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Ghazipur News: मुंबई से एक माह पहले वीरू और तीन दिन पहले आया था शूटर
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गाजीपुर। स्वतंत्र भारती हत्याकांड मामले का मुख्य आरोपी वीरू अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिसकी तलाश में पुलिस की दो टीमें लगीं हुई हैं। ये टीमें सर्विलांस की मदद से आसपास के जनपद के अलावा दूसरे प्रांतों में भी जाल फैलाए हुए हैं। पुलिस के अधिकारियों का मानना है कि उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि वह मुंबई से एक माह पहले ही घर आया था, जबकि उसका शूटर रिश्तेदार तीन दिन पहले मुंबई से आया था।सिधौना गांव निवासी व्यापारी और कोटेदार संजय भारती के बेटे स्वतंत्र भारती (25) की हत्या प्रेम प्रपंच में हुई। चॉकलेट लेने के बहाने भेजने और प्रेमी को उसकी लोकेशन बताने वाली पत्नी कंचन ने ही हत्या की साजिश रची। पुलिस ने इस मामले का सनसनीखेज खुलासा किया है। साथ ही कंचन के अलावा वारदात में शामिल नंदगंज थाना क्षेत्र के डिहिया गांव निवासी गोविंद यादव, इसी थाना क्षेत्र के हकीमपुर सोंथी निवासी गामा बिंद को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक शादियाबाद थाना क्षेत्र के खुटवा गांव निवासी वीरू यादव फरार चल रहा है। तीन वर्षों से वीरू और कंचन के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। लेकिन, दूसरी जाति के होने के कारण परिवार के लोगों ने कंचन की शादी स्वतंत्र से इसी वर्ष मार्च में करा दी थी। इधर, वीरु मुंबई में काम करता था, जिसने मुंबई में ही काम कर रहे अपने रिश्तेदार गामा से अपने प्रेम कहानी को साझा किया था साथ ही मदद के लिए बार-बार गुहार लगाई थी, जिससे वह पसीज गया था। इसी बीच वीरु एक महीने पहले मुंबई आया, जबकि घटना के तीन दिन पहले गामा भी घर आ गया। दोनों ने अपने दोस्त गोविंद से भी वारदात को अंजाम देने के लिए प्लानिंग के तहत शामिल किया। इसके बाद कंचन से संपर्क साधकर स्वतंत्र की हत्या कर दी।
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महिलाओं की मदद से पुलिस ने तैयार किया था स्क्रैच
दिनदहाड़े हुई स्वतंत्र भारती की हत्या की जांच में जुटी पुलिस को कई तरह से मदद मिली। घटना से कुछ दूर पर काम कर रही महिलाओं ने हुलिया और पोशान आदि के बारे में बताया था, जिसके आधार पर पुलिस स्कैच तैयार करके जांच में जुटी। पुलिस को ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगाए गए सीसीटीवी से भी काफी मदद मिली और जल्द ही खुलासा कर लिया।
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ससुराल आने के तीसरे दिन ही फोेन पर बात करने लगी थी कंचन
खानपुर। पति की हत्या कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली कंचन को लेकर अब तरह-तरह के खुलासे होने लगे हैं, जिसे लेकर हर कोई हैरान है। बताते हैं कि वह शादी के बाद ससुराल आने के तीसरे दिन अधिक मोबाइल पर बात करने लगी थी, जिससे परिजनों को आशंका सताने लगी थी, लेकिन शातिर किस्म की कंचन ने परिवार के लोगों का विश्वास जीतने में लग गई, जिससे परिवार के लोगों का ध्यान इस तरफ से बाद में हट गया।
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बेटी की तरह रखते थे बहू, बहाना बनाकर बाहर जाती थी कंचन
खानपुर। कंचन ससुराल आने पर वीरु के संपर्क में थी। वो अपने पति से दूरी बनाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाती थी। कभी दवा, मां की तबीयत खराब तो कभी परीक्षा देने के लिए अलग-अलग कहानी बनाती थी। वो इस तरह भी कभी कर सकती है यह परिवार के लोग कभी सोच भी नहीं सकते हैं। वे कहते हैं कि वह उसे बेटी की तरह रखते थे। यहां तक की वो कभी अस्वस्थ होने की बात कहती तो उसे तुरंत अच्छे-अच्छे डॉक्टर के यहां इलाज के लिए ले जाते थे।
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महिलाओं की मदद से पुलिस ने तैयार किया था स्क्रैच
दिनदहाड़े हुई स्वतंत्र भारती की हत्या की जांच में जुटी पुलिस को कई तरह से मदद मिली। घटना से कुछ दूर पर काम कर रही महिलाओं ने हुलिया और पोशान आदि के बारे में बताया था, जिसके आधार पर पुलिस स्कैच तैयार करके जांच में जुटी। पुलिस को ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगाए गए सीसीटीवी से भी काफी मदद मिली और जल्द ही खुलासा कर लिया।
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ससुराल आने के तीसरे दिन ही फोेन पर बात करने लगी थी कंचन
खानपुर। पति की हत्या कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली कंचन को लेकर अब तरह-तरह के खुलासे होने लगे हैं, जिसे लेकर हर कोई हैरान है। बताते हैं कि वह शादी के बाद ससुराल आने के तीसरे दिन अधिक मोबाइल पर बात करने लगी थी, जिससे परिजनों को आशंका सताने लगी थी, लेकिन शातिर किस्म की कंचन ने परिवार के लोगों का विश्वास जीतने में लग गई, जिससे परिवार के लोगों का ध्यान इस तरफ से बाद में हट गया।
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बेटी की तरह रखते थे बहू, बहाना बनाकर बाहर जाती थी कंचन
खानपुर। कंचन ससुराल आने पर वीरु के संपर्क में थी। वो अपने पति से दूरी बनाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाती थी। कभी दवा, मां की तबीयत खराब तो कभी परीक्षा देने के लिए अलग-अलग कहानी बनाती थी। वो इस तरह भी कभी कर सकती है यह परिवार के लोग कभी सोच भी नहीं सकते हैं। वे कहते हैं कि वह उसे बेटी की तरह रखते थे। यहां तक की वो कभी अस्वस्थ होने की बात कहती तो उसे तुरंत अच्छे-अच्छे डॉक्टर के यहां इलाज के लिए ले जाते थे।