दिवाली पर धोखा: नामी कंपनियों के गिफ्ट पैक में वजन कम, ज्वेलर्स के इलेक्ट्रॉनिक कांटे में हाथ की सफाई पकड़ी
दिवाली के मौके पर बाट माप निरीक्षक विभाग ने मुरादाबाद के बाजारों का दौरा कर सामानों की जांच की। इसमें कई नामी कंपनियों के गिफ्ट पैक में वजन से कम सामान मिला। इसके अलावा कई जगहों पर बिना मूल्य के सामान बेचा जा रहा था। सभी पर जुर्माना लगाया गया है।
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बाट माप निरीक्षक विभाग के अधिकारी ने बुधवार को शहर के 11 फर्मों की जांच की। इनमें कई फर्मों के गिफ्ट पैक के वजन कम पाए गए। कुछ फर्मों के इलेक्टॉनिक कांटे का खेल पकड़ा गया। सभी लोगों का बाट माप अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। विधिक माप विज्ञान के जिला प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि दिल्ली रोड स्थित सुगंधा स्वीट्स के मालिक ने इलेक्टॉनिक कांटे का सत्यापन नहीं कराया था।
गिफ्ट पैक में नियमानुसार घोषणाएं छपी नहीं पाई गई। इस कारण स्वीट्स हाउस के चारों स्टोर का चालान किया गया। पीलीकोठी स्थित टेंपरेशन स्वीट्स के ड्राई फूड गिफ्ट पैक पर नियमानुसार कीमत और मात्रा की घोषणाएं अंकित नहीं थी। राम गंगा विहार गोल्ड जिम के पास मिंट सुपर फ्रेश स्टोर में सिगरेट, चाकलेट, गिफ्ट पैक पर आवश्यक घोषणाएं अंकित नहीं थीं। इसी कारण उसका चालान किया गया। इसके बाद अर्थदंड निर्धारित किया जाएगा।
रिलायंस के इलेक्ट्रॉनिक कांटे में गड़बड़ी पकड़ी
कांठ रोड स्थित रिलायंस ज्वेलर्स के इलेक्टॉनिक कांटे की तौल मशीन जांच के दौरान अधिक वजन दर्शा रही थी। 10 ग्राम की जगह 20 ग्राम दर्शा रही थी। जांच में पाया गया कि उसने उपभोक्ताओं से अधिक मूल्य वसूलना पाया गया है। इस मामले में फर्म प्रबंधन का चालान किया गया है।
सिरिंज महंगी बेचने और गड़बड़ी पकड़े जाने पर जुर्माना
फोटाॅन अस्पताल स्थित शोभित मेडीवर्ड एलएलपी द्वारा सीरिंज पर अंकित कीमत से अधिक मूल्य पर विक्रय करने के कारण चालान किया गया। इस मामले में 20 हजार रुपये का जुर्माना मालिक को जमा करना पड़ा। आईब्रो फार्मेसी नई दिल्ली छाप निर्मित उत्पाद पैकिंग पर घोषणाएं नियमानुसार अंकित नहीं पाई गई। इस कारण मालिक पर एक लाख का जुर्माना जमा किया।
इसी प्रकार जैनम इनवार्मड प्रा, लिमिटेड के उत्पाद डीहाई ड्रेटिंग आई पर मात्रा की घोषणाएं नियमानुसार नहीं पाई गई। इसी कारण फर्म मालिक को 75 हजार रुपये जुर्माना भरना पड़ा। ज्योति वैल्स लिमिटेड का स्क्रेपर पर प्रचार के माध्यम से अंकित घोषणा के साथ मात्रा सही नहीं पाई गई। इस मामले में उसे 45 हजार रुपये जुर्माना भरना पड़ा।
डाइ और हैवेल्स के उत्पाद एसी और वाशिंग मशीन पर मात्रा की घोषणा और पाइप के माप की घोषणा अंकित नहीं थी। चालान करने पर उसे 50 हजार रुपये जुर्माना भरना पड़ा। एक्रो पेंट्स पर घोषणा नियमानुसार नहीं पाई गई। इस मामले में फर्म मालिक को डेढ़ लाख रुपये जुर्माना भरना पड़ा है।
एक्जोनोक्स इंडिया लिमिटेड की पेंट कंपनी पर अनियमितता के आरोप में 50 हजार रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है। जांच टीम में निरीक्षक सुमित कुमार और पूरन सिंह भी मौजूद थे।