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कुछ भी बनने से पहले आप मानव बनें
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मतसा। क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव में मानव धर्म प्रसार प्रवर्तन समाजसेवी संस्था का वार्षिक सम्मेलन आयोजित है। पांचवें एवं अंतिम दिन संत दयाराम दास ने कहा कि कुछ भी बनने से पहले आप मानव बनें। समाज में भ्रष्टाचार खुले कैंसर की तरह बढ़ता जा रहा है जिसे समाप्त कर समाज को बचाना होगा।
कथा में बिहार से आए शिवजी महाराज ने कहा कि धर्म की रक्षा करने वाले की रक्षा स्वयं धर्म ही करता है। जब-जब हमारे धर्म, संस्कृति एवं सभ्यता पर संकट आता है, धर्म तथा ज्ञान के स्रोत वेद, उपनिषद, आरण्यक और अन्यान्य का लोप होने लगता है तब-तब भगवान अपनी शक्ति के साथ धराधाम पर अवतरित होकर काल परिस्थिति के अनुसार वाणी अथवा कर्म या यें कहें कि शास्त्र एवं शस्त्र जैसी आवश्यकता होती है उसके द्वारा धर्म की रक्षा करते हैं। जमानिया की विधायक सुनीता सिंह ने कहा कि श्रीराम के आदर्श का अनुकरण करके ही हम अपना जीवन धन्य कर पाएंगे। इसलिए प्रभु राम की ओर से बताए गए रास्ते पर चलना चाहिए। कथा में पंडित नीरज शास्त्री, चंद्रेश महाराज, आरती पाठक आदि ने विचार रखा। मंच का संचालन सुखपाल एवं आभार आयोजक संत दयाराम दास ने व्यक्त किया। अंतिम दिन भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर राजबली यादव, संतोष यादव, विपिन यादव, नंदलाल यादव, विजय, अवधेश आदि उपस्थित थे।
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कथा में बिहार से आए शिवजी महाराज ने कहा कि धर्म की रक्षा करने वाले की रक्षा स्वयं धर्म ही करता है। जब-जब हमारे धर्म, संस्कृति एवं सभ्यता पर संकट आता है, धर्म तथा ज्ञान के स्रोत वेद, उपनिषद, आरण्यक और अन्यान्य का लोप होने लगता है तब-तब भगवान अपनी शक्ति के साथ धराधाम पर अवतरित होकर काल परिस्थिति के अनुसार वाणी अथवा कर्म या यें कहें कि शास्त्र एवं शस्त्र जैसी आवश्यकता होती है उसके द्वारा धर्म की रक्षा करते हैं। जमानिया की विधायक सुनीता सिंह ने कहा कि श्रीराम के आदर्श का अनुकरण करके ही हम अपना जीवन धन्य कर पाएंगे। इसलिए प्रभु राम की ओर से बताए गए रास्ते पर चलना चाहिए। कथा में पंडित नीरज शास्त्री, चंद्रेश महाराज, आरती पाठक आदि ने विचार रखा। मंच का संचालन सुखपाल एवं आभार आयोजक संत दयाराम दास ने व्यक्त किया। अंतिम दिन भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर राजबली यादव, संतोष यादव, विपिन यादव, नंदलाल यादव, विजय, अवधेश आदि उपस्थित थे।
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