Ghazipur News: हादसे को दावत दे रही पटरी; ट्रेन गुजरते ही ट्रैक पर सज जाता है बाजार, फैला देते हैं तिरपाल
रेल की पटरी हादसे को दावत दे रही। इन पर बैठकर कोई खाता है चाट-पकौड़ी तो कोई मोबाइल पर बात करता है। इन सबके बावजूद अवैध बाजार को हटवाना तो दूर, प्रशासन यहां किसी को टोकना तक उचित नहीं समझता।
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दिलदारनगर बाजार के बीच से गुजरी रेल लाइन की जमीन पर अवैध बाजार सज रहा है। दुकानें रेलवे ट्रैक तक पर लगाई जाती हैं। हैरानी की बात यह है कि दुकानदार रेलवे लाइन पर तिरपाल भी लगा देते हैं। दुकानदारों से लेकर यहां ग्राहक तक पटरियों पर बैठे नजर आते हैं। इनमें कोई पटरी पर बैठकर चाट-पकौड़ी खाता दिखता है तो कोई मोबाइल पर बैठकर बातचीत करता रहता है। इससे हादसे का डर हमेशा बना रहता है।
गाजीपुर-ताड़ीघाट होते हुए दिलदारनगर रेलवे स्टेशन तक जाने वाली इस रेल लाइन पर स्टेशन से लेकर 500 मीटर से अधिक दूरी तक अवैध ढंग से बाजार लगाया जाता है। रोड के किनारे और रेलवे ट्रैक पर सजने वाला बाजार सुबह से लेकर रात तक रहता है। यहां के लोगों के लिए यह सामान्य बात है।
लेकिन, बाहर से आने वाला यह कोई इस बाजार को देख हैरान हो जाता है, क्योंकि 50 से अधिक दुकानें तो रेलवे ट्रैक पर ही लगती हैं, जो पूछने पर यही कहते हैं क्या करें, कहां जाएं। इस रास्ते से गुजरने वाली ट्रेन रुक-रुक कर हॉर्न देते हुए आगे बढ़ती है। इससे लोगों को जानकारी हो जाती है और ट्रेन को देखकर दुकानदार अपने सामान हटा लेते हैं तो ग्राहक और पटरी पर बैठे लोग भी वहां से उठ जाते हैं।
फिर, जैसे ही ट्रेन गुजर जाती है, फिर बाजार सज जाता है। बृहस्पतिवार की शाम अलग ही नजारा देखने को मिला। शराब, मांस के शौकीन लोग भी पटरियों पर नजर आए। बच्चाें के साथ कोई पटरी पर बैठकर चाट खाने में व्यस्त दिखा तो कोई मोबाइल पर बातचीत में मशगूल था।
कुछ लोग पटरी पर ही बैठकर ध्रूमपान कर रहे थे, जो गाजीपुर की तरह से आ रही मेमू ट्रेन को देखकर हट गए लेकिन ट्रेन के जाते ही फिर वहीं बैठ गए। एक दुकानदार ने तो ट्रक से सामान उतरवाने के लिए पटरी पर ही कई तिरपाल तक बिछवा दी और फिर ट्रक से सामान उतरवाकर रखवाया। वहीं, आगे तरौला, बहुआरा, करमा आदि गांवों में भी लोग बच्चों के साथ रेल की पटरी पर बैठे नजर आए।
जब होते-होते बच गया था हादसा..
इस रेल लाइन पर कई अवैध क्रॉसिंग भी हैं, जो दिलदारनगर में बड़ी नहर, तरौला, नगर चौराहा, महुआ गांव और करमा गांव के पास हैं। अवैध रेलवे क्रॉसिंग से गुजरने वाले वाहनों के कारण पूर्व में हादसे होते-होते बचे हैं। गत 15 मई को नगसर हॉल्ट के पास सरहुला में शाम को चावल लदा एक ट्रैक्टर पलट गया था।
पलटे ट्रैक्टर को देखकर पैसेंजर ट्रेन के लोको पायलट ने 150 मीटर पहले ही ब्रेक लगा दिया। इस दौरान 22 मिनट तक पैसेंजर ट्रेन खड़ी रही।