। 8 दिन बीतने के बाद भी पीड़ितों को तेल नसीब नही हो सका है। जिससे उन्हें ढिबरी की रोशनी भी नसीब नहीं हो रही है। नदी का जल स्तर घटने के बाद क्षेत्र से बाढ़ का पानी काफी तेज गति से नदी की तरफ भागने लगा। फिर भी बांध के समीप की सभी ग्राम पंचायतों में पानी का जमाव बना हुआ है। किसी को केरोसिन मिला है तो किसी को राशन किट, किसी को तिरपाल मिला है तो किसी को जेरीकेन। ऐसे में उनका दिन कैसे बीत रहा इसकी चिंता अधिकारियों को नहीं है। उन्हें तो केवल कागज का पेट भरकर अपनी डियुटी पूरी दिखाने की चिंता बनी रहती है। ग्राम पंचायत पूरे अजब के ग्राम प्रधान सिद्धनाथ निषाद ने बताया कि उनका ग्राम पंचायत अभी भी पूरी तरह से प्रभावित है। उनके यहां कुल 620 परिवार हैं जिनमें से 217 पीड़ितों को अभी तक राशन किट दिया गया है। वहीं 280 पीड़ितों को 5-5 लीटर नि:शुल्क किरोसिन तेल प्राप्त हुआ है। शेष सभी पीड़ितों का दिन कैसे गुजर रहा है, यह केवल ईश्वर ही जान सकता है। ग्राम पंचायत पूरे अंगद के ग्राम प्रधान रामपाल यादव ने बताया कि पूरे ग्राम पंचायत में कुल 690 परिवार हैं। जिनमें से 250 पीड़ितों को राशन किट व 300 लोगों को मिट्टी का तेल दिया गया है। ग्राम बसेरिया के प्रधान प्रतिनिधि अकबाल खां कहते हैं कि उनके ग्राम पंचायत में कुल 1525 परिवार हैं। जिनमें से 300 लोगों को राशन किट व 135 लोगों को किरोसिन तेल अभी तक मिल पाया है। ग्राम नकहरा के प्रधान प्रतिनिधि महेश गुप्ता ने बताया कि हमारे गांव में कुल 545 परिवार है। पहले प्रशासन सबका पूरा खयाल रखता था। एक माह पूर्व सभी को राशन किट मिला और मिट्टी का तेल भी जो कई दिन पूर्व खत्म हो चुका है। पीड़ितों के पास खाने के लिए अब कुछ नही है। वह भुखमरी के कगार पर हैं फिर भी प्रशासन उनकी समस्या पर ध्यान नही दे रहा है।
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