Ghazipur News: ऑपरेशन से प्रसव के बाद महिला की मौत, परिजनों को नहीं दी जानकारी; सड़क किया जाम
गाजीपुर जिले में विवाहिता की माैत के बाद अस्पताल के बाहर हंगामा मच गया। कासिमाबाद कोतवाली की पुलिस ने परिजनों को मशक्कत के बाद समझाया। आरोप है कि प्रसूता की माैत के बाद डाॅक्टरों ने इसकी जानकारी परिजनों को नहीं दी।
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Ghazipur News: ऑपरेशन से बच्ची को जन्म देने के बाद एक महिला की हालत बिगड़ने से मौत हो गई। कासिमाबाद कोतवाली क्षेत्र के बंका मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों और संचालक की लापरवाही से प्रसूता की मौत का आरोप लगाते हुए परिजनों और ग्रामीणों ने बीती रात करीब 10.15 बजे कासिमाबाद-मऊ मार्ग को जाम कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि 17 सितंबर को ही मौत हो गई थी लेकिन उनको 18 सितंबर को शव सौंपा गया। सूचना पर कासिमाबाद एसडीएम लोकेश कुमार और सीओ शुभम वर्मा ने रात करीब 11.15 बजे जाम समाप्त कराया। शुक्रवार को महिला के पति की तहरीर पर पुलिस ने एएनएम, आशा कार्यकर्ता, एसके अस्पताल के संचालक और दो डाॅक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्जकर जांच शुरू कर दी।
मऊ के कोपागंज थाना क्षेत्र के कोटवा कोपडा गांव निवासी लक्ष्मण साहनी ने पुलिस को तहरीर दी। इसमें बताया कि गभर्वती पत्नी दया साहनी (22) को प्रसव के लिए 16 सितंबर को आशा कार्यकर्ता उषा साहनी और एएनएम जयमाला सिंह ने बंका मोड़ स्थित एसके अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल का संचालक वाहिदयार खान उर्फ पिंटू हैं।
वहां तैनात डाॅ. राकेश चौधरी और डाॅ. शर्मा ने बताया कि ऑपरेशन करना जरूरी है। इसके लिए खून चढ़ाना पड़ेगा। खून चढ़ने के बाद पत्नी की दिक्कत बढ़ गई। इसी बीच ऑपरेशन से प्रसव कराया गया। उचित देखभाल नहीं करने से पत्नी की हालत गंभीर हो गई।
लगाया गंभीर आरोप
आरोप है कि समय पर उपचार नहीं उपलब्ध कराया गया। केवल पैसे की मांग की जाती रही। आरोप लगाया कि हालत बिगड़ने पर अस्पताल के संचालक ने बिना सूचना दिए पत्नी को मऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। 17 सितंबर की देर शाम ही पत्नी की मौत हो गई, बावजूद इसके मऊ के निजी अस्पताल प्रशासन ने पैसे के लालच में इसकी जानकारी नहीं दी।
काफी कहने सुनने पर 18 सितंबर को पत्नी का शव सौंपा गया। लक्ष्मण साहनी ने आरोप लगाया कि एसके अस्पताल के डॉक्टरों एवं संचालक की लापरवाही से मौत हुई है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कासिमाबाद कोतवाल नंद कुमार तिवारी ने बताया कि आशा कार्यकर्ता उषा साहनी, एएनएम जयमाला, एसके अस्पताल के संचालक वाहिदयार खान, डाॅ. राकेश चौधरी और डाॅ. शमा के खिलाफ मुकदमा दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पहले भी हो चुके हैं मामले
- 17 सितंबर, 2025 : एक निजी अस्पताल में एक गर्भवती महिला की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया।
- 30 अगस्त, 2025 : एक निजी अस्पताल में प्रसूता और उसके नवजात शिशु की मौत हो गई। परिजनों ने वसूली और लापरवाही का आरोप लगाया।
- 14-15 जून, 2025 : जमानिया मोड़ पर स्थित एक निजी क्लीनिक में प्रसव के दौरान गर्भवती महिला की मौत।
- 3 अप्रैल, 2025 : शादियाबाद में एक फर्जी अस्पताल में गलत इलाज के कारण एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया था।