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10 हजार अवैध कनेक्शन से लग रहा हर महीने 50 लाख चूना1
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गोंडा। पावर कॉर्पोरेशन एक साल पहले शुरू हुए कटिया हटाओ संयोजन पाओ अभियान को रफ्तार नहीं दे पा रहा है। जिले में 10 हजार अवैध कनेक्शन धारक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से बिजली विभाग को हर माह 50 लाख रुपये के राजस्व का चूना लगा रहे हैं। इसका कारण अभियान जिले में कागजों से बाहर नहीं निकल सका। जिले भर में कटिया कनेक्शन की संख्या 10 हजार से अधिक है।
केंद्र सरकार ने हर घर बिजली पहुंचाने की योजना पर अमल कर रही है। आजादी के बाद भी 12 हजार गांव और करीब दो लाख लोगों तक बिजली नहीं पहुंच पाई है। इन तक बिजली पहुंचाने के लिए कनेक्शन भी दिए गए। लेकिन कनेक्शन के साथ यह नहीं देखा गया कि कितने लोगों ने कटिया लगाकर बिजली ले रखी है। जिले की कुल आबादी 35 लाख है, इनमें केवल 4.5 लाख उपभोक्ता हैं। बाकी अन्य कटिया कनेक्शन पर बिजली ले रहे हैं। कटिया कनेक्शन को स्थाई कनेक्शन में परिवर्तन के लिए अभियान चलाया गया लेकिन अभियान चलाने वाले कर्मियों ने ठेका लेकर अवैध रूप से बिजली आपूर्ति कराने का काम कर रहे हैं। इससे सरकार को राजस्व का चूना लग रहा है।
अवैध कनेक्शन से जगमग हैं कई पुलिस बूथ और चौकियां
बिजली चोरी करने के मामले में गरीब और अमीर ही नहीं हैं। सरकारी विभाग भी शामिल हैं। जिले के कई पुलिस बूथ और चौकियां बिना कनेक्शन के ही बिजली जला रहे हैं। कुछ चौकियों में कनेक्शन भी लिया गया तो उसका बिजली का बिल नहीं जमा किया जा रहा है। इसको पावर कार्पोरेशन की लापरवाही कहें या फिर पुलिस की सीनाजोरी। जिसके चलते ऐसे चल रहा है। वहीं कुछ ऐसे सरकारी भवन भी शामिल हैं जहां कनेक्शन के नाम पर पंजीकृत हैं लेकिन उसी से सारे काम चल रहे हैं।
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शहर के मुख्य चौराहे पर ही चल रहा अवैध कनेक्शनों का भंडार
शहर के मुख्य चौराहे पर ही अवैध कनेक्शनों की पूरी खेप है। एक से दो बार उस कांपलेक्स पर छापा भी पड़ चुका है। पर पावर कार्पोरेशन कें अधिकारी वहां तक जाने से गुरेज करते हैं। विवाद होने के डर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
शासन स्तर पर सभी उपखंडों को 100-100 कनेक्शन देने का टारगेट दिया गया था। लेकिन इसमें कुछ प्रगति नहीं है। अभी इस अभियान में कुछ नहीं हुआ है। 18 तारीख से अभियान वृहद स्तर पर शुरू कर दिया गया है। कटिया कनेक्शन से करीब 50 लाख राजस्व का चुना लग रहा है। कटिया कनेक्शन चलाने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। -एसके सक्सेना, मुख्य अभियंता देवीपाटन परिक्षेत्र
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केंद्र सरकार ने हर घर बिजली पहुंचाने की योजना पर अमल कर रही है। आजादी के बाद भी 12 हजार गांव और करीब दो लाख लोगों तक बिजली नहीं पहुंच पाई है। इन तक बिजली पहुंचाने के लिए कनेक्शन भी दिए गए। लेकिन कनेक्शन के साथ यह नहीं देखा गया कि कितने लोगों ने कटिया लगाकर बिजली ले रखी है। जिले की कुल आबादी 35 लाख है, इनमें केवल 4.5 लाख उपभोक्ता हैं। बाकी अन्य कटिया कनेक्शन पर बिजली ले रहे हैं। कटिया कनेक्शन को स्थाई कनेक्शन में परिवर्तन के लिए अभियान चलाया गया लेकिन अभियान चलाने वाले कर्मियों ने ठेका लेकर अवैध रूप से बिजली आपूर्ति कराने का काम कर रहे हैं। इससे सरकार को राजस्व का चूना लग रहा है।
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अवैध कनेक्शन से जगमग हैं कई पुलिस बूथ और चौकियां
बिजली चोरी करने के मामले में गरीब और अमीर ही नहीं हैं। सरकारी विभाग भी शामिल हैं। जिले के कई पुलिस बूथ और चौकियां बिना कनेक्शन के ही बिजली जला रहे हैं। कुछ चौकियों में कनेक्शन भी लिया गया तो उसका बिजली का बिल नहीं जमा किया जा रहा है। इसको पावर कार्पोरेशन की लापरवाही कहें या फिर पुलिस की सीनाजोरी। जिसके चलते ऐसे चल रहा है। वहीं कुछ ऐसे सरकारी भवन भी शामिल हैं जहां कनेक्शन के नाम पर पंजीकृत हैं लेकिन उसी से सारे काम चल रहे हैं।
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शहर के मुख्य चौराहे पर ही चल रहा अवैध कनेक्शनों का भंडार
शहर के मुख्य चौराहे पर ही अवैध कनेक्शनों की पूरी खेप है। एक से दो बार उस कांपलेक्स पर छापा भी पड़ चुका है। पर पावर कार्पोरेशन कें अधिकारी वहां तक जाने से गुरेज करते हैं। विवाद होने के डर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
शासन स्तर पर सभी उपखंडों को 100-100 कनेक्शन देने का टारगेट दिया गया था। लेकिन इसमें कुछ प्रगति नहीं है। अभी इस अभियान में कुछ नहीं हुआ है। 18 तारीख से अभियान वृहद स्तर पर शुरू कर दिया गया है। कटिया कनेक्शन से करीब 50 लाख राजस्व का चुना लग रहा है। कटिया कनेक्शन चलाने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। -एसके सक्सेना, मुख्य अभियंता देवीपाटन परिक्षेत्र