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Ghazipur News: यही रात अंतिम... यही रात भारी

Mon, 16 Jan 2023 11:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 16 Jan 2023 11:54 PM IST
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this night last... this night heavy
गाजीपुर। यही रात अंतिम यही रात भारी... बस एक रात की कहानी है सारी...। नेपाल में विमान हादसे में मृत चार युवाओं के परिजनों का कलेजा हर एक पल अपनों के पार्थिव शरीर को पाने के लिए तड़प रहा है। हालांकि अपने बेटे या भाई का पार्थिव शरीर शव की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट होगा। इसके लिए परिजनों को अपना सैम्पल देना होगा। हादसे में समस्त मृतकों के शव बुरी तरह जल जाने के कारण किसी की पहचान संभव नहीं। इसलिए डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। इस प्रक्रिया के पूर्व हर एक पल उनके लिए एक युग जैसा है। सोमवार काठमांडो के लिए निकले युवकों के परिजनों को अंधेरा हो जाने के कारण सोनौली बार्डर पर रात गुजराने के लिए रुकना पड़ा। यह रात उनके लिए बेहद भारी थी।
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सोमवार को डीएनए टेस्ट के लिए घर से काठमांडो रवाना हुए मृतक के भाई और पिता समेत कुल आठ लोग चार वाहनों पर सवार होकर डेढ़ बजे कासिमाबाद से निकले। सोनौली बार्डर पहुंचते-पहुंचते रात हो गई। ऐसे में शासन-प्रशासन ने उनको रात में काठमांडो से 200 किमी पहले ही सोनौली बार्डर पर ठहराया। परिजनों किस तरह से रात काटते हुए सुबह होने का इंतजार किया, इसका अंदाजा लगाना आसान नहीं है।
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जनपद के बरेसर क्षेत्र के आस-पास के चारों मृतक युवक सोनू जायसवाल, अनिल राजभर, विशाल राजभर और अभिषेक सिंह कुशवाहा के एक-एक परिजन समेत कुल आठ लोग काठमांडू के लिए सड़क मार्ग से रवाना हुए। उनके साथ जिला प्रशासन के सदस्य भी हैं। काठमांडू में शव की शिनाख्त के लिए परिजनों का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। इसके लिए शव को पोखरा से काठमांडो लाया गया है। हालांकि, शव की पहचान करने और घर तक लाने में अभी दो से तीन दिन का समय लग सकता है।
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वहीं, कासिमाबाद से काठमांडो जाने वालों में सोनू के पिता राजेंद्र जायसवाल, अभिषेक के भाई अविनेश, अनिल के पिता रामदरस राजभर और विशाल के भाई विश्वजीत के साथ जहूराबाद के ग्राम प्रधान विजय जायसवाल, कासिमाबाद के नायक तहसीलदार अनुराग यादव और पूर्व राजस्व निरीक्षक वंशीधर दुबे हैं। परिवार के सदस्य अपने साथ पहचान पत्र भी लेकर गये हैं। जिसके जरिए नेपाल बार्डर पर परमिट मिलने के साथ कागजी प्रक्रिया पूरी कर पीड़ित परिवार को शव सुपुर्द किया जाएगा।
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