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तत्कालीन ग्राम प्रधान ने खाते में करा लिया लाखों रुपये स्थानांतरण

Thu, 28 Oct 2021 11:36 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 28 Oct 2021 11:36 PM IST
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The then village head got lakhs of rupees transferred in the account
ग्राम सभा के विकास कार्यों के लिए दिए जा रहे धन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी एवं अनियमिता का मामला आरटीआई द्वारा मांगी गई सूचना के जरिए प्रकाश में आया है। शिकायतकर्ता ने बीते 20 अक्तूबर को डीएम को आरटीआई द्वारा मिली रिपोर्ट भेजकर बताया कि गाशंदेपुर में वर्ष 2009 से 2015 के बीच ग्राम निधि के खाते में 31 लाख 37 हजार 750 रुपये तत्कालीन ग्राम प्रधान द्वारा व्यक्तिगत खाते और नजदीकी के खाते में 22 लाख 22 हजार 750 रुपय ट्रांसफर करा लिया था। जबकि 417979 रुपये शौचालय निर्माण के नाम पर निकाल लिए गए थे।
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शिकायतकर्ता गाशंदेपुर गांव निवासी नीरज कुमार सिंह ने सूचना के अधिकार कानून के तहत ग्राम सभा में 2009 से 2015 के बीच ग्राम निधि के खाते का ब्यौरा मांगा था। सूचना से मिले ग्राम निधि के खाते के ब्यौरे चौंकाने वाले आए। बीते 21 नवंबर 2009 से 20 मार्च 2015 के बीच ग्राम निधि के खाता संख्या 38202010765110 से 3137750 (इकत्तीस लाख सैंतीस हजार सात पचास रुपये) तत्कालीन ग्राम प्रधान फेकनी देवी ने अपने व्यक्तिगत खाते में अलग-अलग 120 बेयरर चेकों के माध्यम से और नजदीकी संतोष कन्नौजिया के खाते में 74 बेयरर चेकों के माध्यम से 2222750 (बाइस लाख बाइस हजार सात सौ पचास रुपये) ट्रांसफर करा दिया गया है। यही नहीं शौचालय निर्माण के लिए भी 417979 रुपये उतार लिए गए, लेकिन शौचालय नहीं बना। शिकायतकर्ता नीरज सिंह ने आरोप लगाया कि ग्राम विकास कार्यों के नाम पर 5360500/ ( 53 लाख साठ हजार पांच सौ रुपये) दो लोगों के निजी खाते में ट्रांसफर करा दिया गया जो घोर अनियमितता और भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है। ये पूरा पैसा लूट लिया गया है अगर इस पैसे को विकास कार्यों में लगाना था तो फिर दो लोगों के व्यक्तिगत खातों में क्यों और कैसे ट्रांसफर किया गया। नियमानुसार 50 रुपये से अधिक के कामों का ब्यौरा बिल बुक में दर्ज होना चाहिए। जुलाई 2011 के शासनादेश में स्पष्ट है कि मानदेय को छोड़कर कोई भी भुगतान बियरर चेक से नहीं किया जाएगा। इस मामले में शिकायतकर्ता ने आरटीआई के माध्यम से आई रिपोर्ट जिलाधिकारी को भी भेजा है। खंड विकास अधिकारी शांति देवी ने बताया कि मामला काफी पुराना है और कैसे धनराशि को दो लोगों के खाते में नियमों के विपरीत ट्रांसफर कर दिया गया था। इसकी पूरी जांच के बाद ही वास्तविकता सामने आ सकेगी।
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