फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   The work of farming should not be done till the time the manure arrives

कहीं खाद आने तक न हो जाए खेती का काम तमाम

Tue, 21 Jun 2022 11:48 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jun 2022 11:48 PM IST
विज्ञापन
The work of farming should not be done till the time the manure arrives
सैदपुर तहसील में सहकारी समितियां अपना दायित्व पूरा करने में विफल साबित हो रही है। इन पर खाद और बीज की उपलब्धता नहीं हो पाने से किसानों को काफी परेशानी हो रही है। वहीं, खाद की कमी होने से धान की नर्सरी और खरीफ की खेती पिछड़ रही है। इससे किसानों के माथे पर दिनों दिन चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी हैं।
विज्ञापन

शासन की ओर से न्याय पंचायतों और प्रमुख किसान बाहुल्य क्षेत्रों में सहकारी समितियां के अलावा किसान साधन सहकारी समिति की स्थापना कराई गई है। हालत यह है कि इन समितियों पर बुवाई के दौरान खाद डीएपी और पोटाश तक नहीं है। गोदाम खाली पड़े हुए है। जिससे किसान खेती को लेकर चिंतित हो रहे हैं। इधर, मानसून के दस्तक देने से किसानों की खेती समय से होने की संभावना तो बनी है। लेकिन सहकारी समितियों से लेकर बाजार में खाद न मिल पाने से किसानों को काफी खल रहा है।
विज्ञापन

ऐसे में समितियों से जुड़े अधिकारी भी अभी यह बता पाने में असमर्थ हैं कि खाद कब आएगी? वहीं, किसान इस बात से भी काफी दुखी हैं कि पिछली बार की तरह इस बार भी उन्हें खाद का खामियाजा न भुगतना पड़े क्योंकि पिछले वर्ष भी उन्हें मांग के मुताबिक खाद नहीं मिल सकी थी और जब खाद गोदाम में आई तब तक उन की खेती का काम समाप्त हो चुका था।
विज्ञापन
विज्ञापन

भीषण गर्मी के चलते अभी तक नर्सरी की तैयारियां विलंबित रही। अब मानसून दस्तक दे रहा है। धान के नर्सरी की तैयारी शुरू है किंतु बुवाई की खाद का अभाव खल रहा है।- नंद कुमार पाठक
किसानों के विकास के लिए स्थापित सहकारी समितियां अपना दायित्व ठीक से नहीं निभा पा रही हैं। खासतौर से किसान साधन सहकारी पिछले कई वर्षों से समय पर खाद नहीं दे पा रही है। इस बार भी खाद का अभी तक अता-पता नहीं है।
अजय कुमार सिंह
पिछले वर्ष किसान साधन सहकारी समिति सैदपुर में 100 टन डीएपी और 100 टन यूरिया के सापेक्ष में मात्र 35 टन डीएपी और 35 टन यूरिया मिली थी जिसके चलते पूरे वर्ष किसानों में खाद का अभाव बना रहा।
निर्मला सोनकर, सदस्य किसान सहकारी समिति जोहर गंज
खादों की गुणवत्ता में कमी और कालाबाजारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दुकानदारों को स्टाक पंजिका और मूल्य सूची लगाए जाने की सख्त हिदायत होगी। स्टॉक बनाए रखने के लिए भी निर्देशित किया जाएगा।

ओम प्रकाश गुप्ता उप जिलाधिकारी सैदपुर
बुवाई शुरू, समितियां किसानों की ऋण सीमा पास नहीं करा सकी
औड़िहार। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों की सुविधा के दृष्टिकोण से साल में खरीफ, रबी और जायद की फसलों के लिए सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों की हैसियत के अनुसार उनकी ऋण सीमा पास कराकर उन्हें रासायनिक खाद व बीज सुलभ कराया जाता है। साथ ही बांटे गए ऋण की वसूली की जिम्मेदारी सहकारी समितियों की होती है। इस बार सहकारी समितियां केवल पिछली बार बांटी गई खाद के ऋण वसूली तक अपने को सीमित कर रखी है अभी तक समितियां किसानों की ऋण सीमा पास नहीं करा सकी हैं। इस संबंध में किसान सहकारी समिति सैदपुर के सचिव मनीष सिंह ने कहा कि किसानों की ऋण सीमा पास कराने के लिए तत्काल प्रभाव से बोर्ड की बैठक बुलाकर ऋण सीमा पास कराने का कार्य किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed