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यूपी बोर्ड परीक्षा: दागी विद्यालय नहीं बनेंगे परीक्षा केंद्र
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गाजीपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा से पूर्व केंद्रों की जांच एवं भौतिक सत्यापन का कार्य जनपद में शुरू कर दिया गया है। इसके तहत 992 विद्यालयों की 29 बिंदुओं पर अलग-अलग टीमें जांच कर रही हैं। मानक पूरा न करने वाले तथा दागी विद्यालय इस बार परीक्षा केंद्र की सूची से बाहर रहेंगे। इसके लिए जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग ने कमर कस लिया है। केंद्र बनाने के लिए कुल सात तहसीलों से विभिन्न विद्यालयों ने आनलाइन आवेदन किया है। परीक्षा केंद्र बनाने में पूरी पारदर्शिता के लिए डीआईओएस कार्यालय से जुड़े बाबू एवं अन्य कर्मचारियों की मोबाइलों को रडार पर रखा गया है। इनके स्तर से गड़बड़ी मिलने पर उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अगले वर्ष मार्च-अप्रैल में प्रस्तावित माध्यमिक शिक्षा परिषद की वर्ष-2021 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में केंद्र बनने वाले विद्यालयों पर न्यूनतम तथा अधिकतम छात्रों के बैठने की व्यवस्था, कमरे, टायलेट, बाथरूम, बिजली और पेयजल के साथ ही सीसीटीवी कैमरे आदि को अनिवार्य किया गया है। परीक्षा केंद्रों की जांच सबसे पहले उपजिलाधिकारी के नेतृत्व में पांच सदस्सीय टीम तहसील स्तर पर करेगी। इसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक करेंगे। अंतिम एवं फाइनल जांच जिलाधिकारी द्वारा की जाएगी। कहीं से भी खामियां मिलने पर परीक्षा केंद्र निरस्त कर दिया जाएगा। इस बार परीक्षा में एक लाख 76 हजार 598 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे।
जांच के लिए कुल 29 बिंदुओं की चेक लिस्ट टीम को उपलब्ध कराई गई है। अब तक करीब 400 विद्यालयों की जांच की जा चुकी है। इस संबंध में जिलाधिकारी एमपी सिंह ने कहा कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से जुड़े कुछ कर्मचारियों पर नजर रखी जा रही है। बाबुओं की अलग से मीटिंग भी ली गई है।
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अगले वर्ष मार्च-अप्रैल में प्रस्तावित माध्यमिक शिक्षा परिषद की वर्ष-2021 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में केंद्र बनने वाले विद्यालयों पर न्यूनतम तथा अधिकतम छात्रों के बैठने की व्यवस्था, कमरे, टायलेट, बाथरूम, बिजली और पेयजल के साथ ही सीसीटीवी कैमरे आदि को अनिवार्य किया गया है। परीक्षा केंद्रों की जांच सबसे पहले उपजिलाधिकारी के नेतृत्व में पांच सदस्सीय टीम तहसील स्तर पर करेगी। इसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक करेंगे। अंतिम एवं फाइनल जांच जिलाधिकारी द्वारा की जाएगी। कहीं से भी खामियां मिलने पर परीक्षा केंद्र निरस्त कर दिया जाएगा। इस बार परीक्षा में एक लाख 76 हजार 598 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे।
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जांच के लिए कुल 29 बिंदुओं की चेक लिस्ट टीम को उपलब्ध कराई गई है। अब तक करीब 400 विद्यालयों की जांच की जा चुकी है। इस संबंध में जिलाधिकारी एमपी सिंह ने कहा कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से जुड़े कुछ कर्मचारियों पर नजर रखी जा रही है। बाबुओं की अलग से मीटिंग भी ली गई है।
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