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ढाई करोड़ की लागत से बनेगी पानी टंकी
ब्यूरो/ अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Sat, 26 Sep 2015 11:43 PM IST
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बरुईन गांव में डेढ़ दशक से बंद पड़ी जल निगम की जर्जर पानी टंकी को तोड़कर नई टंकी बनाई जाएगी। पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह के प्रयास से इसके लिए दो करोड़ 68 लाख रुपये का इस्टीमेट बनाकर भेजा गया था जिसे स्वीकृति मिल
गई है। इसमें 12 लाख रुपये दे दिए गए हैं। आठ किलोमीटर तक पाइप लाइन बिछाकर इस टंकी से पेयजल आपूर्ति की जाएगी। जल निगम की टूट चुकी पुरानी चहारदीवारी का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा। स्टाफ रूम बनाने का भी प्रावधान है।
पानी टंकी के पास बोरिंग कर पंप हाउस का निर्माण किया जाएगा।
ग्रामीणों को पेयजल मुहैया कराने के लिए बरुइन में 1978 में पानी टंकी का निर्माण कराया गया था। डेढ़ दशक पहले
सरकार ने जल निगम की टंकी ग्राम पंचायत से संचालित कराने का निर्णय लिया था। इसके बाद कुछ दिन ग्राम प्रधान ने जल निगम की टंकी को जैसे तैसे चलवाया लेकिन कुछ कठिनाइयों के चलते इस टंकी से पानी की आपूर्ति बंद कर दी
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गई। क्षेत्र में पेयजल का संकट पैदा हो गया। ग्रामीणों को हैंडपंप, कुएं का सहारा लेना पड़ गया। जल निगम की टंकी बंद पड़ी रहने से जर्जर हो गई और बोरिंग भी फेल हो गई। इसके बाद किसी प्रधान ने टंकी को चलवाने का जहमत नहीं
उठाई। पेयजल की समस्या को देखते हुए पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने जल निगम के विभागीय अधिकारियों को शीघ्र पानी टंकी बनाने का निर्देश दिया। पानी की नई टंकी बनाने की स्वीकृति मिलने की खबर से ग्रामीणों को राहत मिली है।
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गई है। इसमें 12 लाख रुपये दे दिए गए हैं। आठ किलोमीटर तक पाइप लाइन बिछाकर इस टंकी से पेयजल आपूर्ति की जाएगी। जल निगम की टूट चुकी पुरानी चहारदीवारी का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा। स्टाफ रूम बनाने का भी प्रावधान है।
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पानी टंकी के पास बोरिंग कर पंप हाउस का निर्माण किया जाएगा।
ग्रामीणों को पेयजल मुहैया कराने के लिए बरुइन में 1978 में पानी टंकी का निर्माण कराया गया था। डेढ़ दशक पहले
सरकार ने जल निगम की टंकी ग्राम पंचायत से संचालित कराने का निर्णय लिया था। इसके बाद कुछ दिन ग्राम प्रधान ने जल निगम की टंकी को जैसे तैसे चलवाया लेकिन कुछ कठिनाइयों के चलते इस टंकी से पानी की आपूर्ति बंद कर दी
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गई। क्षेत्र में पेयजल का संकट पैदा हो गया। ग्रामीणों को हैंडपंप, कुएं का सहारा लेना पड़ गया। जल निगम की टंकी बंद पड़ी रहने से जर्जर हो गई और बोरिंग भी फेल हो गई। इसके बाद किसी प्रधान ने टंकी को चलवाने का जहमत नहीं
उठाई। पेयजल की समस्या को देखते हुए पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने जल निगम के विभागीय अधिकारियों को शीघ्र पानी टंकी बनाने का निर्देश दिया। पानी की नई टंकी बनाने की स्वीकृति मिलने की खबर से ग्रामीणों को राहत मिली है।