{"_id":"67aa410891658d256d0007ab","slug":"there-was-a-claim-of-a-view-like-rajghat-420-crore-rail-road-bridge-in-the-dark-ghazipur-news-c-313-1-gzp1001-127972-2025-02-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: दावा था राजघाट जैसे नजारे का, अंधेरे में 420 करोड़ का रेल-रोड ब्रिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: दावा था राजघाट जैसे नजारे का, अंधेरे में 420 करोड़ का रेल-रोड ब्रिज
विज्ञापन
गंगा पर 420 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित रेल सह रोड ब्रिज का जब निर्माण शुरू हुआ था तो दावा किया गया था कि वाराणसी के राजघाट पुल की तर्ज पर इसका निर्माण होगा। शाम होते ही रंग-बिरंगी रोशनी से रेल सह रोड ब्रिज जगमग हो जाएगा।
ब्रिज पर लगाई गईं लाइटों से लेजर शो जैसे प्रकाश का प्रतिबिंब जब गंगा के जल में पड़ेगा तो नजारा अद्भुत होगा लेकिन आज स्थिति यह है कि रेल सह रोड ब्रिज शाम ढलते ही अंधेरे में डूब जाता है।
वीर अब्दुल हमीद सेतु के ठीक सामने रेल सह रोड ब्रिज का निर्माण कराया गया है। अंधेरे में डूबे होने के कारण वीर अब्दुल हमीद सेतु से शाम होते ही रेल सह रोड ब्रिज ठीक से नजर भी नहीं आता। 14 नवंबर 2016 को गंगा ब्रिज की आधारशिला रखी गई थी।
विज्ञापन
10 मार्च, 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वॅर्चुअल तरीके से रेल सह रोड ब्रिज का लोकार्पण किया। लोकार्पण से एक सप्ताह पूर्व व एक सप्ताह बाद तक रेल सह रोड ब्रिज रंग-बिरंगी रोशनी से नहा उठा।
लेजर लाइटों का रंग-बिरंगी प्रकाश जब गंगाजल में पड़ता तो भव्य नजारा देखने को मिलता था। वीर अब्दुल हमीद सेतु पर घंटों वाहन चालक अपने वाहनों को खड़ा कर इस नजारे को निहारते थे। इसमें क्षेत्रीय राहगीर भी शामिल थे लेकिन वर्तमान में नवनिर्मित रेल सह रोड ब्रिज पर शाम के बाद एक भी लाइट नहीं जलती।
प्रकाश की व्यवस्था के तौर पर 12 लाख की लागत से रेल सह रोड ब्रिज पर 100 रंग-बिरंगी रंगीन एलईडी लाइटें लगाई गई हैं। आरबीएनएल के इलेक्ट्रिकल डीजीएम टीएन गुप्ता ने बताया कि कुछ तकनीकी खामियां हैं, जिन्हें जल्द ही दुरुस्त कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
ब्रिज पर लगाई गईं लाइटों से लेजर शो जैसे प्रकाश का प्रतिबिंब जब गंगा के जल में पड़ेगा तो नजारा अद्भुत होगा लेकिन आज स्थिति यह है कि रेल सह रोड ब्रिज शाम ढलते ही अंधेरे में डूब जाता है।
विज्ञापन
वीर अब्दुल हमीद सेतु के ठीक सामने रेल सह रोड ब्रिज का निर्माण कराया गया है। अंधेरे में डूबे होने के कारण वीर अब्दुल हमीद सेतु से शाम होते ही रेल सह रोड ब्रिज ठीक से नजर भी नहीं आता। 14 नवंबर 2016 को गंगा ब्रिज की आधारशिला रखी गई थी।
विज्ञापन
10 मार्च, 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वॅर्चुअल तरीके से रेल सह रोड ब्रिज का लोकार्पण किया। लोकार्पण से एक सप्ताह पूर्व व एक सप्ताह बाद तक रेल सह रोड ब्रिज रंग-बिरंगी रोशनी से नहा उठा।
लेजर लाइटों का रंग-बिरंगी प्रकाश जब गंगाजल में पड़ता तो भव्य नजारा देखने को मिलता था। वीर अब्दुल हमीद सेतु पर घंटों वाहन चालक अपने वाहनों को खड़ा कर इस नजारे को निहारते थे। इसमें क्षेत्रीय राहगीर भी शामिल थे लेकिन वर्तमान में नवनिर्मित रेल सह रोड ब्रिज पर शाम के बाद एक भी लाइट नहीं जलती।
प्रकाश की व्यवस्था के तौर पर 12 लाख की लागत से रेल सह रोड ब्रिज पर 100 रंग-बिरंगी रंगीन एलईडी लाइटें लगाई गई हैं। आरबीएनएल के इलेक्ट्रिकल डीजीएम टीएन गुप्ता ने बताया कि कुछ तकनीकी खामियां हैं, जिन्हें जल्द ही दुरुस्त कर लिया जाएगा।