{"_id":"5d374ea98ebc3e6cc768a542","slug":"wall-damage-ghazipur-news-vns47451795","type":"story","status":"publish","title_hn":"भरभराकर गिरा कच्चा मकान, बाल-बाल बचे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भरभराकर गिरा कच्चा मकान, बाल-बाल बचे लोग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मरदह। थाना क्षेत्र के स्थानीय गांव मरदह के राजभर बस्ती निवासी एक व्यक्ति कच्चा मकान मंगलवार की दोपहर भरभराकर गिर पड़ा। संयोग रहा कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन मलबा में दबकर हजारों का गृहस्थी का सामान नष्ट हो गया। मकान गिरने से परिवार के लोगों के सामने सर छिपाने का संकट खड़ा हो गया है।
मालूम हो कि मरदह राजभर बस्ती निवासी दीनानाथ राजभर मेहनत-मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करता है। वह अपने पुत्र पिंटू राजभर, शनि राजभर, सोनू राजभर पत्नी रिकूं देवी, पुत्री काजल राजभर और रिनू राजभर के साथ कच्चा मकान में गुजर-बशर करता था। बीते दिनों लगातार हुई तेज और धीमा बारिश से मकान पूरी तरह से भींग गया था। पानी दीवार के अंदर से रिसकर चला गया था। तेज धूप होने पर मंगलवार की दोपहर अचानक मकान भरभराकर गिर पड़ा। यह संयोग ही रहा कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन मलबे में दबकर हजारों का गृहस्थी का सामान नष्ट हो गया। मकान गिरने के बाद परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है। रहने का दूसरा ठिकाना न होने से पीड़ित दीनानाथ ने पत्नी और बच्चों को ससुराल पहुंचा दिया। खुद गांव में दूसरे के घर पर रहने को विवश हो गया है। गरीबी की वजह से फिर से मकान बनवाने में उसे सोचना पड़ रहा है। इस संबंध में ग्राम प्रधान उमरावती सिंह ने कहा कि संबंधित विभाग से बात कर पीड़ित को जल्द से जल्द सरकारी आवास उपलब्ध कराने के साथ अन्य सहायता मुहैया कराई जाएगी।
विज्ञापन
मालूम हो कि मरदह राजभर बस्ती निवासी दीनानाथ राजभर मेहनत-मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करता है। वह अपने पुत्र पिंटू राजभर, शनि राजभर, सोनू राजभर पत्नी रिकूं देवी, पुत्री काजल राजभर और रिनू राजभर के साथ कच्चा मकान में गुजर-बशर करता था। बीते दिनों लगातार हुई तेज और धीमा बारिश से मकान पूरी तरह से भींग गया था। पानी दीवार के अंदर से रिसकर चला गया था। तेज धूप होने पर मंगलवार की दोपहर अचानक मकान भरभराकर गिर पड़ा। यह संयोग ही रहा कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन मलबे में दबकर हजारों का गृहस्थी का सामान नष्ट हो गया। मकान गिरने के बाद परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है। रहने का दूसरा ठिकाना न होने से पीड़ित दीनानाथ ने पत्नी और बच्चों को ससुराल पहुंचा दिया। खुद गांव में दूसरे के घर पर रहने को विवश हो गया है। गरीबी की वजह से फिर से मकान बनवाने में उसे सोचना पड़ रहा है। इस संबंध में ग्राम प्रधान उमरावती सिंह ने कहा कि संबंधित विभाग से बात कर पीड़ित को जल्द से जल्द सरकारी आवास उपलब्ध कराने के साथ अन्य सहायता मुहैया कराई जाएगी।
विज्ञापन