{"_id":"6a2d605bbeb16e390a00bcd8","slug":"3-60-crore-scam-in-indian-bank-society-in-gonda-fir-registered-against-69-bank-officials-and-employees-2026-06-13","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP News: इंडियन बैंक की सोसाइटी में 3.60 करोड़ का घोटाला, 69 बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP News: इंडियन बैंक की सोसाइटी में 3.60 करोड़ का घोटाला, 69 बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज
Sat, 13 Jun 2026 07:21 PM IST
Bhupendra Singh
अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा
अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा
Published by: Bhupendra Singh
Updated Sat, 13 Jun 2026 07:21 PM IST
सार
गोंडा में इंडियन बैंक की सोसाइटी में 3.60 करोड़ का घोटाला सामने आया है। मामले में 69 बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। पूरा मामला इंडियन बैंक इंप्लाइज क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी का है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
इंडियन बैंक की सोसाइटी में 3.60 करोड़ का घोटाला।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
विस्तार
यूपी के गोंडा में इंडियन बैंक इंप्लाइज क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड में करीब 23 वर्ष में 3.60 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के आदेश पर सोसाइटी के सचिव की तहरीर पर बैंक के 69 अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ नगर कोतवाली में गबन, वित्तीय अनियमितता और पद के दुरुपयोग की एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि वर्ष 1997 से 2020 के बीच सोसाइटी की तीन करोड़ 60 लाख 16 हजार रुपये की धनराशि का गबन किया गया। ब्याज जोड़ने पर यह रकम बढ़कर चार करोड़ 90 लाख आठ हजार 373 रुपये से अधिक हो चुकी है।
शहर के पटेल नगर में रहने वाले इंडियन बैंक इंप्लाइज क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के सचिव रवींद्र कुमार श्रीवास्तव ने नगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें बताया कि जब कथित गबन हुआ, उस समय बैंक का नाम इलाहाबाद बैंक था। बाद में इलाहाबाद बैंक का विलय इंडियन बैंक में हो गया। शिकायत के अनुसार, सोसाइटी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए वर्षों तक वित्तीय अनियमितताएं कीं और सोसाइटी की धनराशि का दुरुपयोग किया।
विज्ञापन
शहर के पटेल नगर में रहने वाले इंडियन बैंक इंप्लाइज क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के सचिव रवींद्र कुमार श्रीवास्तव ने नगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें बताया कि जब कथित गबन हुआ, उस समय बैंक का नाम इलाहाबाद बैंक था। बाद में इलाहाबाद बैंक का विलय इंडियन बैंक में हो गया। शिकायत के अनुसार, सोसाइटी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए वर्षों तक वित्तीय अनियमितताएं कीं और सोसाइटी की धनराशि का दुरुपयोग किया।
विज्ञापन
कई बार नोटिस के बाद भी धनराशि वापस नहीं मिली
सचिव का आरोप है कि मामले सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने-अपने हिस्से की धनराशि ब्याज सहित जमा करने का सोसाइटी से लिखित अनुबंध किया था। इसके बावजूद आरोपियों ने निर्धारित धनराशि जमा नहीं की। कई बार नोटिस दिए जाने और विभागीय स्तर पर प्रयास के बाद भी जब धनराशि वापस नहीं मिली तो मामले की शिकायत डीएम, एसपी व मुख्यमंत्री स्तर तक की गई। कार्रवाई न होने पर न्यायालय की शरण ली गई। इसके बाद अब सीजेएम के आदेश पर एफआईआर दर्ज हुई है। सीओ सिटी आनंद कुमार राय ने बताया कि पुलिस जांच कर रही है।23 साल के दौरान हुआ घोटाला
इंडियन बैंक की प्रधान शाखा में वर्ष 1997 से 2020 के बीच 23 साल के दौरान यह घोटाला हुआ है। इस दौरान बैंक में वरिष्ठ प्रबंधक से लेकर कैशियर व विभिन्न पदों पर तैनात रहे 69 अधिकारी व कर्मचारी तैनात रहे, जिन पर आरोप है। फिलहाल मामले की जांच बैंक स्तर से लीड बैंक मैनेजर कर रहे हैं। एलडीएम विनोद कुमार तिवारी का कहना है कि मामला जानकारी में आया है। अभी व्यक्तिगत काम से बाहर हूं। लौटने पर मामले की जांच की जाएगी।
विज्ञापन