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Ghazipur: मुख्तार के 2 करीबियों को जेल, 2 वर्ष पूर्व ED ने इनके यहां दी थी दबिश, जमीन खरीद से जुड़ा है मामला
Sun, 24 Mar 2024 09:32 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Sun, 24 Mar 2024 09:32 PM IST
सार
Ghazipur News: संगठित अपराध, सरकारी भूमि पर कब्जा और डरा-धमका कर भूमि पर जबरदस्ती बैनामा कराने वालों को जिला और पुलिस प्रशासन की टीम लगाकर कार्रवाई का डंडा चला रही है। इन अपराधियों पर कंस रहे शिकंजे को देख पीड़ित भी अब न्याय के लिए ऐसे लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा रहे हैं। खासकर, मुख्तार अंसारी और उनके कुनबे पर जिला और पुलिस की टेढ़ी नजर पड़ गई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
विस्तार
माफिया मुख्तार अंसारी, उनके परिजनों और करीबियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। डरा-धमका कर जमीन खरीद-फरोख्त करने के मामले में सराफा व्यवसायी विक्रम अग्रहरी उर्फ विक्की और चचेरे भाई को बीती शाम जेल भेज दिया। वहीं, दो वर्ष पूर्व ईडी ने दबिश भी दी थी। इस दौरान टीम ने पूरा ब्योरा खंगाला था। वर्तमान में हुई कार्रवाई लोगों में चर्चा का विषय बनी हुई है। सराफा विक्रम अग्रहरी पूर्व में मुख्तार की पार्टी कौमी एकता दल से नगरपालिका का चुनाव भी लड़े थे।
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संगठित अपराध, सरकारी भूमि पर कब्जा और डरा-धमका कर भूमि पर जबरदस्ती बैनामा कराने वालों को जिला और पुलिस प्रशासन की टीम लगाकर कार्रवाई का डंडा चला रही है। इन अपराधियों पर कंस रहे शिकंजे को देख पीड़ित भी अब न्याय के लिए ऐसे लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा रहे हैं। खासकर, मुख्तार अंसारी और उनके कुनबे पर जिला और पुलिस की टेढ़ी नजर पड़ गई है।
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करीब दो वर्ष पूर्व प्रवर्तन निदेशालय टीम ने मुख्तार के करीबी विक्रम अग्रहरी के साथ पांच जगहों पर छापेमारी की थी। करीब छह वर्ष बाद पीड़ित मनोज कुमार ने अपनी व्यथा तहरीर के माध्यम से पुलिस प्रशासन को बताई। पुलिस प्रशासन की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया और आरोपियों का चालान कर दिया। ऐसे में अब पीड़ित को न्याय मिलने की आस जग गई है।
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