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शिक्षकों ने लगाई नवाचार की पाठशाला
Updated Sun, 08 Oct 2017 11:03 PM IST
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शिक्षकों ने लगाई नवाचार की पाठशाला
गोंडा। परिषदीय स्कूलों की शिक्षा में बदलाव लाने का प्रयास कर रहे शिक्षकों ने शनिवार को दर्जीकुंआ स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में शिक्षा नई विधाओं के आदान प्रदान के लिए नवाचार की पाठशाला लगाई और सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक की मौजूदगी में अपना प्रेजेंटेशन दिया। एडी बेसिक ने भी शिक्षकों के प्रयास की सराहना की।
बच्चे पाठ्यक्रम को आसानी से समझ सके इसके लिए अब कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर परिषदीय स्कूलों में भी शिक्षण पद्धति में नवाचार शिक्षण की विधा पर जोर दिया जा रहा है। इस पद्धति में किताबों के साथ साथ शिक्षण अधिगम सामग्री का भी उपयोग करने पर शिक्षक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
टीएलएम के जरिए बच्चों की न सिर्फ पाठ्यक्रम में रुचि बनी रहती है बल्कि वह संबंधित विषय को आसानी से समझ भी लेते हैं। इसी नवाचार विषय को लेकर शनिवार को दर्जीकुंआ स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
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इस कार्यशाला में जिले के नवाचारी शिक्षकों को अपने नवाचार शिक्षण विधा को एक दूसरे से आदान प्रदान करने के लिए नवाचार की पाठशाला लगाई। देवी पाटन मंडल के सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक एमपी सिंह की मौजूदगी में शिक्षकों ने भौगोलिक परिवेश एवं विद्यालय प्रबंधन, गतिविधि आधारित शिक्षण प्रक्रिया,पढ़ाई के समय टीएलएम का सही समय पर उपयोग, शिक्षा में समुदाय का सहयोग समेत अन्य विषयों पर अपना प्रेजेंटेशन दिया।
इस प्रेजेंटेशन कार्यक्रम में नवाचारी शिक्षक डॉ. उमा सिंह,मनीष वर्मा,सुनील आनंद, विवेक पाठक, भोला यादव, रवि प्रताप सिंह व निवेदिता द्विवेदी समेत अन्य मौजूद रहे। एडी बेसिक एमपी सिंह ने भरोसा जताया कि शिक्षकों के इस प्रयास से शिक्षण व्यवस्था में निपश्चित रूप से बदलाव आयेगा।
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गोंडा। परिषदीय स्कूलों की शिक्षा में बदलाव लाने का प्रयास कर रहे शिक्षकों ने शनिवार को दर्जीकुंआ स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में शिक्षा नई विधाओं के आदान प्रदान के लिए नवाचार की पाठशाला लगाई और सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक की मौजूदगी में अपना प्रेजेंटेशन दिया। एडी बेसिक ने भी शिक्षकों के प्रयास की सराहना की।
बच्चे पाठ्यक्रम को आसानी से समझ सके इसके लिए अब कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर परिषदीय स्कूलों में भी शिक्षण पद्धति में नवाचार शिक्षण की विधा पर जोर दिया जा रहा है। इस पद्धति में किताबों के साथ साथ शिक्षण अधिगम सामग्री का भी उपयोग करने पर शिक्षक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
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टीएलएम के जरिए बच्चों की न सिर्फ पाठ्यक्रम में रुचि बनी रहती है बल्कि वह संबंधित विषय को आसानी से समझ भी लेते हैं। इसी नवाचार विषय को लेकर शनिवार को दर्जीकुंआ स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
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इस कार्यशाला में जिले के नवाचारी शिक्षकों को अपने नवाचार शिक्षण विधा को एक दूसरे से आदान प्रदान करने के लिए नवाचार की पाठशाला लगाई। देवी पाटन मंडल के सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक एमपी सिंह की मौजूदगी में शिक्षकों ने भौगोलिक परिवेश एवं विद्यालय प्रबंधन, गतिविधि आधारित शिक्षण प्रक्रिया,पढ़ाई के समय टीएलएम का सही समय पर उपयोग, शिक्षा में समुदाय का सहयोग समेत अन्य विषयों पर अपना प्रेजेंटेशन दिया।
इस प्रेजेंटेशन कार्यक्रम में नवाचारी शिक्षक डॉ. उमा सिंह,मनीष वर्मा,सुनील आनंद, विवेक पाठक, भोला यादव, रवि प्रताप सिंह व निवेदिता द्विवेदी समेत अन्य मौजूद रहे। एडी बेसिक एमपी सिंह ने भरोसा जताया कि शिक्षकों के इस प्रयास से शिक्षण व्यवस्था में निपश्चित रूप से बदलाव आयेगा।