{"_id":"62aa20f37cba70106a2fcadf","slug":"what-was-the-heat-which-was-causing-indiscriminate-power-cuts-ghazipur-news-vns6590964172","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्मी ही क्या थी कम जो अंधाधुंध बिजली कटौती ढा रही सित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गर्मी ही क्या थी कम जो अंधाधुंध बिजली कटौती ढा रही सित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेतहाशा गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। धूप इतनी तेज हो रही है जिससे शरीर झुलस जाए। ऐसे में शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती होने पर लोगों का घर में रहना मुश्किल हो गया है। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में रोस्टर के अनुसार बिजली सप्लाई नहीं हो पा रही है जिससे उमस भरी गर्मी के बीच लोग त्रस्त हैं। जहां ग्रामीण क्षेत्रों में छह घंटे से 10 घंटे बिजली की कटौती हो रही है, वहीं शहर में चार से पांच घंटे की बिजली कटौती आम हो गई। राहत के लिए लोग पूरे दिन हाथ के पंखे से राहत पाने की कोशिश में लगे हैं साथ ही पेड़ों की ठंडी छांव भी लोगों को भा रही है।
मांग में बढ़ोत्तरी
बिजली विभाग का कहना है कि जून के महीने पूरे जनपद में 30 मिलियन यूनिट बिजली की मांग बढ़ गई है। ऐसे में जनपद को मिलने वाली 140 मिलियन यूनिट से गांव सहित शहर को संभाल पाना मुश्किल हो रहा है, जबकि इन दिनों डिमांड 170 मिलियन यूनिट के करीब है। वहीं पिछले साल जनपद में कुल 115 मिलियन यूनिट मांग थी। जिसमें करीब 35 मिलियन यूनिट की बढ़ोत्तरी हुई है। बावजूद इसके जनपद भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती की समस्या से जूझ रहा है।
भीषण गर्मी होने से जनपद में बिजली की मांग बढ़ गई है। जिससे मिल रही बिजली से बढ़ी मांग को पूरा कर पाना संभव नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की कटौती बढ़ी हुई है। उसकी अपेक्षा शहर में बिजली कटौती कम हो रही है।
विज्ञापन
सीबी सिंह, अधिशासी अभियंता, बिजली विभाग
कासिमाबाद : दिन, दोपहर हो या रात कटौती कभी भी
132 केवीए विद्युत उपकेंद्र से कासिमाबाद, महरौड़, ढोटारी, सनेहुंआ, बहादुरगंज के 33 केबीए विद्युत उपकेंद्र को बिजली आपूर्ति की जाती है। स्थिति यह है कि बुधवार को 24 घंटे में छह बार दो-दो घंटे के लिए मेन सप्लाई बंद किया गया। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अधिक डिमांड और उत्पादन पर विपरीत प्रभाव के कारण विद्युत उपकेंद्रों को बारी-बारी से विद्युत कटौती किया जा रहा है। ऐसे में कटौती होने से गर्मी में लोग बिलबिला जा रहे हैं। रात में सोने का समय हो या दिन में दोपहर की गर्मी हो कभी भी बिजली कटौती हो जाने से लोगों का सोना, खाना सब हराम हो गया है। वहीं, 33 केवीए विद्युत उपकेंद्र कासिमाबाद से संबंधित सिंगेरा फीडर पर हाईटेंशन तार जर्जर होने के कारण लगातार टूटने से आपूर्ति में खलल पड़ती है। इस फीडर के उपभोक्ताओं का कहना है कि शासन से कटौती के बाद भी जो बिजली मिल रही है। वह जर्जर तार के टूटने से लगातार प्रभावित हो रही है।
भीमापार : 7 से 8 घंटे भी नहीं मिल रही है बिजली
इस समय अघोषित बिजली कटौती से पूरे क्षेत्र में लोग बेहाल हो गए हैं। बीते दो सप्ताह से पड़ रही जानलेवा गर्मी के बीच एक सप्ताह से चाहे दिन हो या रात बिजली 7 से 8 घंटे भी नहीं मिल पा रही है। क्षेत्र में बिजली कब आ रही है और कब जा रही है, इसका पता भी नहीं लग रहा है। इस दौरान कई बार ट्रिप हो रही है। इस अघोषित कटौती से लोगों में आक्रोश है। जबकि शासन की मंशा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाए।
दुल्लहपुर : 200 गांवों में बिजली ने रुलाया
क्षेत्र में भीषण गर्मी में बिजली कटौती से लोगों का बुरा हाल है। इससे लोगों को पेयजल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक से जुड़े तमाम उपकरण शोपीस बने हुए हैं। पिछले एक सप्ताह से 6 से 10 घंटा बिजली ही मिल पा रहा है। ऐसे में दुल्लहपुर विद्युत उपकेंद्र, जखनिया विद्युत उपकेंद्र के 200 गांवों में बिजली के अघोषित कटौती से लोगों को जूझना पड़ रहा है। वहीं खानपुर क्षेत्र के लोग उमस और गर्मी के बीच बिजली कटौती से लोगों का हाल बेहाल है। विद्युत उप केंद्र रामपुर पर अघोषित बिजली कटौती होने से क्षेत्र में आठ से 10 घंटे ही बिजली सप्लाई हो पा रही है।
दुबिहां : घंटों की कटौती कर रही परेशान
अघोषित बिजली कटौती से आम ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। दिन में चार-चार घंटे तक की बिजली गुल रहता है। जिससे दुकानदारों और उपभोक्ताओं को काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीण फीडर में करीमुद्दीनपुर से 100 गांव और दुबिहां से 70 गांव की विद्युत सप्लाई की जाती है। इन फीडरों से बिजली सप्लाई दिन में चार से पांच घंटे तक कटौती होने से उपभोक्ताओं को काफी परेशानी होती है। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग रोस्टर के अनुसार बिजली सप्लाई नहीं कर रही है। इस समय बदन को झुलसाने वाली उमस व गर्मी के बीच बिजली की कटौती से करीमुद्दीनपुर, लठ्ठुडीह, पहराजपुर, दुबिहां, हरदासपुर, नेवादा, पाहुपुर, खडहरा, कमसडी, असावर आदि स्थानों पर लोग त्रस्त हैं।
सेवराई : आए दिन तकनीकी खराबी और शॉर्ट सर्किट
तहसील क्षेत्र में इन दिनों अघोषित बिजली कटौती से लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। आए दिन तकनीकी खराबी और शॉर्ट सर्किट की वजह से तार टूट कर गिरते रहते हैं। जिससे लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है। वहीं लाइनमैन द्वारा मरम्मत के नाम पर ग्रामीणों से अवैध वसूली भी की जाती है। कई बार शिकायत के बावजूद संबंधित अधिकारी उदासीन बने हुए हैं ।लोगों ने बताया कि एक तो बिजली कम मिल रही है और जर्जर तार के शार्ट सर्किट से बेवजह बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
16 दिन से बिजली को तरस रहे ओडराई गांव के लोग
दुल्लहपुर। क्षेत्र के ओडराई गांव में पिछले 16 दिनों से बिजली की आपूर्ति नहीं होने से लोग गर्मी से बिलबिला गए हैं। पिछले महीने आंधी-पानी में ओडरई गांव के पास पोल टूट गई थी। जिसके बाद 40 घरों की आपूर्ति 16 दिनों से ठप पड़ी हुई है। बिरनो उपकेंद्र से आपूर्ति होने वाले क्षेत्र में इतने लंबे समय से आपूर्ति बाधित होने बाद दुश्वरिया झेल रहे है। लोगों ने कई बार विभाग के अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया इसके बाद भी अब तक गांव में आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पोल नहीं है। जिससे समस्या आ रही है। बिजली नहीं मिलने से ग्रामीण किसी तरह गर्मी में रहने को मजबूर हैं। दिन में तपती धूप तथा रात में उमस भरी गर्मी से नींद नहीं पूरी हो पा रही है। इससे ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति आक्रोश पनपता जा रहा है। इस मामले में बात करने पर अधिशासी अभियंता सोनम मणि ने बताया कि पोल आते ही दो दिन के भीतर ही ओडराई गांव में टूटे पोल को बदलकर आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
विज्ञापन
मांग में बढ़ोत्तरी
बिजली विभाग का कहना है कि जून के महीने पूरे जनपद में 30 मिलियन यूनिट बिजली की मांग बढ़ गई है। ऐसे में जनपद को मिलने वाली 140 मिलियन यूनिट से गांव सहित शहर को संभाल पाना मुश्किल हो रहा है, जबकि इन दिनों डिमांड 170 मिलियन यूनिट के करीब है। वहीं पिछले साल जनपद में कुल 115 मिलियन यूनिट मांग थी। जिसमें करीब 35 मिलियन यूनिट की बढ़ोत्तरी हुई है। बावजूद इसके जनपद भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती की समस्या से जूझ रहा है।
विज्ञापन
भीषण गर्मी होने से जनपद में बिजली की मांग बढ़ गई है। जिससे मिल रही बिजली से बढ़ी मांग को पूरा कर पाना संभव नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की कटौती बढ़ी हुई है। उसकी अपेक्षा शहर में बिजली कटौती कम हो रही है।
विज्ञापन
सीबी सिंह, अधिशासी अभियंता, बिजली विभाग
कासिमाबाद : दिन, दोपहर हो या रात कटौती कभी भी
132 केवीए विद्युत उपकेंद्र से कासिमाबाद, महरौड़, ढोटारी, सनेहुंआ, बहादुरगंज के 33 केबीए विद्युत उपकेंद्र को बिजली आपूर्ति की जाती है। स्थिति यह है कि बुधवार को 24 घंटे में छह बार दो-दो घंटे के लिए मेन सप्लाई बंद किया गया। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अधिक डिमांड और उत्पादन पर विपरीत प्रभाव के कारण विद्युत उपकेंद्रों को बारी-बारी से विद्युत कटौती किया जा रहा है। ऐसे में कटौती होने से गर्मी में लोग बिलबिला जा रहे हैं। रात में सोने का समय हो या दिन में दोपहर की गर्मी हो कभी भी बिजली कटौती हो जाने से लोगों का सोना, खाना सब हराम हो गया है। वहीं, 33 केवीए विद्युत उपकेंद्र कासिमाबाद से संबंधित सिंगेरा फीडर पर हाईटेंशन तार जर्जर होने के कारण लगातार टूटने से आपूर्ति में खलल पड़ती है। इस फीडर के उपभोक्ताओं का कहना है कि शासन से कटौती के बाद भी जो बिजली मिल रही है। वह जर्जर तार के टूटने से लगातार प्रभावित हो रही है।
भीमापार : 7 से 8 घंटे भी नहीं मिल रही है बिजली
इस समय अघोषित बिजली कटौती से पूरे क्षेत्र में लोग बेहाल हो गए हैं। बीते दो सप्ताह से पड़ रही जानलेवा गर्मी के बीच एक सप्ताह से चाहे दिन हो या रात बिजली 7 से 8 घंटे भी नहीं मिल पा रही है। क्षेत्र में बिजली कब आ रही है और कब जा रही है, इसका पता भी नहीं लग रहा है। इस दौरान कई बार ट्रिप हो रही है। इस अघोषित कटौती से लोगों में आक्रोश है। जबकि शासन की मंशा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाए।
दुल्लहपुर : 200 गांवों में बिजली ने रुलाया
क्षेत्र में भीषण गर्मी में बिजली कटौती से लोगों का बुरा हाल है। इससे लोगों को पेयजल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक से जुड़े तमाम उपकरण शोपीस बने हुए हैं। पिछले एक सप्ताह से 6 से 10 घंटा बिजली ही मिल पा रहा है। ऐसे में दुल्लहपुर विद्युत उपकेंद्र, जखनिया विद्युत उपकेंद्र के 200 गांवों में बिजली के अघोषित कटौती से लोगों को जूझना पड़ रहा है। वहीं खानपुर क्षेत्र के लोग उमस और गर्मी के बीच बिजली कटौती से लोगों का हाल बेहाल है। विद्युत उप केंद्र रामपुर पर अघोषित बिजली कटौती होने से क्षेत्र में आठ से 10 घंटे ही बिजली सप्लाई हो पा रही है।
दुबिहां : घंटों की कटौती कर रही परेशान
अघोषित बिजली कटौती से आम ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। दिन में चार-चार घंटे तक की बिजली गुल रहता है। जिससे दुकानदारों और उपभोक्ताओं को काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीण फीडर में करीमुद्दीनपुर से 100 गांव और दुबिहां से 70 गांव की विद्युत सप्लाई की जाती है। इन फीडरों से बिजली सप्लाई दिन में चार से पांच घंटे तक कटौती होने से उपभोक्ताओं को काफी परेशानी होती है। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग रोस्टर के अनुसार बिजली सप्लाई नहीं कर रही है। इस समय बदन को झुलसाने वाली उमस व गर्मी के बीच बिजली की कटौती से करीमुद्दीनपुर, लठ्ठुडीह, पहराजपुर, दुबिहां, हरदासपुर, नेवादा, पाहुपुर, खडहरा, कमसडी, असावर आदि स्थानों पर लोग त्रस्त हैं।
सेवराई : आए दिन तकनीकी खराबी और शॉर्ट सर्किट
तहसील क्षेत्र में इन दिनों अघोषित बिजली कटौती से लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। आए दिन तकनीकी खराबी और शॉर्ट सर्किट की वजह से तार टूट कर गिरते रहते हैं। जिससे लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है। वहीं लाइनमैन द्वारा मरम्मत के नाम पर ग्रामीणों से अवैध वसूली भी की जाती है। कई बार शिकायत के बावजूद संबंधित अधिकारी उदासीन बने हुए हैं ।लोगों ने बताया कि एक तो बिजली कम मिल रही है और जर्जर तार के शार्ट सर्किट से बेवजह बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
16 दिन से बिजली को तरस रहे ओडराई गांव के लोग
दुल्लहपुर। क्षेत्र के ओडराई गांव में पिछले 16 दिनों से बिजली की आपूर्ति नहीं होने से लोग गर्मी से बिलबिला गए हैं। पिछले महीने आंधी-पानी में ओडरई गांव के पास पोल टूट गई थी। जिसके बाद 40 घरों की आपूर्ति 16 दिनों से ठप पड़ी हुई है। बिरनो उपकेंद्र से आपूर्ति होने वाले क्षेत्र में इतने लंबे समय से आपूर्ति बाधित होने बाद दुश्वरिया झेल रहे है। लोगों ने कई बार विभाग के अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया इसके बाद भी अब तक गांव में आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पोल नहीं है। जिससे समस्या आ रही है। बिजली नहीं मिलने से ग्रामीण किसी तरह गर्मी में रहने को मजबूर हैं। दिन में तपती धूप तथा रात में उमस भरी गर्मी से नींद नहीं पूरी हो पा रही है। इससे ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति आक्रोश पनपता जा रहा है। इस मामले में बात करने पर अधिशासी अभियंता सोनम मणि ने बताया कि पोल आते ही दो दिन के भीतर ही ओडराई गांव में टूटे पोल को बदलकर आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।