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Gonda News: पुलिस टीम पर हमले के 10 आरोपी दोषमुक्त
Mon, 18 Nov 2024 11:23 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 18 Nov 2024 11:23 PM IST
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गोंडा। परसपुर कस्बे में अप्रैल 2013 में दुर्गा प्रतिमा उठाने को लेकर हुए विवाद में पुलिस टीम पर हमला व आगजनी मामले में अदालत ने 10 अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया। सभी को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार परसपुर के थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक सूर्य प्रसाद गौतम ने थाने में दर्ज कराए केस में बताया था कि 16 अप्रैल 2013 को दोपहर दो बजे गूंगी माता स्थान पर सैकड़ों लोग खड़े थे। कुछ लोग मां दुर्गा की नई प्रतिमा रखकर सीमेंट और गिट्टी तैयार कर रहे थे। प्रतिमा स्थापित करने से रोकने पर सभी उत्तेजित हो गए। धार्मिक नारेबाजी करतेे हुए पुलिस के खिलाफ नारा लगाने लगे। समझाने पर पुलिस टीम पर ईंट-पत्थर फेंका। पथराव में एसडीएम करनैलगंज की गाड़ी का शीशा टूट गया और वादी व सिपाही छोटेलाल को चोटें आईं। पुलिस ने प्रतिमा को उठा लिया तो लोगों ने आसपास खड़ी मोटर साइकिलों व दुकानों में आग लगा दी। मामले में पुलिस ने परसपुर कस्बे के राजपुर निवासी धर्मप्रकाश सोनी, दिलीप कुमार मिश्रा उर्फ लप्पू, धनलाल सोनी, अनिल सोनी, सुभाष चंद्र तिवारी, बाउर तिवारी, पप्पू सैनी, श्रीराम सैनी व एक नाबालिग तथा ग्राम आंटा निवासी सुधीर जायसवाल, शिवशंकर जायसवाल, बजरंगबली मिश्रा के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे के दौरान अभियुक्त पप्पू सैनी व श्रीराम सैनी की मृत्यु हो गई।
ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष न्यायालय में अपराध का संदेह से परे साक्ष्य नहीं प्रस्तुत कर सका तो बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने सभी आरोपी अभियुक्तों को दोषमुक्त करने की मांग की। मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-चतुर्थ राम दयाल ने अभियुक्त धर्मप्रकाश सोनी, दिलीप कुमार मिश्रा, धनलाल सोनी, अनिल सोनी, सुभाष चंद्र तिवारी, बाउर तिवारी, सुधीर जायसवाल, शिवशंकर जायसवाल, बजरंगबली मिश्रा व बाल अपचारी को दोषमुक्त कर दिया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार परसपुर के थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक सूर्य प्रसाद गौतम ने थाने में दर्ज कराए केस में बताया था कि 16 अप्रैल 2013 को दोपहर दो बजे गूंगी माता स्थान पर सैकड़ों लोग खड़े थे। कुछ लोग मां दुर्गा की नई प्रतिमा रखकर सीमेंट और गिट्टी तैयार कर रहे थे। प्रतिमा स्थापित करने से रोकने पर सभी उत्तेजित हो गए। धार्मिक नारेबाजी करतेे हुए पुलिस के खिलाफ नारा लगाने लगे। समझाने पर पुलिस टीम पर ईंट-पत्थर फेंका। पथराव में एसडीएम करनैलगंज की गाड़ी का शीशा टूट गया और वादी व सिपाही छोटेलाल को चोटें आईं। पुलिस ने प्रतिमा को उठा लिया तो लोगों ने आसपास खड़ी मोटर साइकिलों व दुकानों में आग लगा दी। मामले में पुलिस ने परसपुर कस्बे के राजपुर निवासी धर्मप्रकाश सोनी, दिलीप कुमार मिश्रा उर्फ लप्पू, धनलाल सोनी, अनिल सोनी, सुभाष चंद्र तिवारी, बाउर तिवारी, पप्पू सैनी, श्रीराम सैनी व एक नाबालिग तथा ग्राम आंटा निवासी सुधीर जायसवाल, शिवशंकर जायसवाल, बजरंगबली मिश्रा के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे के दौरान अभियुक्त पप्पू सैनी व श्रीराम सैनी की मृत्यु हो गई।
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ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष न्यायालय में अपराध का संदेह से परे साक्ष्य नहीं प्रस्तुत कर सका तो बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने सभी आरोपी अभियुक्तों को दोषमुक्त करने की मांग की। मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-चतुर्थ राम दयाल ने अभियुक्त धर्मप्रकाश सोनी, दिलीप कुमार मिश्रा, धनलाल सोनी, अनिल सोनी, सुभाष चंद्र तिवारी, बाउर तिवारी, सुधीर जायसवाल, शिवशंकर जायसवाल, बजरंगबली मिश्रा व बाल अपचारी को दोषमुक्त कर दिया।
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