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मूसलधार बारिश से थमा जनजीवन
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Sun, 12 Jul 2015 12:29 AM IST
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एक तरफ जहां शनिवार को लगातार दूसरे दिन हुई घंटों बारिश से आम जन-जीवन अस्त-व्यस्त रहा, वहीं शनिवार की सुबह करीब आठ बजे शुरू हुई धीमा और तेज बारिश का क्रम पूरे दिन जारी रहा। घंटों बारिश से एक तरफ जहां लोगों
के तन और मन से गर्मी की बेचैनी पूरी तरह से समाप्त हो गई, आम जन की रफ्तार धीमी रही। बारिश से किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे। शहर में जगह जगह जलभराव से आवागमन प्रभावित रहा।
पिछले एक सप्ताह से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कभी घनघोर बदली छा जा रही थी तो कभी तेज धूप खिल जा रही थी। गुरुवार की दोपहर एक तरफ जहां घंटों झमाझम बारिश हुई, वहीं शुक्रवार को भी घंटों तेज और धीमा बारिश का
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सिलसिला बना रहा। शनिवार को सुबह तेज और धीमा बारिश का जो क्रम शुरू हुआ, वह पूरे दिन बना रहा। घंटों बारिश होने से मौसम पूरी तरह से ठंडा हो गया। लोगों को तन और मन से गर्मी पूरी तरह से गायब हो गई। शहर सहित
ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हुई घंटों बारिश से आम जनजीवन प्रभावित रहा।
घंटों बारिश से एक तरफ जहां लोगों का तन और मन भीग गया, वहीं शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के मार्गों पर जल-जमाव होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। गंदे पानी के बीच से उन्हें आने-जाने को विवश होना पड़ा।
शहर के आमघाट कालोनी, ददरीघाट, स्टेशन रोड, मिश्रबाजार, महुआबाग, पीरनगर, लंका, महाजनटोली, खोवामंडी, रौजा, सकलेनाबाद आदि मार्ग घंटों बारिश की वजह से झील के रूप में तब्दील हो गए थे। खासकर आमघाट कालोनी मार्ग पर
पूरी तरह से पानी से घिरा हुआ था। आवागमन करने वाले पानी के पास आकर रुक जा रहे थे और इस सोच में पड़ जा रहे थे कि किधर से निकले। जब लोगों को कुछ रास्ता नहीं दिखाई दे रहा था तो मजबूरन पानी में घुसकर निकल रहे थे।
बारिश के दौरान नेशनल हाईवे पर रघुवरपुर के पास सुबह शीशम का एक विशाल पेड़ उखड़ कर गिर गया। इसके चलते सुबह सात बजे से साढ़े सात बजे तक हाईवे पर आवागमन ठप रहा। मार्ग अवरुद्ध होने से एनएच पर दोनों तरफ वाहनों
की कतार लग गई। इसकी जानकारी होने पर वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से पेड़ को कटवा कर सड़क से हटवाया। इसके बाद आवागमन शुरू हो सका।
बिजली विभाग के लाल दरवाजा स्थित कार्यालय के पिछले हिस्से में पीपल का पेड़ अचानक गिर जाने से कार्यालय में रखे अभिलेख भीग गए। इस घटना में कोई घायल तो नहीं हुआ है लेकिन कार्यालय को क्षति पहुंची है। घंटों हुई बारिश से
शहर के लाल दरवाजा मुहल्ला स्थित बिजली विभाग का टिनशेड टपकने लगा। टिनशेड पर पेड़ गिरने से एक तरफ जहां पंखा टूटकर गिर गया, वहीं टिनशेड टपकने के आफिस ने बारिश का पानी भर गया। ़कई फाइलें भीग गईं। दफ्तर में
मौजूद कर्मचारियों का कहना था कि बार-बार संबंधित अधिकारी को अवगत कराने के बाद भी समस्या का समाधान कराने का प्रयास नहीं किया जा रहा है। संयोग अच्छा था कि पेड़ सुबह उस समय गिरा, जब आफिस बंद था। छुट्टी के दिनों में
भी कुछ कर्मचारी अंदर बैठकर काम करते हैं, अगर दस बजे के बाद पेड़ गिरा होता तो कर्मचारियों को अवश्य नुकसान पहुंच सकता था।
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के तन और मन से गर्मी की बेचैनी पूरी तरह से समाप्त हो गई, आम जन की रफ्तार धीमी रही। बारिश से किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे। शहर में जगह जगह जलभराव से आवागमन प्रभावित रहा।
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पिछले एक सप्ताह से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कभी घनघोर बदली छा जा रही थी तो कभी तेज धूप खिल जा रही थी। गुरुवार की दोपहर एक तरफ जहां घंटों झमाझम बारिश हुई, वहीं शुक्रवार को भी घंटों तेज और धीमा बारिश का
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सिलसिला बना रहा। शनिवार को सुबह तेज और धीमा बारिश का जो क्रम शुरू हुआ, वह पूरे दिन बना रहा। घंटों बारिश होने से मौसम पूरी तरह से ठंडा हो गया। लोगों को तन और मन से गर्मी पूरी तरह से गायब हो गई। शहर सहित
ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हुई घंटों बारिश से आम जनजीवन प्रभावित रहा।
घंटों बारिश से एक तरफ जहां लोगों का तन और मन भीग गया, वहीं शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के मार्गों पर जल-जमाव होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। गंदे पानी के बीच से उन्हें आने-जाने को विवश होना पड़ा।
शहर के आमघाट कालोनी, ददरीघाट, स्टेशन रोड, मिश्रबाजार, महुआबाग, पीरनगर, लंका, महाजनटोली, खोवामंडी, रौजा, सकलेनाबाद आदि मार्ग घंटों बारिश की वजह से झील के रूप में तब्दील हो गए थे। खासकर आमघाट कालोनी मार्ग पर
पूरी तरह से पानी से घिरा हुआ था। आवागमन करने वाले पानी के पास आकर रुक जा रहे थे और इस सोच में पड़ जा रहे थे कि किधर से निकले। जब लोगों को कुछ रास्ता नहीं दिखाई दे रहा था तो मजबूरन पानी में घुसकर निकल रहे थे।
बारिश के दौरान नेशनल हाईवे पर रघुवरपुर के पास सुबह शीशम का एक विशाल पेड़ उखड़ कर गिर गया। इसके चलते सुबह सात बजे से साढ़े सात बजे तक हाईवे पर आवागमन ठप रहा। मार्ग अवरुद्ध होने से एनएच पर दोनों तरफ वाहनों
की कतार लग गई। इसकी जानकारी होने पर वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से पेड़ को कटवा कर सड़क से हटवाया। इसके बाद आवागमन शुरू हो सका।
बिजली विभाग के लाल दरवाजा स्थित कार्यालय के पिछले हिस्से में पीपल का पेड़ अचानक गिर जाने से कार्यालय में रखे अभिलेख भीग गए। इस घटना में कोई घायल तो नहीं हुआ है लेकिन कार्यालय को क्षति पहुंची है। घंटों हुई बारिश से
शहर के लाल दरवाजा मुहल्ला स्थित बिजली विभाग का टिनशेड टपकने लगा। टिनशेड पर पेड़ गिरने से एक तरफ जहां पंखा टूटकर गिर गया, वहीं टिनशेड टपकने के आफिस ने बारिश का पानी भर गया। ़कई फाइलें भीग गईं। दफ्तर में
मौजूद कर्मचारियों का कहना था कि बार-बार संबंधित अधिकारी को अवगत कराने के बाद भी समस्या का समाधान कराने का प्रयास नहीं किया जा रहा है। संयोग अच्छा था कि पेड़ सुबह उस समय गिरा, जब आफिस बंद था। छुट्टी के दिनों में
भी कुछ कर्मचारी अंदर बैठकर काम करते हैं, अगर दस बजे के बाद पेड़ गिरा होता तो कर्मचारियों को अवश्य नुकसान पहुंच सकता था।