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ब्लॉक के आधा दर्जन गांवों का हौसला टूटा, रामपुर-पटकनिया एप्रोच मार्ग क्षतिग्रस्त

Sun, 15 Aug 2021 12:27 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 15 Aug 2021 12:27 AM IST
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The troubles of the villagers increased due to the breakdown of the link road
बाढ़ की समस्या से रेवतीपुर ब्लाक के 12 गांवों के लोग जूझ रहे हैं। निचला इलाका होने से बाढ़ का पानी पूरे क्षेत्र में फैल गया है। बाढ़ के पानी से शुक्रवार को पटकनिया-रामपुर एप्रोच मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था। पटकनिया गांव में स्थित पुलिया से पूरे सड़क का संपर्क टूट गया। इसके बाद सड़क बहुत खतरनाक हो गई है। यहां हादसे की आशंका बनी रहती है। लोगों का कहना है कि पिछले दो दिनों से मार्ग क्षतिग्रस्त है लेकिन किसी अधिकारी का दौरा नहीं हुआ और न ही कोई सुरक्षा व्यवस्था किया गया।
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यह मार्ग कालूपुर, बवाड़े, युवराजपुर, पटकनिया, रामपुर, कल्याणपुर, नरायणापुर, गोपालपुर, तिलवां और रेवतीपुर के बीच संपर्क का मुख्य जरिया है। साथ ही रेवतीपुर ब्लाक पर जाने के लिए पटकनिया, युवराजपुर, बवाड़े और कालूपुर के लोग इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। बाढ़ के चलते संपर्क मार्ग के टूट जाने से क्षेत्र के लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई है।
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रेवतीपुर क्षेत्र के तटवर्ती गांवों के सभी संपर्क मार्ग बाढ़ की चपेट में आ गये हैं। पूरा क्षेत्र चारों तरफ से बाढ़ की चपेट में है। इस बीच, पटकनिया-रामपुर एप्रोच मार्ग के क्षतिग्रस्त हो जाने से लोग काफी चिंतित हैं। पहले ही पटकनिया गांव चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिरा है। युवराजपुर और गौरा की तरफ से बाढ़ का पानी सड़क पर चढ़कर आवागमन बाधित किए है। इसमें एप्रोच मार्ग का क्षतिग्रस्त होना क्षेत्र की बड़ी परेशानी पैदा करेगा।
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पटकनिया के चंद्रमा सिंह, वकील चौधरी और जनार्दन यादव का कहना है कि एप्रोच मार्ग क्षतिग्रस्त होने के बाद किसी अधिकारी का दौरा नहीं हुआ। न ही वहां सुरक्षा व्यवस्था की गई। सड़क बहुत खतरनाक हो गई है। बाढ़ खत्म होने बाद इसे दुुरूस्त कराने का काम तत्काल होना चाहिए। लोगों का कहना है कि ब्लॉक पर जाने से लेकर खेत पर ट्रैक्टर आदि लेकर जाने और ताड़ीघाट-बारा मार्ग से संपर्क साधने के लिए एप्रोच मार्ग ही सहारा है। जो आधा दर्जन से अधिक गांव के लोगों के आवागमन का प्रमुख जरिया था।
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