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पानी से घिरे 25 गांव
अमर उजाला/बलरामपुर
Updated Mon, 18 Jul 2016 11:37 PM IST
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पानी से गुजरते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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बीते तीन दिनों से पहाड़ों पर हो रही तेज बारिश के कारण खरझार पहाड़ी नाला उफना गया है। नाले के उफनाने से क्षेत्र के करीब 25 गांव पानी से घिर गए हैं। महराजगंज तराई-ललिया मार्ग पर नाले का पानी भर जाने से आवागमन बाधित हो गया है। लोग जान जोखिम में डालकर किसी तरह आवागमन कर रहे हैं। नाले में पानी के तेज बहाव से कटान भी शुरू हो गई है। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताया।
सोमवार को सुबह खरझार पहाड़ी नाले में आए उफान के कारण साहेबनगर, लोहेपनिया, महराजगंज, बल्देवनगर, ललिया, तिवारीडीह, प्यारेडीह, लैबुड्डी, लैबुडवा, बुडंतापुर, नन्हुआपुर व बनकटवा समेत करीब 25 गांव पानी से घिर गए हैं। इन गांवों के किसानों की फसलें भी पानी में डूब गई हैं।
बाढ़ के चलते महराजगंज तराई-ललिया मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है। लोग जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से होकर गुजर रहे हैं। यही नहीं कई लोग पानी ज्यादा होने के कारण या तो वापस घर लौट गए या फिर घंटों पानी कम होने का इंतजार करते रहे।
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ग्राम कमदा निवासी हेमंत कुमार ने बताया कि वह अपने बच्चे का इलाज कराने महराजगंज अस्पताल जा रहे थे। पानी ज्यादा होने के कारण उन्हें नाला पार करने के लिए दो घंटे इंतजार करना पड़ा। बड़कऊ, भुर्रे तथा शफीक ने बताया कि पानी ज्यादा होने के कारण लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लैबुडवा के ग्राम प्रधान मोहम्मद उमर व संघर्ष सेवा समिति के अध्यक्ष राजेंद्र वर्मा का कहना है कि पहाड़ी नाले की बाढ़ से क्षेत्र को बचाने के लिए क्षेत्र के लेाग कई साल से आंदोलन कर रहे है, लेकिन शासन-प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। उधर, भारी बारिश के चलते सिरिया, धोबैनिया व नकटी पहाड़ी नालों के साथ-साथ राप्ती नदी के जलस्तर में भी वृद्धि हो रही है।
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सोमवार को सुबह खरझार पहाड़ी नाले में आए उफान के कारण साहेबनगर, लोहेपनिया, महराजगंज, बल्देवनगर, ललिया, तिवारीडीह, प्यारेडीह, लैबुड्डी, लैबुडवा, बुडंतापुर, नन्हुआपुर व बनकटवा समेत करीब 25 गांव पानी से घिर गए हैं। इन गांवों के किसानों की फसलें भी पानी में डूब गई हैं।
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बाढ़ के चलते महराजगंज तराई-ललिया मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है। लोग जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से होकर गुजर रहे हैं। यही नहीं कई लोग पानी ज्यादा होने के कारण या तो वापस घर लौट गए या फिर घंटों पानी कम होने का इंतजार करते रहे।
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ग्राम कमदा निवासी हेमंत कुमार ने बताया कि वह अपने बच्चे का इलाज कराने महराजगंज अस्पताल जा रहे थे। पानी ज्यादा होने के कारण उन्हें नाला पार करने के लिए दो घंटे इंतजार करना पड़ा। बड़कऊ, भुर्रे तथा शफीक ने बताया कि पानी ज्यादा होने के कारण लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लैबुडवा के ग्राम प्रधान मोहम्मद उमर व संघर्ष सेवा समिति के अध्यक्ष राजेंद्र वर्मा का कहना है कि पहाड़ी नाले की बाढ़ से क्षेत्र को बचाने के लिए क्षेत्र के लेाग कई साल से आंदोलन कर रहे है, लेकिन शासन-प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। उधर, भारी बारिश के चलते सिरिया, धोबैनिया व नकटी पहाड़ी नालों के साथ-साथ राप्ती नदी के जलस्तर में भी वृद्धि हो रही है।