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80 लाख रुपये खर्च,443 स्कूलों में नहीं पहुंची विज्ञान किट
Updated Sun, 16 Jul 2017 09:47 PM IST
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80 लाख खर्च, 443 स्कूलों में नहीं पहुंची विज्ञान किट
45 हजार नौनिहालों को नहीं मिल सका किट का लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों का रवैया अजब है। यहां योजनाओं की भरमार है, लेकिन उसके क्रियान्वयन को लेकर अफसर फिक्रमंद नहीं हैं। पिछले शैक्षिक सत्र में जिले के 893 उच्च प्राथमिक विद्यालयों व 17 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में विज्ञान व गणित की किट की खरीद के लिए भेजे गए 80 लाख रुपये खर्च हो गए लेकिन अधिकतर स्कूलों में किट की खरीद नही की गई। अफसरों की लापरवाही से उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढने वाले करीब 45 हजार नौनिहाल इस किट का लाभ पाने से वंचित रह गए।
पिछले शैक्षिक सत्र में जिले के 893 उच्च प्राथमिक स्कूलों व 17 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में पढने वाले करीब 45 हजार छात्र छात्राओं की विज्ञान व गणित विषय की दक्षता बढ़ाने के लिए विज्ञान व गणित की किट खरीद के निर्देश दिए गए थे। प्रत्येक उच्च प्राथमिक स्कूल में 8 हजार व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूल में 19 सौ रुपये की लागत से विज्ञान व गणित की किट की खरीद की जानी थी। इस किट की खरीद के लिए शासन ने सर्व शिक्षा अभियान को 79.76 लाख रुपये की धनराशि का आवंटन किया था। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों को धनराशि भेजकर किट की खरीद के निर्देश दिए थे। धनराशि मिलने के बाद 17 कस्तूरबा स्कूलों समेत 450 उच्च प्राथमिक स्कूलों में ही किट की खरीद की गई। जबकि 443 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने विज्ञान व गणित की किट नही खरीदी। इस लापरवाही से इन स्कूलों में पढने वाले करीब 45 हजार छात्र छात्राओं को इस किट का लाभ नही मिल सका।
इनसेट
इन ब्लॉकों में नहीं खरीदी गई किट
करनैलगंज, तरबगंज, वजीरगंज व पंडरीकृपाल ब्लाक के किसी भी स्कूल में विज्ञान व गणित की किट नहीं खरीदी गई। जबकि परसपुर, झंझरी, नवाबगंज, मनकापुर व बभनजोत ब्लाक के अधिकतर स्कूलों में भी किट की खरीद नही की जा सकी है।
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इनसेट
विज्ञान व गणित की किट की खरीद कराने व उपभोग प्रमाण पत्र जमा करने के लिए सभी ब्लाकों के खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया था जिसमें से कुछ ब्लाकों का उपभोग प्रमाण पत्र जमा हो गया है। इसकी समीक्षा की जा रही है। जिन ब्लाकों में खरीद नही हुई है वहां के बीईओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-संतोष कुमार देव पांडेय, बीएसए
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45 हजार नौनिहालों को नहीं मिल सका किट का लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों का रवैया अजब है। यहां योजनाओं की भरमार है, लेकिन उसके क्रियान्वयन को लेकर अफसर फिक्रमंद नहीं हैं। पिछले शैक्षिक सत्र में जिले के 893 उच्च प्राथमिक विद्यालयों व 17 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में विज्ञान व गणित की किट की खरीद के लिए भेजे गए 80 लाख रुपये खर्च हो गए लेकिन अधिकतर स्कूलों में किट की खरीद नही की गई। अफसरों की लापरवाही से उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढने वाले करीब 45 हजार नौनिहाल इस किट का लाभ पाने से वंचित रह गए।
पिछले शैक्षिक सत्र में जिले के 893 उच्च प्राथमिक स्कूलों व 17 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में पढने वाले करीब 45 हजार छात्र छात्राओं की विज्ञान व गणित विषय की दक्षता बढ़ाने के लिए विज्ञान व गणित की किट खरीद के निर्देश दिए गए थे। प्रत्येक उच्च प्राथमिक स्कूल में 8 हजार व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूल में 19 सौ रुपये की लागत से विज्ञान व गणित की किट की खरीद की जानी थी। इस किट की खरीद के लिए शासन ने सर्व शिक्षा अभियान को 79.76 लाख रुपये की धनराशि का आवंटन किया था। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों को धनराशि भेजकर किट की खरीद के निर्देश दिए थे। धनराशि मिलने के बाद 17 कस्तूरबा स्कूलों समेत 450 उच्च प्राथमिक स्कूलों में ही किट की खरीद की गई। जबकि 443 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने विज्ञान व गणित की किट नही खरीदी। इस लापरवाही से इन स्कूलों में पढने वाले करीब 45 हजार छात्र छात्राओं को इस किट का लाभ नही मिल सका।
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इन ब्लॉकों में नहीं खरीदी गई किट
करनैलगंज, तरबगंज, वजीरगंज व पंडरीकृपाल ब्लाक के किसी भी स्कूल में विज्ञान व गणित की किट नहीं खरीदी गई। जबकि परसपुर, झंझरी, नवाबगंज, मनकापुर व बभनजोत ब्लाक के अधिकतर स्कूलों में भी किट की खरीद नही की जा सकी है।
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विज्ञान व गणित की किट की खरीद कराने व उपभोग प्रमाण पत्र जमा करने के लिए सभी ब्लाकों के खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया था जिसमें से कुछ ब्लाकों का उपभोग प्रमाण पत्र जमा हो गया है। इसकी समीक्षा की जा रही है। जिन ब्लाकों में खरीद नही हुई है वहां के बीईओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-संतोष कुमार देव पांडेय, बीएसए