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Ghazipur News: बिना पंजीकरण मिला अस्पताल सील, 4 को सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की दी हिदायत
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दिलदारनगर पावर हाउस के पास संचालित अस्पताल के स्टॉफ से जानकारी लेते एसडीएम सेवराई गजराज सिंह या
दिलदारनगर। दिलदारनगर बाजार पहुंचे एसडीएम सेवराई गजराज सिंह यादव एवं भदौरा सीएचसी डॉ. धनंजय आनंद के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने रविवार को पांच अस्पतालों की जांच की। जांच के दौरान एक अस्पताल बिना किसी नाम और पंजीकरण के संचालित होता मिला, जिसे टीम ने तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
यह कार्रवाई नगर पंचायत क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित एवं मानकों के विपरीत चल रहे अस्पतालों के खिलाफ डीएम अनुपम शुक्ला कार्रवाई के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने की है।
उपजिलाधिकारी गजराज सिंह यादव ने बताया कि दिलदारनगर पावर हाउस स्थित रेलवे स्टेशन रोड के पास बिना नाम और बिना पंजीकरण हड्डी का अस्पताल संचालित मिला।
जांच के दौरान अस्पताल के चिकित्सक डा. सिद्धार्थ सिंह से संचालन संबंधित आवश्यक दस्तावेज एवं पंजीकरण मांगा गया तो नहीं मिला। गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से अस्पताल को सील कर दिया गया।
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इसके अलावा टीम ने चार अन्य अस्पतालों का भी निरीक्षण किया। इन अस्पतालों में साफ-सफाई सहित कुछ व्यवस्थाएं मानक के अनुरूप नहीं मिलीं। अधिकारियों ने संचालकों को कड़ी हिदायत देते हुए साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने तथा निर्धारित मानकों का पालन करने के निर्देश दिया।
साथ ही चेतावनी दी गई कि भविष्य में जांच के दौरान यदि अनियमितता दोबारा पाई गई तो संबंधित अस्पताल संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उपजिलाधिकारी गजराज सिंह यादव ने बताया कि बिना पंजीकरण अथवा आवश्यक मानकों को पूरा किए अस्पतालों का संचालन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से ऐसे अस्पतालों की जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
इस साल छह अस्पताल, एक डायग्नोस्टिक सेंटर सील
गाजीपुर। एसीएमओ और निजी अस्पतालों के पंजीयन के नोडल अधिकारी डॉ. रामकुमार ने बताया कि बीते जनवरी माह में देवकली ब्लॉक के दो फर्जी अस्पताल आयुष्मान हॉस्पिटल और बरहपुर के शिव हॉस्पिटल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बंद कराया गया था। बहादुरगंज के रुद्राक्ष हॉस्पिटल को भी फर्जी ढंग से संचालित पाए जाने पर विभाग ने एफआईआर दर्ज कर सील कर दिया था। बीते 28 अगस्त को सैदपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजीव सिंह ने बताया कि नई सड़क स्थित मद्रासी चिकित्सालय और सादात रोड स्थित यथार्थ हॉस्पिटल पर छापेमारी की गई थी। इस दौरान पंजीकरण एवं वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर दोनों अस्पतालों को सील कर दिया गया था। अवैध अस्पतालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। बीते 19 अगस्त को सैदपुर नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने संचालित डायग्नोस्टिक सेंटर पर एक व्यक्ति खुद को रेडियोलॉजिस्ट बताकर अल्ट्रासाउंड करता मिला था। टीम ने सेंटर में लगी अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया था। जबकि वह डायग्नोस्टिक सेंटर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत गर्भवती महिलाओं के लिए निशुल्क अल्ट्रासाउंड के लिए संबद्ध भी था।
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यह कार्रवाई नगर पंचायत क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित एवं मानकों के विपरीत चल रहे अस्पतालों के खिलाफ डीएम अनुपम शुक्ला कार्रवाई के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने की है।
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उपजिलाधिकारी गजराज सिंह यादव ने बताया कि दिलदारनगर पावर हाउस स्थित रेलवे स्टेशन रोड के पास बिना नाम और बिना पंजीकरण हड्डी का अस्पताल संचालित मिला।
जांच के दौरान अस्पताल के चिकित्सक डा. सिद्धार्थ सिंह से संचालन संबंधित आवश्यक दस्तावेज एवं पंजीकरण मांगा गया तो नहीं मिला। गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से अस्पताल को सील कर दिया गया।
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इसके अलावा टीम ने चार अन्य अस्पतालों का भी निरीक्षण किया। इन अस्पतालों में साफ-सफाई सहित कुछ व्यवस्थाएं मानक के अनुरूप नहीं मिलीं। अधिकारियों ने संचालकों को कड़ी हिदायत देते हुए साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने तथा निर्धारित मानकों का पालन करने के निर्देश दिया।
साथ ही चेतावनी दी गई कि भविष्य में जांच के दौरान यदि अनियमितता दोबारा पाई गई तो संबंधित अस्पताल संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उपजिलाधिकारी गजराज सिंह यादव ने बताया कि बिना पंजीकरण अथवा आवश्यक मानकों को पूरा किए अस्पतालों का संचालन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से ऐसे अस्पतालों की जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
इस साल छह अस्पताल, एक डायग्नोस्टिक सेंटर सील
गाजीपुर। एसीएमओ और निजी अस्पतालों के पंजीयन के नोडल अधिकारी डॉ. रामकुमार ने बताया कि बीते जनवरी माह में देवकली ब्लॉक के दो फर्जी अस्पताल आयुष्मान हॉस्पिटल और बरहपुर के शिव हॉस्पिटल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बंद कराया गया था। बहादुरगंज के रुद्राक्ष हॉस्पिटल को भी फर्जी ढंग से संचालित पाए जाने पर विभाग ने एफआईआर दर्ज कर सील कर दिया था। बीते 28 अगस्त को सैदपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजीव सिंह ने बताया कि नई सड़क स्थित मद्रासी चिकित्सालय और सादात रोड स्थित यथार्थ हॉस्पिटल पर छापेमारी की गई थी। इस दौरान पंजीकरण एवं वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर दोनों अस्पतालों को सील कर दिया गया था। अवैध अस्पतालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। बीते 19 अगस्त को सैदपुर नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने संचालित डायग्नोस्टिक सेंटर पर एक व्यक्ति खुद को रेडियोलॉजिस्ट बताकर अल्ट्रासाउंड करता मिला था। टीम ने सेंटर में लगी अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया था। जबकि वह डायग्नोस्टिक सेंटर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत गर्भवती महिलाओं के लिए निशुल्क अल्ट्रासाउंड के लिए संबद्ध भी था।

दिलदारनगर पावर हाउस के पास संचालित अस्पताल के स्टॉफ से जानकारी लेते एसडीएम सेवराई गजराज सिंह या