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भुखमरी के कगार पर प्रदेश के 3.5 लाख वित्तविहीन शिक्षक
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बालपुर(गोंडा)। कोरोना महामारी के चलते पांच माह से स्कूल बंद चल रहे हैं। प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में 87 प्रतिशत शिक्षा का भार वित्तविहीन शिक्षकों पर है, लेकिन सरकार प्रदेश के 3.5 लाख शिक्षकों पर ध्यान नहीं दे रही है। स्कूल बंद होने से स्कूल के प्रबंधक बच्चों से शुल्क नहीं ले रहे हैं। जबकि बच्चों की फीस से ही वित्तविहीन शिक्षकों को वेतन मिल रहा था।
जब प्रबंधक बच्चों से स्कूल की फीस नहीं लेंगे तो वेतन भी नहीं दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में वित्तविहीन शिक्षकों के सामने परिवार चलाने में भारी परेशानी होती है। सोमवार को वित्तविहिन शिक्षक महासभा के जिला अध्यक्ष रमेश मिश्र की अगुवाई में जिले के सैकड़ों शिक्षकों ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री को जिला अधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजकर गुहार लगाई है।
ज्ञापन में कहा कि इस बहुसंख्यक शिक्षक समुदाय को 15 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। यदि 10 जुलाई के पहले कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश के साढ़े तीन लाख शिक्षक सड़क पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे। शिक्षक उग्र आंदोलन करने के लिए विवश हो जाएंगे। ज्ञापन देने वालों में प्रदेश महासचिव उमेश सिंह, जिला महामंत्री सुनील शुक्ल, मंडलीय मंत्री भोलानाथ मिश्र, किशोर कुमार तिवारी, महेंद्र सिंह, संतोष शुक्ल, अनिल उपाध्याय, रामचरन, दुर्गेश गुप्ता, बाबूलाल तिवारी, वरुण मिश्र, दिनेश ओझा सहित वित्तविहीन शिक्षक मौजूद रहे।
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जब प्रबंधक बच्चों से स्कूल की फीस नहीं लेंगे तो वेतन भी नहीं दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में वित्तविहीन शिक्षकों के सामने परिवार चलाने में भारी परेशानी होती है। सोमवार को वित्तविहिन शिक्षक महासभा के जिला अध्यक्ष रमेश मिश्र की अगुवाई में जिले के सैकड़ों शिक्षकों ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री को जिला अधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजकर गुहार लगाई है।
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ज्ञापन में कहा कि इस बहुसंख्यक शिक्षक समुदाय को 15 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। यदि 10 जुलाई के पहले कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश के साढ़े तीन लाख शिक्षक सड़क पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे। शिक्षक उग्र आंदोलन करने के लिए विवश हो जाएंगे। ज्ञापन देने वालों में प्रदेश महासचिव उमेश सिंह, जिला महामंत्री सुनील शुक्ल, मंडलीय मंत्री भोलानाथ मिश्र, किशोर कुमार तिवारी, महेंद्र सिंह, संतोष शुक्ल, अनिल उपाध्याय, रामचरन, दुर्गेश गुप्ता, बाबूलाल तिवारी, वरुण मिश्र, दिनेश ओझा सहित वित्तविहीन शिक्षक मौजूद रहे।
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