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Ghazipur News: बीएसएनएल के खिलाफ सुनाया फैसला
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष सुजीत कुमार श्रीवास्तव, सदस्य रणविजय मिश्रा और दीपारानी की पीठ ने शनिवार को बीएसएनएल के महाप्रबंधक और पीरनगर स्थित बीएसएनएल के लेखाधिकारी के खिलाफ आदेश पारित किया है। दो माह के अंदर परिवाद की राशि 1440 रुपये और सात प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज की दर से भुगतान करने का आदेश दिया है।
शहर के पीरनगर बड़ा महादेव निवासी सरस्वती देवी ने महाप्रबंधक एवं लेखाधिकारी के खिलाफ परिवाद प्रस्तुत करते हुए कहा कि पति राजनाथ ने पत्नी सरस्वती देवी के नाम से 28 जुलाई 2000 में एक टेलीफोन का कनेक्शन लिया था। इसका बिल का नियमानुसार भुगतान किया जाता था।
नौ फरवरी 2015 को टेलीफोन सेट जमा करते हुए कनेक्शन कटवा दिया। विपक्षी से अदेयता प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद अपनी जमा अग्रिम धनराशि 1440 रुपये वापस करने की मांग की और बैंक पासबुक सहित अन्य कागजात विपक्षी के कार्यालय में जमा कर दिया।
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बावजूद अग्रिम धनराशि वापस नहीं किया गया। बताया कि नौ फरवरी 2015 से 13 अप्रैल 2015 तक बिल जमा न होने से जमा अग्रिम राशि पूर्ण नहीं दी जा सकती। इसके बाद सरस्वती देवी परिवाद 2015 में प्रस्तुत किया। परिवादिनी और विपक्ष के अधिवक्ता को सुनने के बाद उपभोक्ता आयोग ने परिवादिनी का परिवाद स्वीकार करते हुए फैसला सुनाया है।
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शहर के पीरनगर बड़ा महादेव निवासी सरस्वती देवी ने महाप्रबंधक एवं लेखाधिकारी के खिलाफ परिवाद प्रस्तुत करते हुए कहा कि पति राजनाथ ने पत्नी सरस्वती देवी के नाम से 28 जुलाई 2000 में एक टेलीफोन का कनेक्शन लिया था। इसका बिल का नियमानुसार भुगतान किया जाता था।
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नौ फरवरी 2015 को टेलीफोन सेट जमा करते हुए कनेक्शन कटवा दिया। विपक्षी से अदेयता प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद अपनी जमा अग्रिम धनराशि 1440 रुपये वापस करने की मांग की और बैंक पासबुक सहित अन्य कागजात विपक्षी के कार्यालय में जमा कर दिया।
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बावजूद अग्रिम धनराशि वापस नहीं किया गया। बताया कि नौ फरवरी 2015 से 13 अप्रैल 2015 तक बिल जमा न होने से जमा अग्रिम राशि पूर्ण नहीं दी जा सकती। इसके बाद सरस्वती देवी परिवाद 2015 में प्रस्तुत किया। परिवादिनी और विपक्ष के अधिवक्ता को सुनने के बाद उपभोक्ता आयोग ने परिवादिनी का परिवाद स्वीकार करते हुए फैसला सुनाया है।