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Gonda News: 127 गांव मच्छरजनित बीमारियों के हाई रिस्क जोन में
Sat, 28 Jun 2025 11:17 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 28 Jun 2025 11:17 PM IST
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गोंडा। जिले की 127 ग्राम पंचायतों को मच्छर जनित बीमारियों के हाई रिस्क एरिया की श्रेणी में रखा गया है। इन गांव क्षेत्रों में डेंगू, मलेरिया, जेई, एईएस व सामान्य बुखार की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग विशेषतौर पर कार्ययोजना तैयार कर कार्रवाई करेगा। बीते दो वर्षों में इन पंचायतों में मच्छर जनित बीमारियों के सबसे अधिक केस सामने आए हैं।
जिले में एक जुलाई से संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरूआत हो रही है। इसके चलते ही विभाग की ओर से वेक्टर जनित बीमारियों की जद में आने वाले गांवों की सूची तैयार कराई गई है। वर्ष 2025 में हाई रिस्क जोन में आने वाली ग्राम पंचायतों की संख्या 105 से बढ़कर 127 हो गई है। इनमें डेंगू व मलेरिया से पीड़ित मरीजों की संख्या सर्वाधिक होती है।
इसकी रोकथाम के लिए एक जुलाई से 31 जुलाई तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। जिसमें 11 विभागों के सात हजार से अधिक कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों को मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर जागरूक करेंगे। इसके साथ ही जगह-जगह साफ सफाई कर एंटी लार्वा दवा का छिड़काव भी किया जाएगा।
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हाई रिस्क जोन में हर रविवार मच्छरों पर वार
हाई रिस्क वाले गांवों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत हर रविवार मच्छर पर वार यानि हर रविवार को गांव में जाकर छिड़काव कराने के साथ ही गांवों में लोगों को जागरूक किया जाएगा। अक्तूबर तक इन गांवों के साथ पूरे जिले के गांवों में डीडीटी (डाईक्लोरो- डाईफेनिइलन-ट्राईक्लोराएथेन) का छिड़काव कराया जाएगा। विभाग की ओर से इन गांवों में जागरूकता के लिए विशेष शिविर भी लगाए जाएंगे।एसीएमओ डॉ. सीके वर्मा ने बताया कि जिले के 127 ग्राम पंचायतें हाई रिस्क एरिया में चिन्हित की गई है। माह भर संचालित होने वाले विशेष रोकथाम अभियान के दौरान इनमें प्राथमिकता के आधार पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
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जिले में एक जुलाई से संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरूआत हो रही है। इसके चलते ही विभाग की ओर से वेक्टर जनित बीमारियों की जद में आने वाले गांवों की सूची तैयार कराई गई है। वर्ष 2025 में हाई रिस्क जोन में आने वाली ग्राम पंचायतों की संख्या 105 से बढ़कर 127 हो गई है। इनमें डेंगू व मलेरिया से पीड़ित मरीजों की संख्या सर्वाधिक होती है।
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इसकी रोकथाम के लिए एक जुलाई से 31 जुलाई तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। जिसमें 11 विभागों के सात हजार से अधिक कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों को मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर जागरूक करेंगे। इसके साथ ही जगह-जगह साफ सफाई कर एंटी लार्वा दवा का छिड़काव भी किया जाएगा।
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हाई रिस्क जोन में हर रविवार मच्छरों पर वार
हाई रिस्क वाले गांवों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत हर रविवार मच्छर पर वार यानि हर रविवार को गांव में जाकर छिड़काव कराने के साथ ही गांवों में लोगों को जागरूक किया जाएगा। अक्तूबर तक इन गांवों के साथ पूरे जिले के गांवों में डीडीटी (डाईक्लोरो- डाईफेनिइलन-ट्राईक्लोराएथेन) का छिड़काव कराया जाएगा। विभाग की ओर से इन गांवों में जागरूकता के लिए विशेष शिविर भी लगाए जाएंगे।एसीएमओ डॉ. सीके वर्मा ने बताया कि जिले के 127 ग्राम पंचायतें हाई रिस्क एरिया में चिन्हित की गई है। माह भर संचालित होने वाले विशेष रोकथाम अभियान के दौरान इनमें प्राथमिकता के आधार पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।