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Ghazipur News: खतरा बने हैं तार-पोल और ट्रांसफॉर्मर, जिम्मेदार बेपरवाह
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गाजीपुर। मकानों, दुकानों और झोपड़ियों से सटे एचटी लाइन के तार, पोल और ट्रांसफॉर्मर मौत के सामान बने हैं। तार-पोल पहले लगे या भवन पहले बना, यह जांच का विषय हो सकता है लेकिन रहवास की जद में स्थित बिजली के उपकरणों से अगर कोई दुर्घटना हुई तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा, यह सवाल खड़ा हो गया है। जगह-जगह खतरा बने तार-पोल और ट्रांसफॉर्मरों पर जिम्मेदारों की नजर अब तक नहीं पड़ी।
जमानिया नगर में थाने के सामने जाने वाली गली और तहसील की बाउंड्री से लगी चांदपुर नई बस्ती में झोपड़ियों के ऊपर से बिजली के हाईटेंशन तार गुजरे हैं। बिजली के खंभे को तो झोपड़ी के बीच में ही लगा दिया गया है। चार दशक से अधिक समय से इस इलाके में रह रहे आधा दर्जन परिवार हर क्षण खतरे के बीच गुजारते हैं। उनका कहना है कि तार ढीले ढाले हैं और स्पार्किंग का डर हमेशा बना रहता है। बारिश के मौसम में यह खतरा और गंभीर हो जाता है। कई बार खंभे पर करंट उतर जाता है। यहां रह रहे परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर है। वे किराए पर भी नहीं रह सकते। यही स्थिति नगर पंचायत दिलदारनगर की है, जहां वार्ड पांच शास्त्री नगर में मस्जिद के समीप और दुकानों के बीच चार दशक से ट्रांसफॉर्मर लगा हुआ है। कपड़ा, मोबाइल, मेडिकल, जनरल स्टोर की दुकानें ट्रांसफॉर्मर के आसपास ही हैं। जनरल स्टोर संचालक चंदन शाह बताते हैं कि दुकानों के सामने लगे ट्रांसफॉर्मर की उंचाई कम है। कई बार हादसे होते-होते बच गए हैं। तेल रिसाव होने के कारण ट्रांसफॉर्मर में आग और ब्लास्ट भी हो चुका है। संयोग रहा कि उस समय दुकानें बंद थीं। कई बार शिकायत की गई। क्षेत्रीय विधायक ओम प्रकाश सिंह से पत्र भी लिखवाकर बिजली विभाग में जमा किया गया लेकिन कुछ नहीं हुआ।
नगर पंचायत दिलदारनगर के वार्ड संख्या 11 श्रीराम नगर में भी हादसे को दावत देने वाली तस्वीरें देख सकते हैं। जबकि इसी वार्ड में खुद नगर पंचायत चेयरमैन अविनाश जायसवाल रहते हैं। यहां प्राथमिक विद्यालय, सरस्वती मंदिर और मुख्य बाजार में जाने वाले मुख्य मार्ग पर आयुष्मान भारत आरोग्य स्वास्थ्य केंद्र के पास खुले में ट्रांसफाॅर्मर रखा है, जहां हमेशा बच्चे खेलते कूदते भी रहते हैं। ऐसे में हादसे का डर हमेशा सताता है।
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गाजीपुर नगर पालिका में भी जगह-जगह ऐसी ही तस्वीरें दिखती हैं। इंद्रपुरी कॉलोनी में जंगी पौधे की लताएं बिजली के तार दीवार की भांति लपेट ली हैं। इससे विद्युत तार लटकते जा रहे हैं, जिससे कभी भी टूटकर गिर सकते हैं। इस कॉलोनी में अधिकारी भी रहते हैं लेकिन बिजली विभाग के जिम्मेदारों की नजर नहीं पड़ रही, जो कभी हादसे का कारण बन सकती है।
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जमानिया नगर में थाने के सामने जाने वाली गली और तहसील की बाउंड्री से लगी चांदपुर नई बस्ती में झोपड़ियों के ऊपर से बिजली के हाईटेंशन तार गुजरे हैं। बिजली के खंभे को तो झोपड़ी के बीच में ही लगा दिया गया है। चार दशक से अधिक समय से इस इलाके में रह रहे आधा दर्जन परिवार हर क्षण खतरे के बीच गुजारते हैं। उनका कहना है कि तार ढीले ढाले हैं और स्पार्किंग का डर हमेशा बना रहता है। बारिश के मौसम में यह खतरा और गंभीर हो जाता है। कई बार खंभे पर करंट उतर जाता है। यहां रह रहे परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर है। वे किराए पर भी नहीं रह सकते। यही स्थिति नगर पंचायत दिलदारनगर की है, जहां वार्ड पांच शास्त्री नगर में मस्जिद के समीप और दुकानों के बीच चार दशक से ट्रांसफॉर्मर लगा हुआ है। कपड़ा, मोबाइल, मेडिकल, जनरल स्टोर की दुकानें ट्रांसफॉर्मर के आसपास ही हैं। जनरल स्टोर संचालक चंदन शाह बताते हैं कि दुकानों के सामने लगे ट्रांसफॉर्मर की उंचाई कम है। कई बार हादसे होते-होते बच गए हैं। तेल रिसाव होने के कारण ट्रांसफॉर्मर में आग और ब्लास्ट भी हो चुका है। संयोग रहा कि उस समय दुकानें बंद थीं। कई बार शिकायत की गई। क्षेत्रीय विधायक ओम प्रकाश सिंह से पत्र भी लिखवाकर बिजली विभाग में जमा किया गया लेकिन कुछ नहीं हुआ।
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नगर पंचायत दिलदारनगर के वार्ड संख्या 11 श्रीराम नगर में भी हादसे को दावत देने वाली तस्वीरें देख सकते हैं। जबकि इसी वार्ड में खुद नगर पंचायत चेयरमैन अविनाश जायसवाल रहते हैं। यहां प्राथमिक विद्यालय, सरस्वती मंदिर और मुख्य बाजार में जाने वाले मुख्य मार्ग पर आयुष्मान भारत आरोग्य स्वास्थ्य केंद्र के पास खुले में ट्रांसफाॅर्मर रखा है, जहां हमेशा बच्चे खेलते कूदते भी रहते हैं। ऐसे में हादसे का डर हमेशा सताता है।
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गाजीपुर नगर पालिका में भी जगह-जगह ऐसी ही तस्वीरें दिखती हैं। इंद्रपुरी कॉलोनी में जंगी पौधे की लताएं बिजली के तार दीवार की भांति लपेट ली हैं। इससे विद्युत तार लटकते जा रहे हैं, जिससे कभी भी टूटकर गिर सकते हैं। इस कॉलोनी में अधिकारी भी रहते हैं लेकिन बिजली विभाग के जिम्मेदारों की नजर नहीं पड़ रही, जो कभी हादसे का कारण बन सकती है।