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Ghazipur News: 20 साल से जिसका डर था, वही हुआ हाईटेंशन तार से बांस टकराने से हादसा
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गाजीपुर। नरवर गांव के लोगों को पिछले दो दशक से जो डर सता रहा था, आखिरकार वही हो गया। हादसे ने व्यवस्थाओं की बात करने वाले हाकिमों को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। जिस जगह हादसा हुआ वहां से चार लाख वोल्ट की लाइन गुजरी है, जिसके नीचे खड़े होने में भी लोगों को डर लगता है। बारिश के दिन में जिस तार के नीचे लोग छतरी तक लेकर जाने से डरते हैं, वहां बिना अनुमति के इतना बड़ा आयोजन हो रहा था। हैरानी की बात यह कि इससे प्रशासन अनजान बना रहा।
एचटी लाइन हादसे में मृत सिपाही रविंद्र यादव उनके छोटे भाई गोरख यादव (20) और अमन यादव के घर जाने वाले रास्ते से गुजरा है। ग्रामीणों के मुताबिक दो दशक पहले से गुजरे इस तार से विद्युत आपूर्ति मऊ जिले में होती है, जिसके नीचे इस समय भी खड़े होने में डर लगता है। बारिश के दिनों में यह डर इस कदर बढ़ जाता है कि लोग छाता लेकर भी गुजरने से डरते हैं। इसी बीच पंथी सुरेंद्र यादव ने अपने घर के बगल खेत में काशीदास बाबा का पूजन का निर्णय लिया। पिछले गई दिनोें से तैयारी चल रही थी। केले और बांस से पूजा का मंडप बनाया गया था। एक बड़े बांस पर धार्मिक झंडा लगाया गया था। रात में ही उसे खड़ा कर दिया गया था लेकिन सुबह पंथी सुरेंद्र यादव ने कहा कि झंडे में आम का पल्लव नहीं लगा है, जिसे लगाना होगा। ऐसे में आम का पल्वल लगाने के लिए हरे बांस को फिर उखाड़ा गया। इसके बाद उसे खड़ा किया जा रहा था तभी हरे बांस को ऊपर से गुजरे हाईवोल्टेज करंट ने खींच लिया। वहां मौजूद पिपनार निवासी रंजीत कुमार के मुताबिक सात लोग करंट की चपेट में आ गए। हादसे के समय उस समय वहां लगभग 300-400 लोग मौजूद थे। लोग इधर-उधर भागने लगे। हालांकि कुछ लोगों ने सूखे डंडे से हरे बांस को हाईटेंशन लाइन से अलग किया। इसके बाद लाइनमैन को फोन कर बिजली सप्लाई बंद करवाई गई। फिर झुलसे लोगों को अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक चार लोगों की मौत हो चुकी थी।
हादसे के बाद पहुंचे अधिकारियों ने देखा कि आयोजन स्थल पर किस तरह की तैयारी की गई थी। स्वागत के लिए होर्डिंग्स लगाए गए थे। पता चला कि 15 हजार लोगों के लिए भोजन तैयार कराया जा रहा था। वहां मौजूद लोग पूजा में पूर्वांचल के जिलों के अलावा, बिहार तक के लोगों के शामिल होने की बात कह रहे थे। दो दिन पहले तक सपा के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्वमंत्री शिवपाल यादव के आने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित था। एक दिन पहले स्नातक एमएलसी आशुतोष सिन्हा आए थे। जबकि शिक्षक एमएलसी लालबिहारी यादव के भी कार्यक्रम में शामिल होने की खबर थी। इसके अलावा जिले की प्रमुख हस्तियों के स्वागत की भी तैयारी थी। खुद पंथी सुरेंद्र यादव ने भी नंगे पांव आसपास के गांवों में जाकर लोगों को आमंत्रित किया था। लेकिन, प्रशासन से कार्यक्रम की अनुमति नहीं ली गई थी। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर मनोज पाठक ने कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी।
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एचटी लाइन हादसे में मृत सिपाही रविंद्र यादव उनके छोटे भाई गोरख यादव (20) और अमन यादव के घर जाने वाले रास्ते से गुजरा है। ग्रामीणों के मुताबिक दो दशक पहले से गुजरे इस तार से विद्युत आपूर्ति मऊ जिले में होती है, जिसके नीचे इस समय भी खड़े होने में डर लगता है। बारिश के दिनों में यह डर इस कदर बढ़ जाता है कि लोग छाता लेकर भी गुजरने से डरते हैं। इसी बीच पंथी सुरेंद्र यादव ने अपने घर के बगल खेत में काशीदास बाबा का पूजन का निर्णय लिया। पिछले गई दिनोें से तैयारी चल रही थी। केले और बांस से पूजा का मंडप बनाया गया था। एक बड़े बांस पर धार्मिक झंडा लगाया गया था। रात में ही उसे खड़ा कर दिया गया था लेकिन सुबह पंथी सुरेंद्र यादव ने कहा कि झंडे में आम का पल्लव नहीं लगा है, जिसे लगाना होगा। ऐसे में आम का पल्वल लगाने के लिए हरे बांस को फिर उखाड़ा गया। इसके बाद उसे खड़ा किया जा रहा था तभी हरे बांस को ऊपर से गुजरे हाईवोल्टेज करंट ने खींच लिया। वहां मौजूद पिपनार निवासी रंजीत कुमार के मुताबिक सात लोग करंट की चपेट में आ गए। हादसे के समय उस समय वहां लगभग 300-400 लोग मौजूद थे। लोग इधर-उधर भागने लगे। हालांकि कुछ लोगों ने सूखे डंडे से हरे बांस को हाईटेंशन लाइन से अलग किया। इसके बाद लाइनमैन को फोन कर बिजली सप्लाई बंद करवाई गई। फिर झुलसे लोगों को अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक चार लोगों की मौत हो चुकी थी।
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हादसे के बाद पहुंचे अधिकारियों ने देखा कि आयोजन स्थल पर किस तरह की तैयारी की गई थी। स्वागत के लिए होर्डिंग्स लगाए गए थे। पता चला कि 15 हजार लोगों के लिए भोजन तैयार कराया जा रहा था। वहां मौजूद लोग पूजा में पूर्वांचल के जिलों के अलावा, बिहार तक के लोगों के शामिल होने की बात कह रहे थे। दो दिन पहले तक सपा के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्वमंत्री शिवपाल यादव के आने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित था। एक दिन पहले स्नातक एमएलसी आशुतोष सिन्हा आए थे। जबकि शिक्षक एमएलसी लालबिहारी यादव के भी कार्यक्रम में शामिल होने की खबर थी। इसके अलावा जिले की प्रमुख हस्तियों के स्वागत की भी तैयारी थी। खुद पंथी सुरेंद्र यादव ने भी नंगे पांव आसपास के गांवों में जाकर लोगों को आमंत्रित किया था। लेकिन, प्रशासन से कार्यक्रम की अनुमति नहीं ली गई थी। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर मनोज पाठक ने कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी।
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