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Ghazipur News: जातिगत जनगणना को बताया जरूरी
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पसमादा मुस्लिम समाज की हुई गोष्ठी पसमादा मुस्लिम समाज की हुई गोष्ठी
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। पसमादा मुस्लिम समाज की ओर से भारद्वाज भवन पर सरजू पांडेय सभागार में दलित पसमादा समाज और जातिगत जनगणना का सवाल विषयक गोष्ठी आयोजित हुई।
इसके मुख्य वक्ता मनीष शर्मा ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जाति जनगणना समाज-देश के सही हालात को जानने के लिए जरूरी है। इससे देश, समाज के विकास की नीतियां बनाने में मदद मिलेगी। सामाजिक, आर्थिक गैरबराबरी को ठीक ठीक चिन्हित किए बगैर देश समाज के विकास की योजना सही ढंग से लागू नहीं हो सकती।
यह इसलिए भी जरूरी है कि संसाधनों का किसके पास अंबार है और कौन वंचित है। इसका विरोध करने वालों को बताना चाहिए की जाति जनगणना क्यों नहीं होनी चाहिए। डॉक्टर जीसिंह कश्यप ने जाति जन गणना के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह बिल्कुल जरूरी है। समाज के विभिन्न जातियों की सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक स्थितियों की जानकारी हो सके। तभी सम्यक रूप से विकास की योजना बन सकेगी।
पसमादा महाज के प्रादेशिक अध्यक्ष रफीक अंसारी ने कहा कि सभी धर्मों के पसमादा समाज की जनगणना होनी चाहिए ताकि उनकी एकता बन सके एवं अपने हक को प्राप्त कर सके। अन्य वक्ताओं ने कहा कि जाति जनगणना के पक्ष की ताकतों को एक होकर संघर्ष के मैदान में आना चाहिए।
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गोष्ठी में डा. योगेश, चंद्रदेव यादव, अमेरिका सिंह यादव, रामचंद्र राम, सगीर अंसारी, महेंद्र कुशवाहा, जनार्दन राम सहित अन्य लोगों ने विचार प्रगट किया। अध्यक्षता साहित्यकार रामावतारजी एवं संचालन रामबिलास यादव ने किया। अंत में डा. इक़बाल अंसारी ने आभार व्यक्त किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। पसमादा मुस्लिम समाज की ओर से भारद्वाज भवन पर सरजू पांडेय सभागार में दलित पसमादा समाज और जातिगत जनगणना का सवाल विषयक गोष्ठी आयोजित हुई।
इसके मुख्य वक्ता मनीष शर्मा ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जाति जनगणना समाज-देश के सही हालात को जानने के लिए जरूरी है। इससे देश, समाज के विकास की नीतियां बनाने में मदद मिलेगी। सामाजिक, आर्थिक गैरबराबरी को ठीक ठीक चिन्हित किए बगैर देश समाज के विकास की योजना सही ढंग से लागू नहीं हो सकती।
यह इसलिए भी जरूरी है कि संसाधनों का किसके पास अंबार है और कौन वंचित है। इसका विरोध करने वालों को बताना चाहिए की जाति जनगणना क्यों नहीं होनी चाहिए। डॉक्टर जीसिंह कश्यप ने जाति जन गणना के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह बिल्कुल जरूरी है। समाज के विभिन्न जातियों की सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक स्थितियों की जानकारी हो सके। तभी सम्यक रूप से विकास की योजना बन सकेगी।
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पसमादा महाज के प्रादेशिक अध्यक्ष रफीक अंसारी ने कहा कि सभी धर्मों के पसमादा समाज की जनगणना होनी चाहिए ताकि उनकी एकता बन सके एवं अपने हक को प्राप्त कर सके। अन्य वक्ताओं ने कहा कि जाति जनगणना के पक्ष की ताकतों को एक होकर संघर्ष के मैदान में आना चाहिए।
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गोष्ठी में डा. योगेश, चंद्रदेव यादव, अमेरिका सिंह यादव, रामचंद्र राम, सगीर अंसारी, महेंद्र कुशवाहा, जनार्दन राम सहित अन्य लोगों ने विचार प्रगट किया। अध्यक्षता साहित्यकार रामावतारजी एवं संचालन रामबिलास यादव ने किया। अंत में डा. इक़बाल अंसारी ने आभार व्यक्त किया।