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क्रय केंद्रों पर डंप पड़ा 23 हजार एमटी धान, खरीद प्रभावित
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गोंडा में मनकापुर के सरकारी गोदाम में डम्प धान।
- फोटो : GONDA
गोंडा। जिले 98 क्रय केंद्रों पर करीब 47,797 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। जिसमें 22691 मीट्रिक टन धान केंद्रों पर डंप है। क्रय केंद्रों पर जगह न होने से किसानों की धान खरीद प्रभावित हो रही है। ऑनलाइन टोकन से किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में धान खरीद की गति तेज होते गोदामों पर जगह न होने से खरीद प्रभावित हो रही है। अभी तक 98 क्रय केंद्रों पर 7540 किसानों से 47,797 एमटी धान की खरीद की गई, जिसमें 25,105 एमटी धान की कुटाई के लिए राइस मिलर्स को भेजा गया।
वहीं, 22,691 एमटी धान क्रय केंद्रों पर डंप है। क्रय केंद्रों पर जगह व बोरे की कमी से धान खरीद प्रभावित हो रही है। लेकिन अनुबंध में देरी से कुटाई देरी में शुरू हुई। जहां खरीद प्रभावित हो रही है, वहीं राइस मिलर्स के यहां जगह न होने से धान का उठान नहीं कर रहे हैं। विभाग ने बारिश से बचने के लिए केंद्रों पर डंप धान पर पॉलीथिन डाल दी गई है।
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धान खरीद प्रक्रिया को सुचारु व पारदर्शी बनाने के लिए शासन ने आनलाइन टोकन की प्रक्रिया शुरू की है। इससे पूर्व क्रय केंद्र पर धान पहुंचाकर खरीदे जाने का इंतजार कर रहे किसानों की मुश्किल बढ़ गई है। केंद्र प्रभारी उन्हें पहले ऑनलाइन टोकन जनरेट कराने का फरमान सुना रहे हैं।
धान खरीद में पहले ऑफलाइन टोकन व नंबर की प्रक्रिया चल रही थी। इसमें काफी धांधली की शिकायत मिल रही थी। केंद्र प्रभारी मनमाने तरीके से खरीद कर रहे थे। इसकी शिकायत शासन स्तर तक पहुंची तो प्रणाली में बदलाव कर दिया। ऑनलाइन टोकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
लेकिन टोकन निकालने में किसानों को परेशानी हो रही है। सबसे अधिक उन किसानों को दिक्कत है जो अपनी उपज क्रय केंद्र पर पहले ही रख दी है। केंद्र प्रभारी अब उन्हें आनलाइन टोकन जारी करवाने के बाद अनाज खरीदने की बात कह रहे हैं। मंगलवार को हल्की बारिश व बूंदा-बांदी से क्रय केंद्रों और खलिहान में रखा किसानों का अनाज भींगकर खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
डिप्टी आरएमओ प्रज्ञा मिश्रा ने बताया कि खराब मौसम को देखते हुए केंद्र प्रभारियों को निर्देशित कर दिया गया है कि यदि केंद्र पर कोई किसान धान लेकर पहुंच गया है तो उसे वापस न किया जाए पहले उसकी खरीद कर ली जाए ताकि किसानों का धान न भीगे।
शासन ने मिलर्स को कुटाई की क्षमता के अनुसार ही धान लेने का निर्देश दिया है। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि धान कुटाई के लिए अनुबंधित 13 मिले हर रोज औसतन 8-9 हजार क्विंटल धान की कुटाई ही हर पा रही है। इस समय केंद्रों पर करीब 20 हजार क्विंटल धान की खरीद होती है ऐसे में क्रय केंद्रों पर धान डंप हो जाते हैं।
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जिले में धान खरीद की गति तेज होते गोदामों पर जगह न होने से खरीद प्रभावित हो रही है। अभी तक 98 क्रय केंद्रों पर 7540 किसानों से 47,797 एमटी धान की खरीद की गई, जिसमें 25,105 एमटी धान की कुटाई के लिए राइस मिलर्स को भेजा गया।
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वहीं, 22,691 एमटी धान क्रय केंद्रों पर डंप है। क्रय केंद्रों पर जगह व बोरे की कमी से धान खरीद प्रभावित हो रही है। लेकिन अनुबंध में देरी से कुटाई देरी में शुरू हुई। जहां खरीद प्रभावित हो रही है, वहीं राइस मिलर्स के यहां जगह न होने से धान का उठान नहीं कर रहे हैं। विभाग ने बारिश से बचने के लिए केंद्रों पर डंप धान पर पॉलीथिन डाल दी गई है।
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धान खरीद प्रक्रिया को सुचारु व पारदर्शी बनाने के लिए शासन ने आनलाइन टोकन की प्रक्रिया शुरू की है। इससे पूर्व क्रय केंद्र पर धान पहुंचाकर खरीदे जाने का इंतजार कर रहे किसानों की मुश्किल बढ़ गई है। केंद्र प्रभारी उन्हें पहले ऑनलाइन टोकन जनरेट कराने का फरमान सुना रहे हैं।
धान खरीद में पहले ऑफलाइन टोकन व नंबर की प्रक्रिया चल रही थी। इसमें काफी धांधली की शिकायत मिल रही थी। केंद्र प्रभारी मनमाने तरीके से खरीद कर रहे थे। इसकी शिकायत शासन स्तर तक पहुंची तो प्रणाली में बदलाव कर दिया। ऑनलाइन टोकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
लेकिन टोकन निकालने में किसानों को परेशानी हो रही है। सबसे अधिक उन किसानों को दिक्कत है जो अपनी उपज क्रय केंद्र पर पहले ही रख दी है। केंद्र प्रभारी अब उन्हें आनलाइन टोकन जारी करवाने के बाद अनाज खरीदने की बात कह रहे हैं। मंगलवार को हल्की बारिश व बूंदा-बांदी से क्रय केंद्रों और खलिहान में रखा किसानों का अनाज भींगकर खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
डिप्टी आरएमओ प्रज्ञा मिश्रा ने बताया कि खराब मौसम को देखते हुए केंद्र प्रभारियों को निर्देशित कर दिया गया है कि यदि केंद्र पर कोई किसान धान लेकर पहुंच गया है तो उसे वापस न किया जाए पहले उसकी खरीद कर ली जाए ताकि किसानों का धान न भीगे।
शासन ने मिलर्स को कुटाई की क्षमता के अनुसार ही धान लेने का निर्देश दिया है। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि धान कुटाई के लिए अनुबंधित 13 मिले हर रोज औसतन 8-9 हजार क्विंटल धान की कुटाई ही हर पा रही है। इस समय केंद्रों पर करीब 20 हजार क्विंटल धान की खरीद होती है ऐसे में क्रय केंद्रों पर धान डंप हो जाते हैं।