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Ghazipur News: गांगी में नहाने गए सगे मासूम भाई-बहन की डूबने से मौत
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मेडिकल कॉलेज के आपात कक्ष के बाहर बेटे और बेटी की मौत की सूचना के बाद रोती-बिलखती हेमवंती बिंद।
ग्रामीण के मना करने के बावजूद पुन: चले गए थे नदी के ओर
संवाद न्यूज एजेंसी
करंडा (गाजीपुर)। थाना क्षेत्र के माहेपुर गांव के पास शुक्रवार को गांगी नदी में डूबने से मासूम भाई कृष्णा बिंद (3) और बहन प्रिया बिंद (5) की डूबने से मौत हो गई। एक ग्रामीण के मना करने पर दोनों घर जाने के लिए कुछ दूर तक गए, इसके बाद दोनों बारिश के पानी से उफनाई नदी में नहाने के लिए कूद गए। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
थानाध्यक्ष संतोष कुमार पाठक ने बताया कि सुबह करीब साढ़े सात बजे कृष्णा और प्रिया गांगी नदी की ओर जाने लगे। दोनों मासूमों को नदी की ओर जाता देख एक ग्रामीण उन्हें घर लौट जाने को कहा। इसके बाद दोनों घर के लिए वापस हो गए, लेकिन कुछ दूरी के बाद पुन: वापस नदी की ओर जाने लगे और पहुंचकर स्नान के लिए दोनों ने छलांग लगा दी। इधर, नदी में दोनों भाई-बहन डूब गए। नदी के दूसरी तरफ मौजूद एक ग्रामीण दोनों मासूमों को डूबता देख शोर मचाने लगा। ग्रामीण जब तक नाव से पहुंचे। तब तक नदी में दोनों बच्चे डूब चुके थे। शोर सुनकर घटना स्थल पर गांव के लोग पहुंचे और काफी प्रयास के बाद दोनों को नदी से बाहर निकाला। परिवार के लोग दोनों मासूमों का शव देखकर रोने-बिलखने लगे। ग्रामीण परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराने में जुटे रहे।
थानाध्यक्ष संतोष कुमार पाठक ने बताया कि दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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हमार ललवा दोनों छोड़कर कहां चल गईल... रे माई
करंडा। हमार ललवा दोनों छोड़कर कहां चल गईल... रे माई। मेडिकल कॉलेज अस्पताल से मॉर्च्युरी हाउस के पास सीढि़यों पर बिलख रहीं मां हेमवंती बिंद बार- बार कह रही थीं। गांव के लोग उन्हें संभाल रहे थे, लेकिन वह बिलखते-बिलखते अचेत हो जा रही थीं। दरअसल, शुक्रवार की सुबह घर से मात्र 300 मीटर दूर नदी में मासूम भाई-बहन डूब गए थे, परिवार के लोग दोनों की तलाश कर रहे थे। बता दें कि जहां दोनों मासूम डूबे, उससे मात्र 100 मीटर दूर करीब दस साल पहले नाव पर बैठे पति-पत्नी की डूबकर मौत हो गई थी।
माहेपुर गांव निवासी संतोष चौधरी ने बताया कि मृतक बच्चों के पिता संतोष बिंद राजस्थान में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। लगातार बारिश से गांगी नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है, लेकिन न तो जिम्मेदारों द्वारा नदियों के जल स्तर बढ़ने का डाटा लिया जाता है और न ही नदी किनारे कोई बैरिकेडिंग की गई थी। बताया कि करीब दस वर्ष पूर्व गांगी नदी में ही नाव पर बैठे भटौली गांव के पति-पत्नी की डूबकर मौत हो गई थी। हादसे की जानकारी मिलते ही बच्चों के पिता संतोष बिंद राजस्थान से घर के लिए रवाना हो गए हैं। संतोष ने बताया कि हादसे में कृष्णा बिंद और प्रिया बिंद की मौत से गांव में शोक है। एक ही परिवार के दो मासूम बच्चों की मौत से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घाटों पर सुरक्षा के नहीं है इंतजाम
माहेपुर गांव निवासी संतोष चौधरी ने बताया कि गांगी नदी के किनारे घाटों पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। गांगी नदी बारिश के पानी और गंगा का जलस्तर बढ़ने से उफना जाती है। बावजूद जिम्मेदरों द्वारों यहां नदी के जलस्तर का पता लगाने के लिए कोई यंत्र तक नहीं लगाई गई है। ऐसे में नदी के जलस्तर का पता भी नहीं लग पाता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करंडा (गाजीपुर)। थाना क्षेत्र के माहेपुर गांव के पास शुक्रवार को गांगी नदी में डूबने से मासूम भाई कृष्णा बिंद (3) और बहन प्रिया बिंद (5) की डूबने से मौत हो गई। एक ग्रामीण के मना करने पर दोनों घर जाने के लिए कुछ दूर तक गए, इसके बाद दोनों बारिश के पानी से उफनाई नदी में नहाने के लिए कूद गए। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
थानाध्यक्ष संतोष कुमार पाठक ने बताया कि सुबह करीब साढ़े सात बजे कृष्णा और प्रिया गांगी नदी की ओर जाने लगे। दोनों मासूमों को नदी की ओर जाता देख एक ग्रामीण उन्हें घर लौट जाने को कहा। इसके बाद दोनों घर के लिए वापस हो गए, लेकिन कुछ दूरी के बाद पुन: वापस नदी की ओर जाने लगे और पहुंचकर स्नान के लिए दोनों ने छलांग लगा दी। इधर, नदी में दोनों भाई-बहन डूब गए। नदी के दूसरी तरफ मौजूद एक ग्रामीण दोनों मासूमों को डूबता देख शोर मचाने लगा। ग्रामीण जब तक नाव से पहुंचे। तब तक नदी में दोनों बच्चे डूब चुके थे। शोर सुनकर घटना स्थल पर गांव के लोग पहुंचे और काफी प्रयास के बाद दोनों को नदी से बाहर निकाला। परिवार के लोग दोनों मासूमों का शव देखकर रोने-बिलखने लगे। ग्रामीण परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराने में जुटे रहे।
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थानाध्यक्ष संतोष कुमार पाठक ने बताया कि दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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हमार ललवा दोनों छोड़कर कहां चल गईल... रे माई
करंडा। हमार ललवा दोनों छोड़कर कहां चल गईल... रे माई। मेडिकल कॉलेज अस्पताल से मॉर्च्युरी हाउस के पास सीढि़यों पर बिलख रहीं मां हेमवंती बिंद बार- बार कह रही थीं। गांव के लोग उन्हें संभाल रहे थे, लेकिन वह बिलखते-बिलखते अचेत हो जा रही थीं। दरअसल, शुक्रवार की सुबह घर से मात्र 300 मीटर दूर नदी में मासूम भाई-बहन डूब गए थे, परिवार के लोग दोनों की तलाश कर रहे थे। बता दें कि जहां दोनों मासूम डूबे, उससे मात्र 100 मीटर दूर करीब दस साल पहले नाव पर बैठे पति-पत्नी की डूबकर मौत हो गई थी।
माहेपुर गांव निवासी संतोष चौधरी ने बताया कि मृतक बच्चों के पिता संतोष बिंद राजस्थान में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। लगातार बारिश से गांगी नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है, लेकिन न तो जिम्मेदारों द्वारा नदियों के जल स्तर बढ़ने का डाटा लिया जाता है और न ही नदी किनारे कोई बैरिकेडिंग की गई थी। बताया कि करीब दस वर्ष पूर्व गांगी नदी में ही नाव पर बैठे भटौली गांव के पति-पत्नी की डूबकर मौत हो गई थी। हादसे की जानकारी मिलते ही बच्चों के पिता संतोष बिंद राजस्थान से घर के लिए रवाना हो गए हैं। संतोष ने बताया कि हादसे में कृष्णा बिंद और प्रिया बिंद की मौत से गांव में शोक है। एक ही परिवार के दो मासूम बच्चों की मौत से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घाटों पर सुरक्षा के नहीं है इंतजाम
माहेपुर गांव निवासी संतोष चौधरी ने बताया कि गांगी नदी के किनारे घाटों पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। गांगी नदी बारिश के पानी और गंगा का जलस्तर बढ़ने से उफना जाती है। बावजूद जिम्मेदरों द्वारों यहां नदी के जलस्तर का पता लगाने के लिए कोई यंत्र तक नहीं लगाई गई है। ऐसे में नदी के जलस्तर का पता भी नहीं लग पाता है।

मेडिकल कॉलेज के आपात कक्ष के बाहर बेटे और बेटी की मौत की सूचना के बाद रोती-बिलखती हेमवंती बिंद।

मेडिकल कॉलेज के आपात कक्ष के बाहर बेटे और बेटी की मौत की सूचना के बाद रोती-बिलखती हेमवंती बिंद।