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डौंडिया खेड़ा में सोने की जगह निकला 'कुछ और'
अमर उजाला, भगवंतनगर (उन्नाव)
Updated Wed, 30 Oct 2013 12:48 AM IST
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डौंडिया खेड़ा स्थित किले में मंगलवार को भी संत की भविष्यवाणी मिथ्या गई। ‘चमत्कार’ (स्वर्ण भंडार) की जगह वहां पत्थर दिखा। 16 फीट (4.80 मीटर) के बाद एएसआई की गैंती मोटे पत्थर की लेयर से टकराई।
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इसके बाद एएसआई ने इसी ब्लाक के दूसरे हिस्से की खुदाई की तो मिट्टी के दो छोटे मटके मिले। इस बीच स्वामी ओम ने कहा कि सरकार पहले संत शोभन सरकार को फाइंडर बनाए, तभी सोना मिलेगा।
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बुधवार को एएसआई कर्मियों का साप्ताहिक अवकाश है। खुदाई अब बृहस्पतिवार को होगी। जीएसआई की टीम एक-दो दिन में आ सकती है।
एसडीएम बीघापुर विजय शंकर दुबे ने पत्रकारों को बताया कि मंगलवार को दस सेंटीमीटर खुदाई के बाद मोटे पत्थर की लेयर मिली है। एएसआई की टीम ने पूरे ब्लाक की सफाई शुरू कर दी है।
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ब्लाक के एक हिस्से में जहां खुदाई की मिट्टी रखी जाती थी, वहां की सफाई में छोटे-छोटे दो मटके मिले हैं। डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि जीएसआई की टीम के आने के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। एएसआई की टीम काम जारी रखेगी। बृहस्पतिवार से काम फिर शुरू होगा।
स्वामी ओम की मांग पर उन्होंने कहा कि इंडियन ट्रेजर ट्रोव एक्ट के तहत ट्रेजर मिलने के बाद ही फाइंडर घोषित किया जाता है। अभी ट्रेजर मिला ही नहीं, तो फाइंडर कैसे घोषित किया जा सकता है। किला परिसर के बाहर टीवी स्क्रीन लगाने के सवाल पर डीएम ने कहा कि इसकी कोई जरूरत नहीं है। किला परिसर में पर्याप्त फोर्स तैनात है।
स्वामी ओम के सुर बदले
खुदाई में पत्थर की लेयर मिलने के बाद मंगलवार को स्वामी ओम के भी सुर बदल गए। उन्होंने कहा कि जब तक संत शोभन सरकार को डौंडिया खेड़ा किले में मिलने वाले स्वर्ण भंडार का फाइंडर नहीं घोषित किया जाता, एएसआई कितनी भी खुदाई करा ले, सोना नहीं मिलेगा। पहले तय हो जाना चाहिए कि स्वर्ण भंडार का बीस फीसदी हिस्सा बक्सर समेत उन्नाव जिले के विकास पर खर्च होगा।