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Ghazipur News: जनपद में दो बिजली घरों का होगा निर्माण, खर्च होंगे 3.50 करोड़
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गाजीपुर। जनपद के लोगों को आने वाली गर्मी में उनको बिजली कटौती से राहत मिलेगी। करंडा क्षेत्र में दो बिजली उपकेंद्रों का निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
3.50 करोड़ रुपये से इनका निर्माण होगा। इससे 30 हजार की आबादी लाभान्वित होगी। करंडा व सईतापट्टी में एक-एक बिजली उपकेंद्र का निर्माण होना प्रस्तावित है। इससे बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है। बिजली निगम की ओर से बिजनेस प्लान 2026-27 के तहत बिजली उपकेंद्रों के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था।
शासन की ओर से प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है, जिससे करंडा व सईतापट्टी में 33/11 केवी के एक-एक बिजली उपकेंद्र का निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। लंबे समय से करंडा क्षेत्र के लोग लचर बिजली आपूर्ति व्यवस्था की शिकायत कर रहे थे। इसको देखते हुए बिजली निगम की ओर से प्रस्ताव तैयार किया गया था, ताकि करंडा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेहतर हो सके। दोनों उपकेंद्रों के निर्माण होने की समयावधि पांच महीने निर्धारित की गई है। ऐसे में अगले वर्ष फरवरी महीने तक बिजली के क्षेत्र में यह सौगात लोगों को मिलने की उम्मीद है। इससे अगली गर्मी में करंडा क्षेत्र में बेहतर बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित हो पाएगी।
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3.50 करोड़ रुपये से इनका निर्माण होगा। इससे 30 हजार की आबादी लाभान्वित होगी। करंडा व सईतापट्टी में एक-एक बिजली उपकेंद्र का निर्माण होना प्रस्तावित है। इससे बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है। बिजली निगम की ओर से बिजनेस प्लान 2026-27 के तहत बिजली उपकेंद्रों के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था।
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शासन की ओर से प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है, जिससे करंडा व सईतापट्टी में 33/11 केवी के एक-एक बिजली उपकेंद्र का निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। लंबे समय से करंडा क्षेत्र के लोग लचर बिजली आपूर्ति व्यवस्था की शिकायत कर रहे थे। इसको देखते हुए बिजली निगम की ओर से प्रस्ताव तैयार किया गया था, ताकि करंडा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेहतर हो सके। दोनों उपकेंद्रों के निर्माण होने की समयावधि पांच महीने निर्धारित की गई है। ऐसे में अगले वर्ष फरवरी महीने तक बिजली के क्षेत्र में यह सौगात लोगों को मिलने की उम्मीद है। इससे अगली गर्मी में करंडा क्षेत्र में बेहतर बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित हो पाएगी।
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