{"_id":"5dcef1868ebc3e548e42f210","slug":"uprooted-roads-are-making-people-sick-ghazipur-news-vns4945609195","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोगों को बीमार बना रहीं उधड़ी सड़कें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोगों को बीमार बना रहीं उधड़ी सड़कें
विज्ञापन
बिरनों- शेखपुर जाने वाली सड़क का हाल।
- फोटो : GHAZIPUR
गाजीपुर। उधड़ी, गड्ढायुक्त और खस्ताहाल सड़कें जानलेवा होने के साथ ही आम जनता को बीमार बना रही हैं। सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे होने से चार पहिया वाहन जहां हिचकोले भरने को मजबूर हैं, वहीं दो पहिया वाहन आए दिन दुर्घटनाग्रस्त होते हैं। चिकित्सकों की माने तो उधड़ी सड़कों पर सफर करने वाले लोग जोड़ों में दर्द और स्पांडिलाइटिस के शिकार हो रहे हैं। जबकि टूटी सड़क पर उड़ने वाली धूल सांस की बीमारी को जन्म देने के साथ ही फेफड़ों को नुकसान पहुंचा रहा है। धूल से एलर्जी, आंखों में जलन कई समस्याएं पैदा हो रही हैं। यह राष्ट्रीय निर्माण निगम की अनदेखी की देन है।
गाजीपुर-मऊ राष्ट्रीय राजमार्ग 29 पिछले दो साल से टूटा है। वर्तमान में सड़क का ज्यादातर हिस्सा फोरलेन में चला गया है। पिछले आठ महीने से इस पर कार्य भी चल रहा है लेकिन सड़क पर मिट्टी और गड्ढे से रोजाना लोगों को दो-चार होना पड़ता है। इसके अलावा, एनएच-29, नंदगंज-चोचकपुर मार्ग, दिलदारनगर-भदौरा मार्ग समेत अन्य सड़कों की हालत बदतर है। जनपद की शेखपुर-बिरनो राष्ट्रीय राजमार्ग मार्ग के साथ ही दिलदारनगर-भदौरा मार्ग, नंदगंज-चोचकपुर मार्ग, मुहम्मदाबाद-लट्ठूडीह मार्ग आदि आधा दर्जन सड़कें समय सीमा समाप्त होने के बाद भी सालों से टूटी पड़ी हैं। बता दें कि इनमें से अधिकतर सड़कें पीडब्लूडी की हैं। शासन ने सभी सड़कों को दुरुस्त करने के लिए काफी पहले से शासनादेश जारी किया है। इसमें शेखपुर-बिरनो मार्ग एनएचआई के जिम्मे हैं। इस मार्ग के बीचों-बीच फोरलेन गुजर रही है। इसके बाद की सड़क खस्ताहाल होने से आम लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। मार्ग से होकर गुजरने वाले लोग दोहरी मार झेल रहे हैं। उधर सड़क का बनना और चार माह में ही पूरी सड़क का बिखर जाना किसी के गले नहीं उतर रहा है। सड़क पर गिट्टी बिखरने से चलना कष्टकारक हो गया है। सड़क से होकर गुजरने वाले लोग प्रतिदिन हिचकोले खाते हुए गुजरते हैं। बाइक सवार अपने गंतव्य तक गिरते-पड़ते पहुंचते हैं। नंदगंज-चोचकपुर मार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। मार्ग करीब पांच किमी तक उधड़ी हुई है। चोचकपुर मुख्य बाजार में गिट्टी डालकर छोड़ा गया है।
खराब सड़क पर रोजाना बाइक और साइकिल चलाने से शरीर की हड्डियों पर प्रभाव पड़ता है। हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। इसके बाद कमर दर्द, गर्दन में दर्द और स्पांडिलाइटिस तक की समस्या उत्पन्न हो जाती है। बाद में लोगों को चलने-फिरने में दिक्कत होने लगती है। - केएन चौधरी, सीएमएस
विज्ञापन
जनपद की खराब सड़कों के मरम्मत का कार्य निरंतर चल रहा है। पिछले माह तक बारिश के कारण सड़कों का निर्माण नहीं हो सका था। दिसंबर माह तक सभी सड़कों को दुरूस्त कर दिया जाएगा। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। - प्रदीप कुमार शरद, लोक निर्माण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता
विज्ञापन
गाजीपुर-मऊ राष्ट्रीय राजमार्ग 29 पिछले दो साल से टूटा है। वर्तमान में सड़क का ज्यादातर हिस्सा फोरलेन में चला गया है। पिछले आठ महीने से इस पर कार्य भी चल रहा है लेकिन सड़क पर मिट्टी और गड्ढे से रोजाना लोगों को दो-चार होना पड़ता है। इसके अलावा, एनएच-29, नंदगंज-चोचकपुर मार्ग, दिलदारनगर-भदौरा मार्ग समेत अन्य सड़कों की हालत बदतर है। जनपद की शेखपुर-बिरनो राष्ट्रीय राजमार्ग मार्ग के साथ ही दिलदारनगर-भदौरा मार्ग, नंदगंज-चोचकपुर मार्ग, मुहम्मदाबाद-लट्ठूडीह मार्ग आदि आधा दर्जन सड़कें समय सीमा समाप्त होने के बाद भी सालों से टूटी पड़ी हैं। बता दें कि इनमें से अधिकतर सड़कें पीडब्लूडी की हैं। शासन ने सभी सड़कों को दुरुस्त करने के लिए काफी पहले से शासनादेश जारी किया है। इसमें शेखपुर-बिरनो मार्ग एनएचआई के जिम्मे हैं। इस मार्ग के बीचों-बीच फोरलेन गुजर रही है। इसके बाद की सड़क खस्ताहाल होने से आम लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। मार्ग से होकर गुजरने वाले लोग दोहरी मार झेल रहे हैं। उधर सड़क का बनना और चार माह में ही पूरी सड़क का बिखर जाना किसी के गले नहीं उतर रहा है। सड़क पर गिट्टी बिखरने से चलना कष्टकारक हो गया है। सड़क से होकर गुजरने वाले लोग प्रतिदिन हिचकोले खाते हुए गुजरते हैं। बाइक सवार अपने गंतव्य तक गिरते-पड़ते पहुंचते हैं। नंदगंज-चोचकपुर मार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। मार्ग करीब पांच किमी तक उधड़ी हुई है। चोचकपुर मुख्य बाजार में गिट्टी डालकर छोड़ा गया है।
विज्ञापन
खराब सड़क पर रोजाना बाइक और साइकिल चलाने से शरीर की हड्डियों पर प्रभाव पड़ता है। हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। इसके बाद कमर दर्द, गर्दन में दर्द और स्पांडिलाइटिस तक की समस्या उत्पन्न हो जाती है। बाद में लोगों को चलने-फिरने में दिक्कत होने लगती है। - केएन चौधरी, सीएमएस
विज्ञापन
जनपद की खराब सड़कों के मरम्मत का कार्य निरंतर चल रहा है। पिछले माह तक बारिश के कारण सड़कों का निर्माण नहीं हो सका था। दिसंबर माह तक सभी सड़कों को दुरूस्त कर दिया जाएगा। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। - प्रदीप कुमार शरद, लोक निर्माण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता