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इस्राइल की तकनीक पर बनेंगी जिले में तीन हाईटेक नर्सरी
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इंडो-इस्राइल प्रोजेक्ट के तहत जनपद में तीन हाईटेक नर्सरी विकसित की जाएगी। 1.62 करोड़ रुपये में विकसित होने वाले नर्सरी के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद निदेशालय स्तर पर टेंडर आदि की प्रक्रिया कर फर्म को नामित किया जाएगा। खास बात यह है कि इस हाईटेक नर्सरी में 15 से 20 दिन पहले ही पौधे तैयार हो जाएंगे जो किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही उनकी गुणवत्ता भी सामान्य नर्सरी से बढ़कर होगी।
कृषि विज्ञान केंद्र आकुशपुर, राजकीय औद्योनिक प्रक्षेत्र सेमऊर और राजकीय औद्योनिक प्रक्षेत्र सुआपुर करंडा में तीन हाईटेक नर्सरी विकसित करने का प्रस्ताव भेजा गया है। इन तीनों केंद्रों पर नर्सरी संचालित होने पर स्वयं सहायता समूहों को भी भागीदार बनाया जाएगा। केंद्र और स्वयं सहायता समूह के बीच 80 -20 फीसदी के तौर पर आमदनी का बंटवारा होगा। वहीं, केंद्रों के संचालन में उद्यान विभाग मदद करेगा और संचालन में आने वाली समस्याओं का निदान भी कराएगा।
इंडो-इस्राइल प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के हरेक जिले में हाईटेक नर्सरी विकसित करने का काम किया जा रहा है। इस्राइल में पॉली हाउस, नेट हाउस और प्लास्टिक आदि का प्रयोग कर नर्सरी को विकसित किया जाता है। इस नर्सरी में महंगे हाइब्रिड बीज 90 से 95 फीसदी उगकर जड़ों से काफी मजबूत होते हैं। जो सामान्य नर्सरी में 60 से 65 फीसदी ही उग पाते है। इसके साथ इसमें पशु, पक्षियों और मिट्टी आदि में बीजों के बेकार होने की संभावना काफी कम हो जाती है।
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जनपद में तीन हाईटेक नर्सरी विकसित करने का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने और फर्म नामित होने के बाद कृषि उत्पादन आयुक्त की निगरानी में केंद्रों को विकसित किया जाएगा।
-शैलेंद्र दुबे, उद्यान अधिकारी
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कृषि विज्ञान केंद्र आकुशपुर, राजकीय औद्योनिक प्रक्षेत्र सेमऊर और राजकीय औद्योनिक प्रक्षेत्र सुआपुर करंडा में तीन हाईटेक नर्सरी विकसित करने का प्रस्ताव भेजा गया है। इन तीनों केंद्रों पर नर्सरी संचालित होने पर स्वयं सहायता समूहों को भी भागीदार बनाया जाएगा। केंद्र और स्वयं सहायता समूह के बीच 80 -20 फीसदी के तौर पर आमदनी का बंटवारा होगा। वहीं, केंद्रों के संचालन में उद्यान विभाग मदद करेगा और संचालन में आने वाली समस्याओं का निदान भी कराएगा।
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इंडो-इस्राइल प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के हरेक जिले में हाईटेक नर्सरी विकसित करने का काम किया जा रहा है। इस्राइल में पॉली हाउस, नेट हाउस और प्लास्टिक आदि का प्रयोग कर नर्सरी को विकसित किया जाता है। इस नर्सरी में महंगे हाइब्रिड बीज 90 से 95 फीसदी उगकर जड़ों से काफी मजबूत होते हैं। जो सामान्य नर्सरी में 60 से 65 फीसदी ही उग पाते है। इसके साथ इसमें पशु, पक्षियों और मिट्टी आदि में बीजों के बेकार होने की संभावना काफी कम हो जाती है।
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जनपद में तीन हाईटेक नर्सरी विकसित करने का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने और फर्म नामित होने के बाद कृषि उत्पादन आयुक्त की निगरानी में केंद्रों को विकसित किया जाएगा।
-शैलेंद्र दुबे, उद्यान अधिकारी