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Gonda News: ब्लड बैंक में खराब हो गया 17 यूनिट प्लेटलेट्स

Mon, 08 Sep 2025 11:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Mon, 08 Sep 2025 11:46 PM IST
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17 units of platelets got spoiled in the blood bank
गोंडा। डेंगू संकट के बीच एक बड़ा मामला सामने आया है। मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में डेंगू मरीजों के लिए अगस्त में 72 यूनिट प्लेटलेट्स तैयार किया गया। इसके सापेक्ष सिर्फ 55 यूनिट ही मरीज ले गए। 17 यूनिट प्लेटलेट्स खराब हो गया।
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दरअसल, डेंगू के मामले बढ़ने पर निर्देश दिया गया था कि हर ग्रुप का प्लेटलेट्स तैयार करके रखा जाए ताकि जरूरत के समय तत्काल उपलब्ध कराया जा सके। इसे देखते हुए अगस्त में तैयार किए गए 72 यूनिट प्लेटलेट्स में से 17 का उपयोग ही नहीं हो सका। एक यूनिट प्लेटलेट्स मात्र 96 घंटे ही एक्टिव रहता है। ऐसे में 17 यूनिट प्लेटलेट्स खराब हो गया।
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मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में मरीजों को प्लेटलेट्स मुफ्त दिया जाता है। अगर कोई बाहर का मरीज ब्लड बैंक से प्लेटलेट्स लेता है तो उसे 300 रुपये देने पड़ते हैं। सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में है। अब निर्देश दिया गया है कि मांग आने पर ही प्लेटलेट्स तैयार किया जाए, ताकि इस तरह की समस्या न आए।
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डेंगू जांच की फीस 1200 तो कहीं 1400 रुपये
डेंगू जांच के लिए निजी पैथोलॉजी में मनमानी फीस से मरीजों की मुश्किल बढ़ रही है। हर पैथोलॉजी में एलाइजा जांच का अलग-अलग रेट है। कहीं 1200 रुपये में तो कहीं 1400 रुपये में जांच हो रही है। ऐसे में मरीज परेशान हैं। हैरानी की बात तो यह है कि निजी पैथोलॉजी संचालक स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट तक नहीं दे रहे हैं। इटियाथोक के मनोहरजोत निवासी प्रदीप को अस्पताल के सामने स्थित निजी पैथोलॉजी में डेंगू जांच के लिए 1400 रुपये देने पड़े। एक अन्य लैब संचालक ने बताया कि उनके यहां 1200 रुपये में ही डेंगू की जांच जांच होती है। जबकि सरकारी अस्पताल में यह जांच मुफ्त में होती है।

जिला मलेरिया अधिकारी एसजेडए जैदी के अनुसार अभी तक जिले के एक भी निजी लैब संचालक की ओर से पॉजिटिव मरीजों की रिपोर्ट नहीं दी गई। मलेरिया विभाग के एक कर्मचारी की मानें तो अधिकांश निजी लैब संचालक मशीन से नहीं बल्कि कार्ड से ही जांच कर रिपोर्ट दे देते हैं। कार्ड की जांच रिपोर्ट पोर्टल पर स्वीकार नहीं की जाती है। ऐसे में निजी लैब संचालक रिपोर्ट देने से गुरेज करते हैं।
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