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Ghazipur News: जलनिकासी के विवाद में दो पक्ष भिड़े, चहारदीवारी तोड़ी
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डुहियां गांव में तोड़ी गयी दीवार। संवाद
सुहवल। थाना क्षेत्र के डुहियां गांव में मंगलवार को जलनिकासी को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। विवाद के दौरान एक पक्ष की चहारदीवारी क्षतिग्रस्त कर दी गई, इससे गांव में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। वहीं एसडीएम ने कहा कि चहारदीवारी तोड़ने वालों को कार्रवाई की जाएगी।
थानाध्यक्ष कमलेश कुमार ने बताया कि गांव में करीब 70 फीट लंबी और पांच फीट ऊंची चहादीवारी को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि दूसरे पक्ष की कुछ महिलाओं ने लोहे की रॉड से चहारदीवारी को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
पहले पक्ष के बैरागी यादव और रघुनाथ यादव का कहना है कि संबंधित भूमि उनके पूर्वजों द्वारा रजिस्ट्री के माध्यम से खरीदी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी वैध कारण के उनकी चहारदीवारी तोड़ दी गई।
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वहीं दूसरे पक्ष के रामविलास चौधरी और रामाकांत चौधरी का कहना है कि चहारदीवारी निर्माण के कारण गांव की जलनिकासी प्रभावित हो गई है। उनका आरोप है कि निर्धारित सीमा से अधिक भूमि घेरने के कारण नालियों का पानी गलियों में जमा हो रहा है।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विनीत राय ने बताया कि जलनिकासी का रास्ता बाधित होने के कारण विवाद की स्थिति बनी। हालांकि जिस भूमि पर चहारदीवारी बनाई गई है, वह निजी भूमि है और उसके आसपास ग्राम सभा की भूमि नहीं है। थानाध्यक्ष कमलेश कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया गया। मामले की जांच की जा रही है।
जलनिकासी की व्यवस्था की जाएगी
एसडीएम मनोज कुमार पाठक ने बताया कि गांव में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जांच में जिस भूमि पर चहारदीवारी बनाई गई है, वह कास्तकारी भूमि पाई गई है तथा वहां ग्राम समाज की कोई भूमि नहीं है। उन्होंने कहा कि चहारदीवारी तोड़ने में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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थानाध्यक्ष कमलेश कुमार ने बताया कि गांव में करीब 70 फीट लंबी और पांच फीट ऊंची चहादीवारी को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि दूसरे पक्ष की कुछ महिलाओं ने लोहे की रॉड से चहारदीवारी को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
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पहले पक्ष के बैरागी यादव और रघुनाथ यादव का कहना है कि संबंधित भूमि उनके पूर्वजों द्वारा रजिस्ट्री के माध्यम से खरीदी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी वैध कारण के उनकी चहारदीवारी तोड़ दी गई।
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वहीं दूसरे पक्ष के रामविलास चौधरी और रामाकांत चौधरी का कहना है कि चहारदीवारी निर्माण के कारण गांव की जलनिकासी प्रभावित हो गई है। उनका आरोप है कि निर्धारित सीमा से अधिक भूमि घेरने के कारण नालियों का पानी गलियों में जमा हो रहा है।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विनीत राय ने बताया कि जलनिकासी का रास्ता बाधित होने के कारण विवाद की स्थिति बनी। हालांकि जिस भूमि पर चहारदीवारी बनाई गई है, वह निजी भूमि है और उसके आसपास ग्राम सभा की भूमि नहीं है। थानाध्यक्ष कमलेश कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया गया। मामले की जांच की जा रही है।
जलनिकासी की व्यवस्था की जाएगी
एसडीएम मनोज कुमार पाठक ने बताया कि गांव में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जांच में जिस भूमि पर चहारदीवारी बनाई गई है, वह कास्तकारी भूमि पाई गई है तथा वहां ग्राम समाज की कोई भूमि नहीं है। उन्होंने कहा कि चहारदीवारी तोड़ने में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।

डुहियां गांव में तोड़ी गयी दीवार। संवाद