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36 घंटों से अंधेरे में मंडल की 80 लाख आबादी
Updated Sat, 23 Sep 2017 11:32 PM IST
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36 घंटों से अंधेरे में 80 लाख की आबादी
महीने भर में गोरखपुर-बस्ती के बीच दूसरी बार टूटा हाईटेंशन लाइन का तार
170 मेगावाट बिजली की अघोषित कटौती से संकटपूर्ण हुए मंडल के हालात
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। बिजली को लेकर देवीपाटन मंडल की दुश्वारियां दिनोंदिन बढ़ती जा रही हैं। एक तो पहले से ही मंडल को 90 मेगावाट बिजली कम मिल रही थी, ऊपर से गोरखपुर-बस्ती के बीच शुक्रवार की शाम महीने भर के भीतर दूसरी बार हाईटेंशन लाइन का तार टूट जाने से 80 मेगावाट बिजली और कम हो गई। जिसके चलते मंडल के चारों जिलों में बिजली का अघोषित संकट खड़ा हो गया है। यही वजह है कि पिछले 36 घंटों से 80 लाख ग्रामीणों को अबतक बिजली नहीं मिल पाई है। वहीं पारेषण खंड विभाग के अधिकारियों का कहना है चकि गोरखपुर-बस्ती के बीच सहजनवा में एचटी लाइन के 8 टावरों का तार टूट जाने से यह स्थिति पैदा हुई है। जिसे ठीक करने का काम मौके पर चल रहा है। जिसमें अभी कम से कम 24 घंटे और लग सकते हैं।
गौरतलब है कि अभी महीने भर पहले ही गोरखपुर-बस्ती के बीच मगहर गांव के नजदीक गोरखपुर से बस्ती और वहां से गोंडा आने वाली 220 केवी लाइन के 7 टावरों के तार टूटकर आमी नदी में गिर गए थे। जिसके कारण मंडल के ग्रामीण इलाकों में रहने वाली 80 लाख ग्रामीण आबादी 60 घंटों तक अंधेरे में रहना पड़ा था। अभी इस समस्या से उबरे हुए पावर कारपोरेशन के पारेषण खंड महकमे को एक महीने भी नहीं बीते थे कि शुक्रवार की शाम गोरखपुर से बस्ती आने वाली 220 केवी लाइन के 8 टावरों के वाई फेज के तार सहजनवा में टूट गए। जिसके बाद से मंडल के ग्रामीण इलाकों में अंधेरा छाया है। हालांकि शुक्रवार की शाम 6 बजे तार टूटने के बाद से ही पारेषण खंड विभाग के लोग मौके पर उसे ठीक करने में जीुटे हैं। लेकिन बताया जाता है कि अभी इसमें कम से कम 24 घंटे का समय और लगेगा।
36 घंटों से बिजली न होने के कारण ग्रामीण इलाकों में हाय-तौबा मची हुई है। हालांकि गनीमत इस बात की है कि इंद्रदेवता कुछ मेहरबान हैं। अन्यथा पावर कारपोरेशन महकमे के लिए कई बड़ी चुनौतियां खड़ी हो सकती थी। पारेषण खंड विभाग के अधिशाषी असिभयंता सीपी पाण्डेय का कहना है कि शुक्रवार की शाम सवा 6 बजे गोरखपुर-बस्ती लाइन के 8 टावरों के तार टूटने की सूचना उन्हें फोन पर मिली थी। चूंकि गोरखपुर से बस्ती आने वाली लाइन से ही देवीपाटन मंडल को 300 से 350 एम्पियर बिजली मिलती है। इसलिए एकदम से अचानक इतनी बिजली कम हो जाने से बिजली का संकट मंडल में बढ़ गया है। हालांकि गर्मी न होने से स्थिति सामान्य बनाए रखने के लिए शहरी इलाकों में रोस्टिंग करके कुछ-कुछ देर के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली दी जा रही है। उम्मीद है कि रविवार तक लाइन सही हो जाएगी।
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इनसेट
बिजली की डिमांड के सापेक्ष हो रही आपूर्ति-
बिजली की डिमांड-360 मेगावाट, 1250 एम्पियर (रोजाना)
-मौजूदा समय मिल रही बिजली-190 मेगावाट, 675 एम्पियर (रोजाना)
-मौजूदा वक्त कम मिल रही बिजली-170 मेगावाट, 575 एम्पियर (रोजाना)
इनसेट
आखिर क्यों हैं मंडल में बिजली का संकट
देवीपाटन मंडल को एक दिन में औसतन 360 मेगावाट बिजली की आवश्यकता होती है। जिसका वितरण जेल रोड स्थित बिजली घर से सभी चार जिलों में किया जाता है। लेकिन जब से योगी सरकार ने बजाज व बलरामपुर आईपीपी (इंडीपेंडेंट पॉवर प्रोड्यूसर) से बिजली की खरीद पर प्रतिबंध लगाया है। तबसे मंडल में 195 मेगावाट बिजली का अघोषित संकट खड़ा हो गया है। क्योंकि मंडल के पास बिजली के जो दो श्रोत हैं, उसमें से सोहावल से एक दिन में 600 एम्पियर यानि 175 मेगावाट तो बस्ती से 300 से 350 एम्पियर यानि 85 से 90 मेगावाट बिजली ही मिल पाती है। जिससे आम दिनों में भी 90 मेगावाट बिजली की कमी पूरे मंडल में बनी ही रहती है। ऊपर से मौजूदा समय जबकि गोरखपुर-बस्ती के बीच सहजनवा में हाईटेंशन लाइन का तार टूट गया है तो केवल 75 एम्पियर यानि सिर्फ 20 मेगावाट बिजली ही बस्ती से मिल पा रही है। जिससे मंडल में बिजली का संकट पिछले 36 घंटों से काफी बढ़ गया है और 575 एम्पियर यानि 170 मेगावाट बिजली सीधे-सीधे कम हो गई है।
महीने भर में गोरखपुर-बस्ती के बीच दूसरी बार टूटा हाईटेंशन लाइन का तार
170 मेगावाट बिजली की अघोषित कटौती से संकटपूर्ण हुए मंडल के हालात
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। बिजली को लेकर देवीपाटन मंडल की दुश्वारियां दिनोंदिन बढ़ती जा रही हैं। एक तो पहले से ही मंडल को 90 मेगावाट बिजली कम मिल रही थी, ऊपर से गोरखपुर-बस्ती के बीच शुक्रवार की शाम महीने भर के भीतर दूसरी बार हाईटेंशन लाइन का तार टूट जाने से 80 मेगावाट बिजली और कम हो गई। जिसके चलते मंडल के चारों जिलों में बिजली का अघोषित संकट खड़ा हो गया है। यही वजह है कि पिछले 36 घंटों से 80 लाख ग्रामीणों को अबतक बिजली नहीं मिल पाई है। वहीं पारेषण खंड विभाग के अधिकारियों का कहना है चकि गोरखपुर-बस्ती के बीच सहजनवा में एचटी लाइन के 8 टावरों का तार टूट जाने से यह स्थिति पैदा हुई है। जिसे ठीक करने का काम मौके पर चल रहा है। जिसमें अभी कम से कम 24 घंटे और लग सकते हैं।
गौरतलब है कि अभी महीने भर पहले ही गोरखपुर-बस्ती के बीच मगहर गांव के नजदीक गोरखपुर से बस्ती और वहां से गोंडा आने वाली 220 केवी लाइन के 7 टावरों के तार टूटकर आमी नदी में गिर गए थे। जिसके कारण मंडल के ग्रामीण इलाकों में रहने वाली 80 लाख ग्रामीण आबादी 60 घंटों तक अंधेरे में रहना पड़ा था। अभी इस समस्या से उबरे हुए पावर कारपोरेशन के पारेषण खंड महकमे को एक महीने भी नहीं बीते थे कि शुक्रवार की शाम गोरखपुर से बस्ती आने वाली 220 केवी लाइन के 8 टावरों के वाई फेज के तार सहजनवा में टूट गए। जिसके बाद से मंडल के ग्रामीण इलाकों में अंधेरा छाया है। हालांकि शुक्रवार की शाम 6 बजे तार टूटने के बाद से ही पारेषण खंड विभाग के लोग मौके पर उसे ठीक करने में जीुटे हैं। लेकिन बताया जाता है कि अभी इसमें कम से कम 24 घंटे का समय और लगेगा।
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36 घंटों से बिजली न होने के कारण ग्रामीण इलाकों में हाय-तौबा मची हुई है। हालांकि गनीमत इस बात की है कि इंद्रदेवता कुछ मेहरबान हैं। अन्यथा पावर कारपोरेशन महकमे के लिए कई बड़ी चुनौतियां खड़ी हो सकती थी। पारेषण खंड विभाग के अधिशाषी असिभयंता सीपी पाण्डेय का कहना है कि शुक्रवार की शाम सवा 6 बजे गोरखपुर-बस्ती लाइन के 8 टावरों के तार टूटने की सूचना उन्हें फोन पर मिली थी। चूंकि गोरखपुर से बस्ती आने वाली लाइन से ही देवीपाटन मंडल को 300 से 350 एम्पियर बिजली मिलती है। इसलिए एकदम से अचानक इतनी बिजली कम हो जाने से बिजली का संकट मंडल में बढ़ गया है। हालांकि गर्मी न होने से स्थिति सामान्य बनाए रखने के लिए शहरी इलाकों में रोस्टिंग करके कुछ-कुछ देर के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली दी जा रही है। उम्मीद है कि रविवार तक लाइन सही हो जाएगी।
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बिजली की डिमांड के सापेक्ष हो रही आपूर्ति-
बिजली की डिमांड-360 मेगावाट, 1250 एम्पियर (रोजाना)
-मौजूदा समय मिल रही बिजली-190 मेगावाट, 675 एम्पियर (रोजाना)
-मौजूदा वक्त कम मिल रही बिजली-170 मेगावाट, 575 एम्पियर (रोजाना)
इनसेट
आखिर क्यों हैं मंडल में बिजली का संकट
देवीपाटन मंडल को एक दिन में औसतन 360 मेगावाट बिजली की आवश्यकता होती है। जिसका वितरण जेल रोड स्थित बिजली घर से सभी चार जिलों में किया जाता है। लेकिन जब से योगी सरकार ने बजाज व बलरामपुर आईपीपी (इंडीपेंडेंट पॉवर प्रोड्यूसर) से बिजली की खरीद पर प्रतिबंध लगाया है। तबसे मंडल में 195 मेगावाट बिजली का अघोषित संकट खड़ा हो गया है। क्योंकि मंडल के पास बिजली के जो दो श्रोत हैं, उसमें से सोहावल से एक दिन में 600 एम्पियर यानि 175 मेगावाट तो बस्ती से 300 से 350 एम्पियर यानि 85 से 90 मेगावाट बिजली ही मिल पाती है। जिससे आम दिनों में भी 90 मेगावाट बिजली की कमी पूरे मंडल में बनी ही रहती है। ऊपर से मौजूदा समय जबकि गोरखपुर-बस्ती के बीच सहजनवा में हाईटेंशन लाइन का तार टूट गया है तो केवल 75 एम्पियर यानि सिर्फ 20 मेगावाट बिजली ही बस्ती से मिल पा रही है। जिससे मंडल में बिजली का संकट पिछले 36 घंटों से काफी बढ़ गया है और 575 एम्पियर यानि 170 मेगावाट बिजली सीधे-सीधे कम हो गई है।