शहीद का दर्जा देने की मांग, ग्रामीणों ने काटा बवाल, बसों में तोड़फोड़, वाराणसी-गाजीपुर मार्ग पर चक्काजाम
देश की सेवा में कुर्बानी देने वाले गाजीपुर के एक लाल ने ड्यूटी के दौरान घायल होने के बाद बीते दो जून की सुबह दम तोड़ दिया। शुक्रवार सुबह जवान का पार्थिव शरीर प्राइवेट एंबुलेंस में रख कर वाराणसी एयरपोर्ट से गाजीपुर स्थित गांव के लिए चला तो ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। जवान को शहीद का दर्जा देने, आर्मी की गाड़ी से पार्थिव शरीर घर भेजने सहित अन्य मांगों के लेकर प्रदर्शन करने लगे।
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उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के वृंदावन गांव निवासी सैनिक की असम में एक सड़ाक हादसे में मौत हो गई। शुक्रवार सुबह पार्थिव शरीर प्राइवेट एंबुलेंस से पहुंचने से पहले परिजन और ग्रामीणों ने सैनिक को शहीद का दर्जा देने, आर्मी की गाड़ी से पार्थिव शरीर घर भेजने और सम्मान के साथ अंत्येष्टि कराने की मांग को लेकर वाराणसी-गाजीपुर मार्ग को जाम कर दिया।
इस दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने सिधौना गांव के पास रोडवेज वाराणसी परिक्षेत्र की आधा दर्जन बसों को क्षतिग्रस्त कर दिया। ईंट, पत्थरबाजी में कई यात्रियों को भी चोटे आई हैं। आक्रोशित भीड़ को देखते हुए गाजीपुर-वाराणसी मार्ग पर बसों का संचालन फिलहाल रोक दिया गया है।
वाराणसी परिक्षेत्र के वरिष्ठ यातायात प्रभारी निरीक्षक अरविंद मिश्रा ने बताया कि आधा दर्जन बसों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। पत्थरबाजी में कई यात्रियों को भी चोट आई हैं। काशी डिपो की एक बस, कैंट डिपो की तीन और गाजीपुर डिपो की दो बसें क्षतिग्रस्त कर दी गई। फिलहाल उक्त मार्ग पर बसों का संचालन थम गया है। चालक-परिचालक उक्त मार्ग पर अब बसें लेकर जाने से कतरा रहे हैं। गाजीपुर जिले के खानपुर थाने की पुलिस के अनुसार इस मामले में एक नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ मुक़दमा दर्ज किया गया है।
गाजीपुर में धरना दे रहे सभी लोग डीएम एवं एसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े थे।। सूचना पर पहुंचे सैदपुर तहसीलदार दिनेश कुमार समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन ग्रामीण बात अनसुना कर मांग पर डटे रहे। बता दें कि बहरियाबाद थाना क्षेत्र वृंदावन गांव निवासी जवान अभिषेक यादव की असम के मीसामारी में तैनाती थी। बीते 29 मई को पहाड़ी पर लगे सैनिक कैंप से नीचे उतरते समय अनियंत्रित होकर जीप खाई में गिरने से घायल हो गए थे। असम के तेजपुर स्थित सैनिक अस्पताल में बीते दो जून को इलाज के दौरान अभिषेक यादव की मौत हो गई थी।
कुछ देर बाद पहुंचे सैदपुर तहसीलदार दिनेश कुमार और पुलिस टीम मूकदर्शक बनकर एक तरफ खड़ी दिखाई पड़ी। खबर लिखे जाने तक सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लगी हुई थी। प्रदर्शन जारी है।