पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को पूरी तरह से पर्यावरण के लिहाज से विकसित किया गया है। एक्सप्रेस वे पर ऑक्सीजन का स्तर बरकरार रखने के लिए दोनों किनारे पेड़-पौधे और रंग-बिरंगे फूलों के पौधे लगाए गए हैं। इस समय पूरा एक्सप्रेस वे पेड़-पौधों एवं फूल पत्तियों से हरा भरा है।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के किनारे लगाए गए पेड़ पौधों से ग्रीन एक्सप्रेसवे नजर आ रहा है। एक्सप्रेस वे के दोनों तरफ कटीले तार लगाकर उसके अंदर पीपल, बरगद,पाकड़, महुवा, आम, जामुन नीम सहित कई छायादार और फलदार पौधे लगाए गए हैं। इसी तरह फूलों में तमाम तरह की आधुनिकतम प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। एक्सप्रेस वे के दोनों तरफ जमीन तल से लेकर ऊपर तक चकत्तेदार हरी भरी घासें लगाई गई हैं। जिसके कारण पूरा एक्सप्रेसवे हरा भरा दिखाई दे रहा है। कुछ महीने बाद आने वाले समय में जब यह पेड़-पौधे बड़े होंगे तो इसकी छटा निराली होगी। गाजीपुर जनपद की 48 किलोमीटर की एरिया में लगभग 600 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। एक्सप्रेसवे पर रात में चलने में कोई दिक्कत नहीं होगी। इस समय एक्सप्रेस वे की छटा देखने लायक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 नवंबर को सुलतानपुर में आयोजित भव्य समारोह में एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण करेंगे।वर्तमान में दिल्ली एनसीआर समेत पंजाब, हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश के कई जिले पर्यावरण असंतुलन से जूझ रहे हैं। चारों तरफ स्माग नजर आ रहा है। आंखों के साथ तमाम कई तरह की बीमारियां हो रही हैं।