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होनहार महताब से थीं ढेरों उम्मीदें
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Mon, 25 Apr 2016 12:19 AM IST
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होनहार महताब से थीं ढेरों उम्मीदें
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में शनिवार को हुए बवाल में गोली लगने से घायल बारा मुहल्ला कोट निवासी छात्र महताब की मौत की जानकारी होने के बाद रविवार को गांव में मातम छा गया। गांव और आसपास के लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंचते रहे। घरवालों का कहना है कि छात्रों के बीच विवाद के बाद समझौते में महताब को बुलाया गया था। अगर वह नहीं गया होता तो उसकी जान बच जाती। पिता फिरोज ने सिसकते हुए बताया महताब होनहार था।
उम्मीद थी कि उच्च शिक्षा ग्रहण कर वह प्रोफेसर बनेगा, लेकिन इससे पहले ही उसे ऊपर वाले ने बुला लिया। बारा के पश्चिम कोट मुहल्ला निवासी मुहम्मद फिरोज खां का पुत्र महताब (25) होनहार छात्र था। पिता फिरोज मध्यम दर्ज के किसान हैं। मां अहमदी खातून गृहिणी हैं। महताब के चाचा तौआब के अनुसार महताब चार भाइयों में सबसे बड़ा था। महताब के तीन भाइयों में जुनेद (15), जावेद (10) और एक अन्य सात-आठ साल का है।
बताया कि महताब बारा इंटर कॉलेज से शिक्षा ग्रहण करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए अलीगढ़ गया था। उसने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से बीए, बीपीएड, एमपीएड की शिक्षा प्राप्त की और वर्तमान में स्पोर्ट्स में शोध करने के साथ नेट की भी तैयारी कर रहा था।महताब के चाचा के अनुसार अलीगढ़ विश्वविद्यालय के मौलाना आजाद लाइब्रेरी और कैंटीन के पास शुक्रवार को दो गुटों में झगड़ा हुआ था। इसी को लेकर शनिवार को मुमताज हॉस्टल में फिर विवाद हो गया।
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इसमें मोहसिन नामक छात्र की पिटाई कर दी गई थी। इसी प्रकरण को लेकर उग्र छात्रों ने शनिवार की देर रात प्राक्टर के ऑफिस पर हमला कर दिया। इसके बाद दोनों गुट समझौते के लिए प्राक्टर कार्यालय गए। वहां समझौते के दौरान ही फिर से दोनों गुटों में विवाद हो गया और एक पक्ष ने फायरिंग कर दी। इस दौरान गोली लगने से महताब खां की मौत हो गई।
बताया कि इधर अफवाह फैलाई जा रही है कि महताब को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया था, लेकिन ऐसा नहीं है।
उधर, आसपास के लोगाें का कहना है कि गहमर, बारा और दिलदारनगर के बहुत से लड़के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं। उनमें महताब की अच्छे छात्र के रूप में पहचान थी।वह अच्छा कार्य करना चाहता था।
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उम्मीद थी कि उच्च शिक्षा ग्रहण कर वह प्रोफेसर बनेगा, लेकिन इससे पहले ही उसे ऊपर वाले ने बुला लिया। बारा के पश्चिम कोट मुहल्ला निवासी मुहम्मद फिरोज खां का पुत्र महताब (25) होनहार छात्र था। पिता फिरोज मध्यम दर्ज के किसान हैं। मां अहमदी खातून गृहिणी हैं। महताब के चाचा तौआब के अनुसार महताब चार भाइयों में सबसे बड़ा था। महताब के तीन भाइयों में जुनेद (15), जावेद (10) और एक अन्य सात-आठ साल का है।
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बताया कि महताब बारा इंटर कॉलेज से शिक्षा ग्रहण करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए अलीगढ़ गया था। उसने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से बीए, बीपीएड, एमपीएड की शिक्षा प्राप्त की और वर्तमान में स्पोर्ट्स में शोध करने के साथ नेट की भी तैयारी कर रहा था।महताब के चाचा के अनुसार अलीगढ़ विश्वविद्यालय के मौलाना आजाद लाइब्रेरी और कैंटीन के पास शुक्रवार को दो गुटों में झगड़ा हुआ था। इसी को लेकर शनिवार को मुमताज हॉस्टल में फिर विवाद हो गया।
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इसमें मोहसिन नामक छात्र की पिटाई कर दी गई थी। इसी प्रकरण को लेकर उग्र छात्रों ने शनिवार की देर रात प्राक्टर के ऑफिस पर हमला कर दिया। इसके बाद दोनों गुट समझौते के लिए प्राक्टर कार्यालय गए। वहां समझौते के दौरान ही फिर से दोनों गुटों में विवाद हो गया और एक पक्ष ने फायरिंग कर दी। इस दौरान गोली लगने से महताब खां की मौत हो गई।
बताया कि इधर अफवाह फैलाई जा रही है कि महताब को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया था, लेकिन ऐसा नहीं है।
उधर, आसपास के लोगाें का कहना है कि गहमर, बारा और दिलदारनगर के बहुत से लड़के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं। उनमें महताब की अच्छे छात्र के रूप में पहचान थी।वह अच्छा कार्य करना चाहता था।