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Ghazipur News: एक करोड़ से पुल पर 110 स्ट्रीट लाइटें लगाने का काम शुरू
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सुहवल। गंगा नदी पर बने बहुप्रतीक्षित रेल-सह-सड़क पुल के टॉप फ्लोर को अब अत्याधुनिक रोशनी से सजाया जा रहा है। बुधवार से करीब एक करोड़ रुपये से 110 स्ट्रीट लाइटें लगाने का कार्य शुरू हो गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार कार्य शीघ्र पूरा किया जाएगा, जिससे पुल पर रात्रिकालीन आवागमन और अधिक सुरक्षित व सुगम हो सकेगा।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक टॉप फ्लोर पर लगाई जा रही प्रत्येक स्ट्रीट लाइट 11 मीटर ऊंचे स्टील्थ पोल लगाए जा रहे हैं। पुल के दोनों ओर 55-55 लाइटें लगेंगी। इनका विद्युत कनेक्शन सीधे रेलवे स्टेशन से जोड़े जाने का प्रस्ताव है, जिससे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। करीब 420 करोड़ रुपये से निर्मित यह डबल लेन रेल-सह-सड़क पुल कुल 1050 मीटर लंबा है, जबकि टॉप फ्लोर की चौड़ाई लगभग 16 मीटर है। इसकी आधारशिला वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी और निर्माण कार्य 2023 में पूर्ण हुआ।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि करीब 18 हजार टन वजनी यह विशाल पुल 100 टन तक भार क्षमता वाले भारी वाहनों का दबाव सहने में सक्षम है। यह पुल संरचनात्मक रूप से 14 पिलरों, 52 स्फेरिकल बेयरिंग और 14 एक्सपेंशन जॉइंट्स पर टिका है।
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इस पुल को पूरी तरह नट-बोल्ट तकनीक के आधार पर तैयार किया गया है। आरवीएनएल के परियोजना निदेशक पवन कुमार सिंह ने बताया कि रेल-सह-सड़क पुल के टॉप फ्लोर पर स्ट्रीट लाइट लगाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके बाद पुल से आवागमन और अधिक सुरक्षित तथा सुचारु हो सकेगा।
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रेलवे अधिकारियों के मुताबिक टॉप फ्लोर पर लगाई जा रही प्रत्येक स्ट्रीट लाइट 11 मीटर ऊंचे स्टील्थ पोल लगाए जा रहे हैं। पुल के दोनों ओर 55-55 लाइटें लगेंगी। इनका विद्युत कनेक्शन सीधे रेलवे स्टेशन से जोड़े जाने का प्रस्ताव है, जिससे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। करीब 420 करोड़ रुपये से निर्मित यह डबल लेन रेल-सह-सड़क पुल कुल 1050 मीटर लंबा है, जबकि टॉप फ्लोर की चौड़ाई लगभग 16 मीटर है। इसकी आधारशिला वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी और निर्माण कार्य 2023 में पूर्ण हुआ।
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रेलवे अधिकारियों ने बताया कि करीब 18 हजार टन वजनी यह विशाल पुल 100 टन तक भार क्षमता वाले भारी वाहनों का दबाव सहने में सक्षम है। यह पुल संरचनात्मक रूप से 14 पिलरों, 52 स्फेरिकल बेयरिंग और 14 एक्सपेंशन जॉइंट्स पर टिका है।
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इस पुल को पूरी तरह नट-बोल्ट तकनीक के आधार पर तैयार किया गया है। आरवीएनएल के परियोजना निदेशक पवन कुमार सिंह ने बताया कि रेल-सह-सड़क पुल के टॉप फ्लोर पर स्ट्रीट लाइट लगाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके बाद पुल से आवागमन और अधिक सुरक्षित तथा सुचारु हो सकेगा।