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तीन से अधिक बच्चों के डीबीटी का लाभ लेने पर होगा सत्यापन
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प्रदेश सरकार ने स्कूली बच्चों को मिलने वाली डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर की धनराशि को लेकर नया फरमान जारी किया है। इसके मुताबिक जिनके तीन से अधिक बच्चे हैं, और वे परिषदीय स्कूलों में पढ़ते हैं, तो उन्हें डीबीटी के तौर पर स्कूल की ड्रेस, स्वेटर और बैग के लिए दिया जाने वाले पैसा अब सत्यापन के बाद ही दिया जाएगा।
परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को दी जाने वाली डीबीटी की धनराशि का शासन ने सत्यापन कराने का आदेश दिया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिन अभिभावकों के तीन से अधिक बच्चे परिषदीय स्कूलों में पढ़ रहे हैं, और डीबीटी का लाभ ले रहे हैं तो उनका विभाग सत्यापन कराने के बाद ही डाटा पोर्टल पर अपलोड होगा। बताया गया है कि एक ही अभिभावक के तीन से अधिक बच्चे होने पर पोर्टल उसे संदेह डाटा में तब्दील कर दे रहा है। यहां तक कि जिन बच्चों को डीबीटी की राशि दी जा चुकी है। उसमें भी यदि एक ही अभिभावक के तीन से अधिक बच्चे शामिल हैं, तो अब विभाग उनका भी सत्यापन करेगा। चूंकि स्कूल महानिदेशक ने आदेश जारी कर तीन से अधिक बच्चों को डीबीटी की राशि देने के बारे में सत्यापन के लिए निर्देश दे दिया है। संबंधित स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को इस बात के आदेश जारी कर दिए गए।
डीबीटी के जरिए एक ही अभिभावक के तीन से अधिक बच्चे होने पर उनका और उनके माता-पिता के आधार का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए शासन ने आदेश जारी कर दिया है। विद्यालय स्तर पर भी सत्यापन का काम पूरा होने के बाद ही शेष बच्चों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी की धनराशि जल्द भेज दी जाएगी। आलोक कुमार, एबीएसए सैदपुर ।
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अब होता है ऐसा
मौधा। यूपी में पहली कक्षा से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को सरकार की तरफ से दो जोड़ी यूनिफॉर्म, एक स्वेटर, एक जोड़ी जूता, दो जोड़ी मोजा और एक स्कूल बैग के लिए धनराशि दी जाती है। वर्ष 2020 से पहले यह पैसा स्कूल प्रबंध समिति के खाते में भेजा जाता था। जिसे संस्थाओं के जरिए बच्चों को यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाती थी। लेकिन कोरोना संक्रमण के बाद पिछले दो सालों से यह पैसा सीधे अभिभावकों के खाते में डीबीटी के जरिए भेजा जा रहा है।
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परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को दी जाने वाली डीबीटी की धनराशि का शासन ने सत्यापन कराने का आदेश दिया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिन अभिभावकों के तीन से अधिक बच्चे परिषदीय स्कूलों में पढ़ रहे हैं, और डीबीटी का लाभ ले रहे हैं तो उनका विभाग सत्यापन कराने के बाद ही डाटा पोर्टल पर अपलोड होगा। बताया गया है कि एक ही अभिभावक के तीन से अधिक बच्चे होने पर पोर्टल उसे संदेह डाटा में तब्दील कर दे रहा है। यहां तक कि जिन बच्चों को डीबीटी की राशि दी जा चुकी है। उसमें भी यदि एक ही अभिभावक के तीन से अधिक बच्चे शामिल हैं, तो अब विभाग उनका भी सत्यापन करेगा। चूंकि स्कूल महानिदेशक ने आदेश जारी कर तीन से अधिक बच्चों को डीबीटी की राशि देने के बारे में सत्यापन के लिए निर्देश दे दिया है। संबंधित स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को इस बात के आदेश जारी कर दिए गए।
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डीबीटी के जरिए एक ही अभिभावक के तीन से अधिक बच्चे होने पर उनका और उनके माता-पिता के आधार का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए शासन ने आदेश जारी कर दिया है। विद्यालय स्तर पर भी सत्यापन का काम पूरा होने के बाद ही शेष बच्चों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी की धनराशि जल्द भेज दी जाएगी। आलोक कुमार, एबीएसए सैदपुर ।
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मौधा। यूपी में पहली कक्षा से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को सरकार की तरफ से दो जोड़ी यूनिफॉर्म, एक स्वेटर, एक जोड़ी जूता, दो जोड़ी मोजा और एक स्कूल बैग के लिए धनराशि दी जाती है। वर्ष 2020 से पहले यह पैसा स्कूल प्रबंध समिति के खाते में भेजा जाता था। जिसे संस्थाओं के जरिए बच्चों को यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाती थी। लेकिन कोरोना संक्रमण के बाद पिछले दो सालों से यह पैसा सीधे अभिभावकों के खाते में डीबीटी के जरिए भेजा जा रहा है।