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जिले में छुट्टा पशुओं के रखने की नहीं हो रही व्यवस्था

Mon, 10 Aug 2020 10:06 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 10 Aug 2020 10:06 PM IST
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There is no arrangement for keeping holiday animals
सुहवल। छुट्टा घूम रहे पशु लोगों के लिए जी का जंजाल बनते जा रहे है। यह झुंड के रूप में सड़कों पर बेखौफ घूम रहे हैं। शासन प्रशासन के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। पशु आश्रय केंद्र में इन पशुओं को रखने की बेहतर व्यवस्था और खाने--पीने का इंतजाम न होने से यह खेतों में तथा सड़कों पर घुम रहे हैं। जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं, वहीं खेतों में प्रवेश कर फसलों को भी नष्ट कर रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से इनकी धरपकड़ कर गोवंश आश्रय केंद्रों में नहीं भेजे जाने से समस्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है।
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क्षेत्र के ढढनी नगसर मार्ग, ताड़ीघाट -बारा हाई-वे समेत अन्य प्रमुख मार्गों पर आए दिन छुट्टा पशु दर्जनों की संख्या में घुमते रहते हैं। ऐसे पशुु आधा सड़क घेर लेते हैं। जिससे वाहनों को जहां आने-जाने में परेशानी होती है। जरा सी लापरवाही में वाहन इन से टकरा जाते हैं और हादसे भी हो जाते हैं। झुंड के झुंड पशु खेतों में घुस जा रहे हैं और फसलों को भी नुकसान कर रहे हैं। जिससे किसानों को भी काफी नुकसान हो रहा है। शासन की ओर से इन छुट्टा पशुओं के धरपकड़ की जिम्मेदारी क्षेत्रीय अधिकारियों को दी गई है। इन पशुओं को पकड़ने के बाद गोवंश आश्रय केंद्रों में भेज दिया जाना चाहिए, लेकिन इधर अधिकारियों की लापरवाही बढ़ गई है। जिससे बड़ी संख्या में पशु सड़कों पर घूमते रहते हैं। एडीओ पंचायत जनार्दन तिवारी ने बताया कि पशुओं को पकडने के लिए अटल कैचिंग वाहन उपलब्ध है। समय-समय पर कर्मचारियों को लगाकर पशुओं की धरपकड़ की जाती है। इधर छुट्टा पशुओं की संख्या बढ़ गई है और जल्दी ही धरपकड़ की जाएगी।
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