फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Verification will be done if more than three children take advantage of DBT

तीन से अधिक बच्चों के डीबीटी का लाभ लेने पर होगा सत्यापन

Sat, 20 Aug 2022 11:45 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 20 Aug 2022 11:45 PM IST
विज्ञापन
Verification will be done if more than three children take advantage of DBT
प्रदेश सरकार ने स्कूली बच्चों को मिलने वाली डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर की धनराशि को लेकर नया फरमान जारी किया है। इसके मुताबिक जिनके तीन से अधिक बच्चे हैं, और वे परिषदीय स्कूलों में पढ़ते हैं, तो उन्हें डीबीटी के तौर पर स्कूल की ड्रेस, स्वेटर और बैग के लिए दिया जाने वाले पैसा अब सत्यापन के बाद ही दिया जाएगा।
विज्ञापन

परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को दी जाने वाली डीबीटी की धनराशि का शासन ने सत्यापन कराने का आदेश दिया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिन अभिभावकों के तीन से अधिक बच्चे परिषदीय स्कूलों में पढ़ रहे हैं, और डीबीटी का लाभ ले रहे हैं तो उनका विभाग सत्यापन कराने के बाद ही डाटा पोर्टल पर अपलोड होगा। बताया गया है कि एक ही अभिभावक के तीन से अधिक बच्चे होने पर पोर्टल उसे संदेह डाटा में तब्दील कर दे रहा है। यहां तक कि जिन बच्चों को डीबीटी की राशि दी जा चुकी है। उसमें भी यदि एक ही अभिभावक के तीन से अधिक बच्चे शामिल हैं, तो अब विभाग उनका भी सत्यापन करेगा। चूंकि स्कूल महानिदेशक ने आदेश जारी कर तीन से अधिक बच्चों को डीबीटी की राशि देने के बारे में सत्यापन के लिए निर्देश दे दिया है। संबंधित स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को इस बात के आदेश जारी कर दिए गए।
विज्ञापन

डीबीटी के जरिए एक ही अभिभावक के तीन से अधिक बच्चे होने पर उनका और उनके माता-पिता के आधार का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए शासन ने आदेश जारी कर दिया है। विद्यालय स्तर पर भी सत्यापन का काम पूरा होने के बाद ही शेष बच्चों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी की धनराशि जल्द भेज दी जाएगी। आलोक कुमार, एबीएसए सैदपुर ।
विज्ञापन
विज्ञापन

अब होता है ऐसा
मौधा। यूपी में पहली कक्षा से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को सरकार की तरफ से दो जोड़ी यूनिफॉर्म, एक स्वेटर, एक जोड़ी जूता, दो जोड़ी मोजा और एक स्कूल बैग के लिए धनराशि दी जाती है। वर्ष 2020 से पहले यह पैसा स्कूल प्रबंध समिति के खाते में भेजा जाता था। जिसे संस्थाओं के जरिए बच्चों को यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाती थी। लेकिन कोरोना संक्रमण के बाद पिछले दो सालों से यह पैसा सीधे अभिभावकों के खाते में डीबीटी के जरिए भेजा जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed