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दुराचारी को 10 साल की सजा
अमर उजाला/बलरामपुर
Updated Tue, 26 Jul 2016 10:32 PM IST
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त्वरित सत्र न्यायाधीश प्रथम ने दुराचार के एक आरोपी को 10 वर्ष की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने आरोपी को 20 हजार रुपये अर्थदंड अदा करने का आदेश दिया है। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को तीन साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
उतरौला कोतवाली क्षेत्र के ग्राम इटई रामपुर निवासी पवन कुमार यादव सहित चार लोगों को नाबालिग लड़की को अगवा करने का दोषी मानते हुए एक व्यक्ति ने थाने पर प्रार्थना पत्र दिया था। प्रार्थना पत्र में वादी मुकदमा ने आरोप लगाया था कि चारों लोग उसकी लड़की को बहला-फुसलाकर 17 अगस्त 2011 को भगा ले गए।
पुलिस ने मुकदमा नहीं लिखा तो वादी मुकदमा ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर पवन कुमार यादव, श्यामकली, श्यामू व सोमई यादव के विरुद्ध नाबालिग लड़की को अगवा करने का मुकदमा दर्ज किया गया। लड़की को पवन कुमार के साथ पुलिस ने चार मई 2012 को पकड़ा लिया। उसका डॉक्टरी परीक्षण व न्यायालय पर बयान दर्ज कराया गया।
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पीड़िता ने पवन कुमार पर इच्छा के विरुद्ध दुराचार करने का आरोप लगाया। विवेचना के बाद पुलिस ने पवन कुमार यादव के विरुद्ध लड़की को अगवा व दुराचार करने का आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता रवींद्र यादव ने सात गवाहों को न्यायालय में पेश किया।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एफटीसी प्रथम सुनील कुमार ने पवन को दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास व 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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उतरौला कोतवाली क्षेत्र के ग्राम इटई रामपुर निवासी पवन कुमार यादव सहित चार लोगों को नाबालिग लड़की को अगवा करने का दोषी मानते हुए एक व्यक्ति ने थाने पर प्रार्थना पत्र दिया था। प्रार्थना पत्र में वादी मुकदमा ने आरोप लगाया था कि चारों लोग उसकी लड़की को बहला-फुसलाकर 17 अगस्त 2011 को भगा ले गए।
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पुलिस ने मुकदमा नहीं लिखा तो वादी मुकदमा ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर पवन कुमार यादव, श्यामकली, श्यामू व सोमई यादव के विरुद्ध नाबालिग लड़की को अगवा करने का मुकदमा दर्ज किया गया। लड़की को पवन कुमार के साथ पुलिस ने चार मई 2012 को पकड़ा लिया। उसका डॉक्टरी परीक्षण व न्यायालय पर बयान दर्ज कराया गया।
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पीड़िता ने पवन कुमार पर इच्छा के विरुद्ध दुराचार करने का आरोप लगाया। विवेचना के बाद पुलिस ने पवन कुमार यादव के विरुद्ध लड़की को अगवा व दुराचार करने का आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता रवींद्र यादव ने सात गवाहों को न्यायालय में पेश किया।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एफटीसी प्रथम सुनील कुमार ने पवन को दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास व 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।